Q.81
‘बहुरी सखी सुफलकसुत आयो - परयोसंदेह उर गाढ़ो’ - भ्रमरगीतसार में यहाँ सुफलकसुत से आशय है -
- (A)
सूरदास
- (B)
कृष्ण
- (C)
उद्धव
- (D)
अक्रूर
150 सवाल · पेज 5/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.81
‘बहुरी सखी सुफलकसुत आयो - परयोसंदेह उर गाढ़ो’ - भ्रमरगीतसार में यहाँ सुफलकसुत से आशय है -
सूरदास
कृष्ण
उद्धव
अक्रूर
Q.82
“कर्त्तव्य उसके भीतर अरमान की भाँति उछल रहा था।” ‘पूस की रात’ की उक्त पंक्ति में ‘उसके’ शब्द किसके लिए आया है?
हल्कू
मुन्नी
जबरा
सहना
Q.83
भाषा शिक्षण हेतु शिक्षण साधनों में सर्वाधिक सहायक सरल, सहज व आसानी से उपलब्ध व प्रयुक्त होने वाला सहायक साधन है-
भाषा प्रयोगशाला
स्लाइड प्रोजेक्टर
श्यामपट्ट
लिंग्वाफोन
Q.84
‘देव्यैश्वर्य’ का संधि-विच्छेद क्या होगा ?
देवी + ऐश्वर्य
देवी + एश्वर्य
देव + ऐश्वर्य
देव + एश्वर्य
Q.85
निम्न में से सुमेलित विकल्प नहीं है :
जो भूमि उपजाऊ हो - उर्वरा
इंद्रियों से संबंधित - ऐंद्रिक
इस लोक से संबंधित - ऐतिहासिक
जिसका संबंध उपन्यास से हो - औपन्यासिक
Q.86
‘उगले तो अंधा, निगले तो कोढ़ी’ का अर्थ है -
समय बीत जाने पर काम करना
विपरीत कार्य करना
खाने को बहुत कम मिलना
दुविधा में पड़ना
Q.87
निम्न में से शुद्ध शब्द है :
पड़ोसी
अतिथी
अलोकिक
अनसूया
Q.88
निम्न में से सोरठा छंद में नहीं होता :
विषम चरण में 11 मात्राएँ होती हैं।
सम चरण में 13 मात्राएँ होती हैं।
यह मात्रिक अर्द्धसम छंद है।
सम चरण तुकांत होते हैं।
Q.89
निम्न में से किस विकल्प में सभी शब्द ‘किरण’ के पर्यायवाची हैं ?
मरीचि, जाह्नवी, सुधांशु
अंशु, रश्मि, कर
प्रभा, मंदाकिनी, मृगांक
उदक, रजनीचर, भास्कर
Q.90
निम्न में से सुमेलित युग्म नहीं है :
(1) मुल्ला दाऊद - चंदायन
(2) ईश्वरदास - सत्यवती कथा
(3) कुतुबन - मृगावती
(4) गणपति - लखमसेन पद्मावती कथा
मुल्ला दाऊद - चंदायन
ईश्वरदास - सत्यवती कथा
कुतुबन - मृगावती
गणपति - लखमसेन पद्मावती कथा
Q.91
किस विकल्प के सभी शब्द स्त्रीलिंग रूप हैं ?
तुई, सरसों, आलू
आँख, नाक, कान
लौकी, चटाई, मिठाई
सूजी, गेहूँ, चना
Q.92
‘गद्यं कवीनाम् निकषं वदन्ति’ - इस उक्ति के प्रणेता हैं -
बाणभट्ट
आचार्य श्यामसुन्दर दास
पंडित हजारीप्रसाद द्विवेदी
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
Q.93
तत्सम-तद्भव की दृष्टि से सुमेलित युग्म नहीं है -
वत्स - बछड़ा
चंचु - चोंच
हल्दी - हरदी
क्षीर - खीर
Q.94
निम्न में से गलत कथन है :
अव्ययीभाव समास में पूर्व पद प्रधान होता है ।
तत्पुरुष समास में पूर्व पद प्रधान होता है ।
द्वंद्व समास में दोनों पद प्रधान होते हैं ।
बहुव्रीहि समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता है ।
Q.95
स्याम मिलन सिंगार सजावाँ, सुखरी सेज बिछावाँ ।
मीराँ रे प्रभु गिरधर नागर, बार बार बलि जावाँ ।।
उक्त पंक्तियों में अभिव्यक्त भाव है -
स्तुति-वंदना
विनय
प्रेमाभिलाषा
विरक्ति
Q.96
‘लहरों के राजहंस’ का कथानक निम्न में से किस रचना पर आधारित है ?
मेघदूत
सौन्दर नंद
मालविकाग्निमित्र
मृच्छकटिकम्
Q.97
वह प्रक्रिया जिसके द्वारा विद्यार्थी द्वारा अर्जित ज्ञान का ही नहीं, अपितु शिक्षण के उद्देश्यों की प्राप्ति व शिक्षण पद्धति के प्रभाव की भी जाँच सम्भव होती है, कही जाती है -
मापन
परीक्षण
नैदानिक परीक्षण
मूल्यांकन
Q.98
जिस विकारी शब्द से संज्ञा की व्याप्ति मर्यादित होती है, उसे कहते हैं -
विशेषण
क्रिया
अव्यय
संज्ञा
Q.99
‘आशुतोष’ शब्द के लिए उपयुक्त वाक्यांश है -
जो हमेशा रहने वाला है।
जो प्रारंभ से चला आ रहा है।
जो शीघ्र प्रसन्न होने वाला हो।
जो तत्त्व को जानने वाला है।
Q.100
‘थोड़े लाभ के चक्कर में भारी नुकसान हो जाने’ के लिए उपयुक्त लोकोक्ति है -
गूदड़ में लाल नहीं छिपता
गयी माँगने पूत, खो आई भरतार
गवाह चुस्त मुद्दई सुस्त
आँख का अंधा गाँठ का पूरा