Q.1
किस विकल्प के सभी शब्द अशुद्ध हैं ?
- (A)
व्यवसायिक, मार्मिक, पर्वतीय
- (B)
क्योकि, गृहणी, आह्वान
- (C)
दिवाली, घोटाला, केंद्रीय
- (D)
अंधाधुंध, डावांडोल, आगंतुक
150 सवाल · पेज 1/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.1
किस विकल्प के सभी शब्द अशुद्ध हैं ?
व्यवसायिक, मार्मिक, पर्वतीय
क्योकि, गृहणी, आह्वान
दिवाली, घोटाला, केंद्रीय
अंधाधुंध, डावांडोल, आगंतुक
Q.2
योजक चिह्न का प्रयोग निम्नलिखित में से कहाँ नहीं होता है ?
पदबंध को सामासिक पद बनाने के लिए ।
पुनरुक्त शब्दों के बीच में ।
द्वन्द्व समास के पदों के बीच में ।
किसी पुस्तक या अवतरण के साथ, उसके लेखक के नाम से पहले ।
Q.3
निम्नलिखित अनुच्छेद के आधार पर उत्तर दीजिए :
जिन कर्मों में किसी प्रकार का कष्ट या हानि सहने का साहस अपेक्षित होता है उन सब के प्रति उत्कण्ठापूर्ण आनन्द उत्साह के अन्तर्गत लिया जाता है । कष्ट या हानि के भेद के अनुसार उत्साह के भी भेद हो जाते हैं । साहित्य-मीमांसकों ने इसी दृष्टि से युद्ध-वीर, दान-वीर, दया-वीर इत्यादि भेद किये हैं । इनमें सबसे प्राचीन और प्रधान युद्ध वीरता है, जिसमें आघात, पीड़ा क्या मृत्यु तक की परवा नहीं रहती । इस प्रकार की वीरता का प्रयोजन अत्यन्त प्राचीन काल से पड़ता चला आ रहा है, जिसमें साहस और प्रयत्न दोनों चरम उत्कर्ष पर पहुँचते हैं । पर केवल कष्ट या पीड़ा सहन करने के साहस में ही उत्साह का स्वरूप स्फुरित नहीं होता । उसके साथ आनन्द-पूर्ण प्रयत्न या उसकी उत्कण्ठा का योग चाहिए । बिना बेहोश हुए भारी फोड़ा चिराने को तैयार होना साहस कहा जायेगा, पर उत्साह नहीं । इसी प्रकार चुपचाप, बिना हाथ-पैर हिलाये, घोर प्रहार सहने के लिए तैयार रहना साहस और कठिन-से-कठिन प्रहार सहकर भी जगह से न हटना धीरता कही जायेगी । ऐसे साहस और धीरता को उत्साह के अन्तर्गत तभी ले सकते हैं जबकि साहसी या धीर उस काम को आनन्द के साथ करता चला जायेगा जिसके कारण उसे इतने प्रहार सहने पड़ते हैं । सारांश यह कि आनन्दपूर्ण प्रयत्न या उसकी उत्कण्ठा में ही उत्साह का दर्शन होता है, केवल कष्ट सहने के निश्चेष्ट साहस में नहीं । धृति और साहस दोनों का उत्साह के बीच संचरण होता है ।
‘धीरता’ शब्द है
क्रिया
विशेषण
संज्ञा
क्रिया-विशेषण
Q.4
शब्द-शक्ति विषयक कौन सा कथन गलत है ?
वाचक शब्द के प्रकार हैं - रूढ़, यौगिक, योगरूढ़ ।
‘पंकज’ रूढ़ शब्द है ।
‘संध्या हो गई ।’ वाक्य में व्यंजना शब्द-शक्ति है ।
व्यंजना शब्द-शक्ति छिपे हुए अर्थ का बोध कराती है ।
Q.5
हिन्दी साहित्य के इतिहास का काल-विभाजन करने वाले प्रथम इतिहासकार माने जाते हैं
डॉ. जार्ज ग्रियर्सन
मिश्रबन्धु
शिवसिंह सेंगर
रामचन्द्र शुक्ल
Q.6
रचना एवं रचनाकार की दृष्टि से असंगत विकल्प है
बीसलदेव रासो - नरपति नाल्ह
परमाल रासो - जगनिक
खुमाण रासो - शालिभद्र सूरि
पृथ्वीराज रासो - चन्दबरदाई
Q.7
रचनाकार एवं रचनाओं की दृष्टि से कौन सा विकल्प सुमेलित नहीं है ?
