अभिकथन (A) – उपचारात्मक शिक्षण एक निरंतर विकासशील प्रक्रिया है। कारण (R) – शैक्षिक निदान के पश्चात् उपचार और उस उपचार की प्रभाविकता की जाँच के लिए पुनः परीक्षण किया जाता है।
(A)
(A) एवं (R) दोनों सही हैं और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(B)
(A) एवं (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(C)
(A) सही है, परन्तु (R) गलत है।
(D)
(R) सही है, परन्तु (A) गलत है।
Q.22
निम्नलिखित में गलत विवरण है :
(A)
उच्चारण के अनुसार स्वरों के दो भेद हैं - सानुनासिक और निरनुनासिक ।
सभी वर्गों के द्वितीय - चतुर्थ वर्ण महाप्राण हैं ।
Q.23
निम्नलिखित में से अशुद्ध शब्द नहीं है :
(A)
पुनरपि
(B)
पश्चाताप
(C)
अधिशाषी
(D)
भर्त्सना
Q.24
किसी के वाक्यों को उद्धृत करने के पूर्व निम्नलिखित में से किस विराम चिह्न का प्रयोग किया जाता है ?
(A)
निर्देशक चिह्न
(B)
योजक चिह्न
(C)
अवतरण चिह्न
(D)
अर्द्धविराम चिह्न
Q.25
निम्नलिखित अनुच्छेद के आधार पर उत्तर दीजिए :
जिन कर्मों में किसी प्रकार का कष्ट या हानि सहने का साहस अपेक्षित होता है उन सब के प्रति उत्कण्ठापूर्ण आनन्द उत्साह के अन्तर्गत लिया जाता है । कष्ट या हानि के भेद के अनुसार उत्साह के भी भेद हो जाते हैं । साहित्य-मीमांसकों ने इसी दृष्टि से युद्ध-वीर, दान-वीर, दया-वीर इत्यादि भेद किये हैं । इनमें सबसे प्राचीन और प्रधान युद्ध वीरता है, जिसमें आघात, पीड़ा क्या मृत्यु तक की परवा नहीं रहती । इस प्रकार की वीरता का प्रयोजन अत्यन्त प्राचीन काल से पड़ता चला आ रहा है, जिसमें साहस और प्रयत्न दोनों चरम उत्कर्ष पर पहुँचते हैं । पर केवल कष्ट या पीड़ा सहन करने के साहस में ही उत्साह का स्वरूप स्फुरित नहीं होता । उसके साथ आनन्द-पूर्ण प्रयत्न या उसकी उत्कण्ठा का योग चाहिए । बिना बेहोश हुए भारी फोड़ा चिराने को तैयार होना साहस कहा जायेगा, पर उत्साह नहीं । इसी प्रकार चुपचाप, बिना हाथ-पैर हिलाये, घोर प्रहार सहने के लिए तैयार रहना साहस और कठिन-से-कठिन प्रहार सहकर भी जगह से न हटना धीरता कही जायेगी । ऐसे साहस और धीरता को उत्साह के अन्तर्गत तभी ले सकते हैं जबकि साहसी या धीर उस काम को आनन्द के साथ करता चला जायेगा जिसके कारण उसे इतने प्रहार सहने पड़ते हैं । सारांश यह कि आनन्दपूर्ण प्रयत्न या उसकी उत्कण्ठा में ही उत्साह का दर्शन होता है, केवल कष्ट सहने के निश्चेष्ट साहस में नहीं । धृति और साहस दोनों का उत्साह के बीच संचरण होता है ।
अनुच्छेद के अनुसार ‘धृति’ का अर्थ है
(A)
धैर्य
(B)
अधिकृत करना
(C)
स्थापित करना
(D)
यज्ञ
Q.26
जब क्रम की दृष्टि से लोक एवं शास्त्र के कथित नियमों का उल्लंघन किया जाय, तो कौन सा काव्यदोष होता है?
(A)
अक्रमत्व
(B)
अप्रतीतत्व
(C)
ग्राम्यत्व
(D)
दुष्क्रमत्व
Q.27
“हिन्दी साहित्य का आदिकाल महाराज भोज के समय से लेकर हम्मीरदेव के समय के कुछ पीछे तक माना जा सकता है।”
आदिकाल के काल-निर्धारण के क्रम में यह मत किसका है ?
(A)
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
(B)
आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी
(C)
डॉ. नगेन्द्र
(D)
डॉ. रामकुमार वर्मा
Q.28
बीसलदेव रासो का काव्य नायक है -
(A)
प्रताप सिंह
(B)
राणा हम्मीर
(C)
पृथ्वीराज चौहान
(D)
विग्रहराज चतुर्थ
Q.29
प्रगतिवाद के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असंगत है ?
