Q.21
‘सुदूर’ का सही विलोम है -
- (A)
अगम
- (B)
अलभ्य
- (C)
आभ्यंतर
- (D)
सन्निकट
150 सवाल · पेज 2/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.21
‘सुदूर’ का सही विलोम है -
अगम
अलभ्य
आभ्यंतर
सन्निकट
Q.22
निम्नलिखित में से कौनसा शब्द ‘इक’ प्रत्यय से निर्मित होते हुए अशुद्ध वर्तनी वाला है?
नैतिक
समाजिक
रासायनिक
ऐतिहासिक
Q.23
अपठित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 23 से 24 तक के उत्तर दीजिए -
‘भाषा ऐसी होनी चाहिए जो सरल हो और भावों को बिल्कुल ठीक-ठीक अभिव्यक्त करने की क्षमता से संपन्न हो। शब्दकोश में तो शब्द ही शब्द भरे होते हैं, पर मैं लाख होशियारी बरतूँ, तो भी उनमें से क्या अपने लिए कोई शब्द चुन सकता हूँ? मैं समझता हूँ कि शब्द होशियारी से नहीं चुना जाता, अंतस्संज्ञा उसे आप चुन लेती है - मन के भीतर के शब्दकोश से। मुझे लगता है कि जब मन में कोई भाव उठता है, तो अपने आप अभिव्यक्ति की संज्ञा भी साथ लिए रहता है, जो स्पष्ट हुई तो शब्द झट मिल जाता है और अस्पष्ट या धूमिल-सी हुई तो सृजन की उस प्रक्रिया में एक के बाद दूसरा शब्द उपस्थित चुनौती का सामना करने के लिए मन की गहराइयों में से उठकर ऊपर आ जाता है - वैसे ही जैसे सीता-स्वयंवर में एक के बाद दूसरा वीर उस धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाने के लिए आया था और अपना सा मुँह लेकर चला जाता था। जब ठीक शब्द मिल जाता है तब सर्जक-मन परम सुख से उसके गले में वरमाला डाल देता है।’
इस अवतरण में ‘अभिव्यक्ति’ को स्वयंवर कहा गया है, क्योंकि उसमें -
प्रदर्शन की भावना होती है।
सार्वजनिक सहयोग होता है।
उचित शब्द को स्वयं खोज लेने की क्षमता होती है।
लेखक की विद्वत्ता प्रकट होती है।
Q.24
इस गद्यांश में लेखक ने मुख्य रूप से -
सीता स्वयंवर का चित्रण किया है।
साहित्य की सृजन-प्रक्रिया का चित्रण किया है।
भाषा विज्ञान की व्याख्या की है।
भाषा का समाजशास्त्रीय अध्ययन प्रस्तुत किया है।
Q.25
अपठित पद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 25 से 26 तक के उत्तर दीजिए -
अगर मैं तुमको
ललाती साँझ के नभ की अकेली तारिका
अब नहीं कहता,
या शरद के भोर की नीहार-नहायी कुंई,
टटकी कली चंपे की
वगैरह, तो
नहीं कारण कि मेरा हृदय उथला या कि सूना है,
या कि मेरा प्यार मैला है।
बल्कि केवल यही:
ये उपमान मैले हो गए हैं
देवता इन प्रतीकों के कर गए हैं कूच
कभी बासन अधिक घिसने से मुलम्मा छूट जाता है।
यहाँ ‘मुलम्मा’ शब्द का अर्थ है -
चमक
परत
मूल धातु
पानी
Q.26
‘देवता इन प्रतीकों के कर गए हैं कूच’ का तात्पर्य है -
देवता प्रतीक से दूर चले गए हैं।
प्रतीक अर्थहीन हो गए हैं।
देवताओं का प्रतीक में प्रयोग उचित नहीं है।
देवता एवं प्रतीक का कोई संबंध नहीं है।
Q.27
राहुल सांकृत्यायन के अनुसार हिन्दी का प्रथम कवि है -
पुष्य
शालिभद्र सूरी
सरहपा
देवसेन
Q.28
’’चौरासी वैष्णवन’’ की वार्ता के लेखक हैं?
