आण्विक कक्षकों में निम्नलिखित में से कौनसी इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था सही प्रदर्शित की गई है?
(A)
$Be_2 = KK, \sigma_{2s}^2, \sigma_{2s}^{*2}$
(B)
$Na_2 = KK, LL, \sigma_{3s}^1$
(C)
$He_2^+ = \sigma_{1s}^2, \sigma_{1s}^{*2}$
(D)
$Li_2 = KK, \sigma_{2s}^1$
Q.22
क्रिसमस कारक जाना जाता है -
(A)
कारक III से
(B)
कारक X से
(C)
कारक XIII से
(D)
कारक IX से
Q.23
“रेड डेटा बुक” किसके द्वारा प्रकाशित एवं संधृत रखी जाती है?
(A)
डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ.
(B)
पर्यावरण मंत्रालय, भारत सरकार
(C)
द इन्टरनेशनल यूनियन फॉर कन्जर्वेशन ऑफ नेचर
(D)
यूनेस्को
Q.24
नेटम में मादा युग्मकोद्भिद का विकास होता है -
(A)
चतुष्कीबीजाणुज
(B)
द्विबीजाणुज
(C)
एकबीजाणुज
(D)
त्रिबीजाणुज
Q.25
असंवहनीय, बीज एवं जटिल ऊतकीय संरचना रहित युग्मोद्भिदी पादप, जिनमें पीढ़ी एकान्तरण पाया जाता है-
(A)
मॉस
(B)
मशरूम
(C)
फर्न
(D)
शैवाल
Q.26
समान त्रिज्या एवं समान लम्बाई के दो भिन्न-भिन्न धातुओं के A एवं B तारों को जोड़कर एक लम्बा तार बनाया गया। इसके एक सिरे को नियत करके दूसरे सिरे पर बल लगाने पर इस तार की लंबाई में विस्तार $4\text{ cm}$ है। यदि $Y_B = 3Y_A$, तो तार B की लम्बाई में परिवर्तन है - ($Y$ - यंग प्रत्यास्थता गुणांक)
(A)
$1\text{ cm}$
(B)
$2\text{ cm}$
(C)
$4\text{ cm}$
(D)
$3\text{ cm}$
Q.27
$m$ कि. ग्रा. पानी के प्रतिदर्श को धीरे - धीरे $T_1$ ताप से $T_2$ ताप तक गर्म किया जाता है। पानी की एण्ट्रॉपी में परिवर्तन होगा-
(A)
$ms \ln (T_2 - T_1)$
(B)
$\frac{ms}{\ln (T_2 - T_1)}$
(C)
$ms \ln \left(\frac{T_2}{T_1}\right)$
(D)
$ms (T_2 - T_1)$
Q.28
ऊर्जा परास $E$ तथा $E + dE$ में एक त्रिविमीय निकाय का क्वांटम अवस्था घनत्व $m^a E^b$ के समानुपाती है। यहाँ $a$ तथा $b$ का क्रमशः मान है -
(A)
$\frac{3}{2}$ एवं $rac{1}{2}$
(B)
$\frac{1}{2}$ एवं $rac{1}{2}$
(C)
$\frac{3}{2}$ एवं $rac{3}{2}$
(D)
$\frac{1}{2}$ एवं $rac{3}{2}$
Q.29
तीन बिन्दु आवेश $2q, Q$ एवं $q, x$ अक्ष के अनुदिश बिंदुओं क्रमशः $x = 0, x = \frac{1}{2}$ तथा $x = 1$ पर रखे हैं। यदि आवेश $q$ पर कुल बल शून्य है, तो $Q$ का मान है -
(A)
$\frac{-q}{3}$
(B)
$-q$
(C)
$\frac{-q}{2}$
(D)
$\frac{-q}{4}$
Q.30
समान द्रव्यमान $m$ के दो कण भिन्न दिशाओं में समान चाल $v$ से चलते हुए टकराते हैं तथा आपस में चिपक जाते हैं। टक्कर के पश्चात संयुक्त कण की चाल $\frac{v}{2}$ है। टक्कर से पूर्व दोनों कणों के वेगों के मध्य कोण है -
(A)
$45^\circ$
(B)
$120^\circ$
(C)
$60^\circ$
(D)
$90^\circ$
Q.31
आवर्ती (हारमोनिक) परिवर्तित क्षेत्रों के लिए निम्न में से कौनसी मैक्सवेल समीकरण सही नहीं है?