(A)
प्रगतिवाद ने साहित्य को व्यक्तिवादी यथार्थ के बंद कमरे से निकाल कर जन-जीवन के बीच प्रवाहित किया।
(B)
प्रगतिवादी काव्यधारा मार्क्सवादी दर्शन को अपना लक्ष्य बनाकर चली।
(C)
प्रगतिवादी साहित्य में पूँजीवादी शक्तियों की शोषक, स्वार्थी, स्वकेन्द्रित विसंगतिमय प्रवृत्तियों पर चोट की गई है।
(D)
प्रगतिवादी काव्यधारा व्यक्तिवादी वायवी काव्यधारा का मुखर होकर प्रतिनिधित्व करती है।
Q.30
‘दुन्यूं बूड़े धार मैं, चढ़ि पाथर की नाव’ कबीर की प्रस्तुत साखी के अंश में ‘दुन्यूं’ शब्द से आशय है
(A)
गुरु-शिष्य
(B)
आत्मा-परमात्मा
(C)
शत्रु-मित्र
(D)
पति-पत्नी
Q.31
सचेतन कहानी से जुड़े कहानीकारों में सम्मिलित नहीं हैं
(A)
डॉ. महीप सिंह
(B)
कमल जोशी
(C)
मधुकर सिंह
(D)
दामोदर सदन
Q.32
किस शब्द का संधि-विच्छेद सही नहीं है ?
(A)
सच्छास्त्र = सत् + शास्त्र
(B)
सुषुप्ति = सु + सुप्ति
(C)
संवाद = सम् + वाद
(D)
समुद्रोर्मि = समुद्र + उर्मि
Q.33
किस वाक्य में संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग नहीं हुआ है ?
(A)
यह काम स्कूल जाने से पहले करना चाहिए ।
(B)
परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए कठोर परिश्रम करना पड़ता है ।
(C)
नौकर यहाँ रहता है ।
(D)
उसे फिल्म देखने की अपेक्षा घूमना पसंद है ।
Q.34
निम्नलिखित में से वाक्य-रचना में पदक्रम की दृष्टि से असंगत कथन है :
(A)
समानाधिकरण शब्द मुख्य शब्द के पीछे आता है और पिछले शब्द में विभक्ति का प्रयोग होता है।
(B)
प्रश्नवाचक क्रिया-विशेषण और सर्वनाम अवधारण के लिये मुख्य क्रिया और सहायक क्रिया के बीच में भी आ सकते हैं।
(C)
द्विकर्मक क्रियाओं में मुख्य कर्म पहले और गौण कर्म पीछे आता है।
(D)
प्रश्नवाचक अव्यय ‘न’ वाक्य के अंत में आता है।
Q.35
आचार्य विश्वनाथ द्वारा वर्णित रस के स्वरूप में परिगणित नहीं है
(A)
रस अखण्ड है।
(B)
रस ब्रह्मानंद सहोदर है।
(C)
रस वेद्यांतर स्पर्श युक्त है।
(D)
रस चिन्मय है।
Q.36
रीतिकाल की प्रमुख प्रवृत्ति नहीं है
(A)
श्रृंगार की प्रधानता
(B)
काव्यांग निरूपण
(C)
दार्शनिक विचारधारा से युक्त काव्य
(D)
नायिका भेद वर्णन
Q.37
‘पग पाड़ा, छाती धड़क, काळी-पीळी दीह, नैण निच्चे साम्हैं सुणै, कवण हकाळे सीह?’ वीर सतसई के इस छंद में वर्णन का विषय है?
(A)
रंग महल के गाने-बजाने वालों का
(B)
वीराकार साहसी सिंह का
(C)
सेवक और योद्धाओं का
(D)
काले-पीले बादलों का
Q.38
‘यही दुख-सुख विकास का सत्य यही भूमा का मधुमय दान।’ कामायनी की इन पंक्तियों में ‘भूमा’ किसे कहा गया है?
(A)
विराट शक्ति
(B)
श्रद्धा
(C)
लज्जा
(D)
इड़ा
Q.39
पुष्टिमार्गी भक्ति में ‘पुष्टि’ से क्या आशय है ?
(A)
विराग
(B)
अनुराग
(C)
भगवद् अनुग्रह
(D)
साक्षात्कार
Q.40
मौन वाचनाभ्यास का उद्देश्य है
(A)
निःसंकोच एवं आत्म-विश्वास के साथ बोलना।
(B)
उचित गति का अनुसरण जिससे वाणी सुश्रव्य एवं बोधगम्य बनी रहे।
(C)
छात्रों में कम समय में अधिक पढ़ने तथा हृदयंगम करने की क्षमता का विकास होता है।