नाभादास
नंददास
गोकुलनाथ
सूरदास
Q.29
‘भगवान के पोषण या अनुग्रह से ही भक्ति प्राप्त होती है’ ऐसा मानने वाला संप्रदाय है -
पुष्टि मार्ग
सखी संप्रदाय
राधा वल्लभ संप्रदाय
राम स्नेही संप्रदाय
Q.30
तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाये।
झुके कूल सों जल परसन हित मनहुँ सुहाये।।
उक्त काव्यांश की दूसरी पंक्ति में कौनसा अलंकार है?
यमक
दृष्टान्त
श्लेष
उत्प्रेक्षा
Q.31
आई है वीरता तपोवन में, क्या पुण्य कमाने को?
या संन्यास साधना में है, दैहिक शक्ति जगाने को?
उक्त पंक्तियों में अलंकार है -
भ्रांतिमान
उत्प्रेक्षा
संदेह
उदाहरण
Q.32
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंधों के विषय में कौनसा कथन सही नहीं है?
इतिहास, पुराण आदि से गंभीर तथ्य उठाते हुए वे प्रायः उन्हें समसामयिकता से जोड़ देते हैं।
पाण्डित्य को सहजता की ओर ले जाना उनका स्वभाव है।
अधिकांश निबंधों में उन्होंने सपाट और सतही विवरण दिये हैं।
उनके निबंधों में सांस्कृतिक विरासत के वर्चस्व के साथ उत्कृष्ट जिजीविषा एवं नवीन जीवन बोध दिखाई देता है।
Q.33
निम्नलिखित में से ‘सी.ए.आई.’ को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?
सी.पी.आई.
सी.डी.आई.
सी.जी.आई.
सी.एस.आई.
Q.34
निम्नलिखित में से कौनसी शिक्षण प्रतिमान की विशेषता नहीं है?
शिक्षण प्रतिमान वे सांचे या योजना हैं, जिन्हें शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के सफल क्रियान्वयन हेतु अग्रिम रूप से तैयार किया जाता है।
शिक्षण प्रतिमान वे सांचे या योजना हैं, जिनके माध्यम से पाठ्यक्रम निर्धारण किया जाता है।
शिक्षण प्रतिमानों से एक उचित शिक्षण अधिगम वातावरण के निर्माण में सहयोग मिलता है, जिससे शिक्षण अधिगम उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु प्रभावी शिक्षण किया जा सके।
किसी विशेष शिक्षण अधिगम परिस्थिति में प्रदत्त विशिष्ट अनुदेशन हेतु शिक्षण प्रतिमानों के द्वारा हमें विशिष्ट अनुदेशनात्मक प्रारूप प्राप्त हो सकते हैं।
Q.35
सूफी कवियों में निम्नलिखित में से किन्हें नहीं माना जाता है?
कुतुबन
मंझन
उसमान
रसखान
Q.36
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना किस ‘सप्तक’ में संकलित कवि हैं?
तार सप्तक
दूसरा सप्तक
तीसरा सप्तक
चौथा सप्तक
Q.37
सठ सुधरहिं सत संगति पाई।
पारस परस कुधात सुहाई।।
इस पंक्ति में कौनसा अलंकार है?
उदाहरण
दृष्टांत
रूपक
उपमा
Q.38
निम्नलिखित में से कौनसा शिक्षा मनोविज्ञान का कार्य नहीं है?
वैयक्तिक भिन्नताओं को समझना।
बालकों की समस्याओं को समझना।
मानसिक विकृत बालकों का उपचार।
समूह गत्यात्मकता की समझ
Q.39
प्रदत्त विकल्पों में से आदिकाल को ‘चारणकाल’ की संज्ञा देने वाले विद्वान कौन थे?
मिश्रबंधु
रामशंकर शुक्ल ‘रसाल’
जॉर्ज ग्रियर्सन
राहुल सांकृत्यायन
Q.40
सोशल मीडिया में परिगणित नहीं है -
इंस्टाग्राम
फिल्म
ब्लॉग्स
ट्विटर