(A)
$\nabla \cdot \vec{D} = \rho$
(B)
$\nabla \cdot \vec{B} = 0$
(C)
$\nabla \times \vec{H} + jW\vec{D} = \vec{J}$
(D)
$\nabla \times \vec{E} + jW\vec{B} = 0$
Q.32
दो समतल ध्रुवण पट्टिकाओं की व्यवस्था में इनके तल इस प्रकार अभिविन्यासित हैं कि उनसे पारगमित प्रकाश की तीव्रता अधिकतम है। (आपतित प्रकाश को अध्रुवित मानें) इनमें से एक पट्टिका को कितने कोण से घुमाया जाए जिससे पारगमित प्रकाश की तीव्रता अधिकतम की एक चौथाई रह जाए?
(A)
$\pi/3$ एवं $2\pi/3$
(B)
$\pi/6$ एवं $5\pi/6$
(C)
$\pi/4$ एवं $3\pi/4$
(D)
$\pi/2$
Q.33
वायरस प्रविष्टि के द्वारा अनुलेखन कारक का निष्क्रियकरण जो एक स्थायी प्रकार की कोशिका को दूसरे प्रकार में परिवर्तित कर सकता है, कहलाता है-
(A)
टेराटोमा निर्माण
(B)
ट्रांसलेशन
(C)
ट्रांसक्रिप्शन (अनुलेखन)
(D)
ट्रांस डिफरेंशियेशन
Q.34
श्वेत रुधिर कणिकाओं के लिए कौन सा कथन सही नहीं है?
(A)
इनको ल्यूकोसाइट भी कहते हैं।
(B)
न्यूट्रोफिल हिपेरिन का स्त्रावण करते हैं।
(C)
न्यूट्रोफिल की संख्या, श्वेत रुधिर कणिकाओं में अधिकतम होती है।
(D)
इनमें केन्द्रक पाया जाता है।
Q.35
$CH_3 - \overset{O}{\parallel}C - CH_2 - CH_2 - \overset{O}{\parallel}C - OH$ का IUPAC नाम है-
(A)
1-हाइड्रॉक्सीपेन्टेन-1, 4-डाइऑन
(B)
1, 4-डाइऑक्सोपेन्टेनॉल
(C)
1-कार्बोक्सीब्यूटेन-3-ऑन
(D)
4-ऑक्सोपेन्टेनोइक अम्ल
Q.36
यंग के द्वि स्लिट प्रयोग में, पर्दे पर दो बिन्दुओं P एवं Q जहाँ व्यतिकरण करने वाली तरंगों के मध्य पथान्तर क्रमशः $\frac{\lambda}{4}$ एवं $\frac{\lambda}{2}$ है, पर तीव्रताओं का अनुपात होगा -
(A)
$\frac{1}{2}$
(B)
अनंत
(C)
2
(D)
शून्य
Q.37
निम्नलिखित में से किसमें कैल्शियम की एक महत्वपूर्ण भूमिका है?
(A)
खून में ऑक्सीजन वाहक
(B)
खून का थक्का जमने में सहायक
(C)
ऐल्डिहाइड के ऑक्सीकरण में
(D)
मांसपेशी ऊतक में ऑक्सीजन संग्रहण
Q.38
प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले प्रतिवाष्पोत्सर्जक का एक उदाहरण है -
(A)
फेनिल मर्त्युरिक क्लोराइड
(B)
पॉलीएथिलिन
(C)
एब्सिसिक अम्ल
(D)
डाइमेथिल सिलिकोन
Q.39
$U^{238}$ नाभिक $\alpha$-कण उत्सर्जित कर $Th^{234}$ में बदलता है यदि उत्सर्जित $\alpha$-कण का वेग $v$ व गतिज ऊर्जा $E$ है, तो अवशिष्ट नाभिक $Th^{234}$ की गतिज ऊर्जा ($K_{Th}$) होगी -