जयशंकर प्रसाद - अर्चना, आराधना, गीत गुंज
सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ - अणिमा, बेला, नये पत्ते
सुमित्रानन्दन पंत - अतिमा, वाणी, लोकायतन
महादेवी वर्मा - सांध्यगीत, दीपशिखा, नीरजा
Q.8
‘हँसै न बोलै उनमनी, चंचल मेल्हा मारि।’ कबीर की इस पंक्ति में प्रयुक्त ‘उनमनी’ शब्द प्रयोग निम्नलिखित में से किस दशा के लिए हुआ है ?
तंत्र-मंत्र की विद्या के लिए
योग की एक विशिष्ट दशा के लिए
संगीत में एक प्रकार के राग के लिए
साहित्य में श्रृंगारिक वर्णन के लिए
Q.9
निम्नलिखित में से मनोवैज्ञानिक उपन्यास नहीं है :
शेखर : एक जीवनी
वह जो मैंने देखा
गोदान
नदी के द्वीप
Q.10
वाच्य के विषय में कौन सा कथन सही नहीं है ?
कर्तृवाच्य अकर्मक-सकर्मक दोनों क्रियाओं में होता है ।
कर्मवाच्य सकर्मक क्रियाओं में होता है ।
भाववाच्य सकर्मक-अकर्मक दोनों क्रियाओं में होता है ।
भाववाच्य क्रिया बहुधा अशक्तता के अर्थ में आती है ।
Q.11
प्रेरणार्थक क्रियाओं के विषय में असंगत कथन है
ये आत्मप्रेरणा से की जाती हैं ।
इनके दो भेद होते हैं ।
ये क्रियाएँ सकर्मक होती हैं ।
मूल धातु में ‘आ’ और ‘वा’ लगाकर ये क्रियाएँ बनाई जाती हैं ।
Q.12
‘अपने कुल का श्रेष्ठ या प्रतिष्ठित व्यक्ति’ वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द है
कुलांगार
कुलकंटक
कुलकेतु
कुलीन
Q.13
“प्रबल जो तुम में पुरुषार्थ हो।
सुलभ कौन तुम्हें न पदार्थ हो।
प्रगति के पथ में विचरो उठो।
भुवन में सुख-शांति भरो उठो।”
उपर्युक्त कवितांश में कौन सा छंद प्रयुक्त हुआ है ?
द्रुतविलंबित छंद
चौपाई छंद
सवैया छंद
कवित्त छंद
Q.14
हिन्दी साहित्य के रीतिकाल को ‘अलंकृत काल’ नामकरण करने वाले विद्वान हैं
मिश्रबन्धु
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
पं. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी
Q.15
“वयणसगाई वालियां पेखीजै रस-पोस।
वीर-हुतासण-वोल-में दीसै हेक न दोस ॥”
उपर्युक्त दोहे में यहाँ ‘वयणसगाई’ से क्या तात्पर्य है ?
अनुप्रास के समान एक अलंकार
सोलह संस्कारों में से एक संस्कार
एक प्रकार का रीति-रिवाज
सुन्दर एवं युवा स्त्रियाँ
Q.16
“डरो मत अरे अमृत संतान अग्रसर है मंगलमय वृद्धि। पूर्ण आकर्षण जीवन केन्द्र खिंची आवेगी सकल समृद्धि।” कामायनी में उपर्युक्त कथन किसका है?
मनु
श्रद्धा
लज्जा
इड़ा
Q.17
‘तबहिं उपंगसुत आय गए ।’ ‘भ्रमरगीत सार’ के पद की इस पंक्ति में ‘उपंगसुत’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है ?
श्रीकृष्ण के लिए
उद्धव के लिए
श्रीदामा के लिए
भौंरे के लिए
Q.18
सस्वर वाचन के दो रूप हैं
सामूहिक वाचन एवं मौन वाचन
व्यक्तिगत वाचन एवं सामूहिक वाचन
द्रुत वाचन एवं गंभीर वाचन
अध्ययन एवं विहंगावलोकन वाचन
Q.19
निम्नलिखित में से कौन सी गद्य शिक्षण की विधि नहीं है ?
अर्थबोध विधि
व्याख्या विधि
विश्लेषण विधि
खण्डान्वय विधि
Q.20
“युद्ध ही योद्धा की महान् लिप्सा होती है, रिपु का यह मर्दन और उसके रक्त से नित्य नूतन तर्पण ही उसके राज्य और हृदय के लिए श्रेष्ठ वरदान सिद्ध होता है।”
‘खून का टीका’ उपन्यास में इस कथन के ‘वक्ता’ और ‘श्रोता’ कौन हैं ?
| वक्ता | श्रोता |
| :— | :— |
अनंगसिंह - हम्मीर
वरवड़ी - हम्मीर
लाखा - अरसी
चारण अमरदान - हम्मीर