Testline

RPSC वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) पेपर II हिंदी 2024

150 सवाल · पेज 2/8

10 सवाल का free test दें PDF डाउनलोड करें

Q.21

अभिकथन (A) – उपचारात्मक शिक्षण एक निरंतर विकासशील प्रक्रिया है।
कारण (R) – शैक्षिक निदान के पश्चात् उपचार और उस उपचार की प्रभाविकता की जाँच के लिए पुनः परीक्षण किया जाता है।

Q.22

निम्नलिखित में गलत विवरण है :

Q.23

निम्नलिखित में से अशुद्ध शब्द नहीं है :

Q.24

किसी के वाक्यों को उद्धृत करने के पूर्व निम्नलिखित में से किस विराम चिह्न का प्रयोग किया जाता है ?

Q.25

निम्नलिखित अनुच्छेद के आधार पर उत्तर दीजिए :

जिन कर्मों में किसी प्रकार का कष्ट या हानि सहने का साहस अपेक्षित होता है उन सब के प्रति उत्कण्ठापूर्ण आनन्द उत्साह के अन्तर्गत लिया जाता है । कष्ट या हानि के भेद के अनुसार उत्साह के भी भेद हो जाते हैं । साहित्य-मीमांसकों ने इसी दृष्टि से युद्ध-वीर, दान-वीर, दया-वीर इत्यादि भेद किये हैं । इनमें सबसे प्राचीन और प्रधान युद्ध वीरता है, जिसमें आघात, पीड़ा क्या मृत्यु तक की परवा नहीं रहती । इस प्रकार की वीरता का प्रयोजन अत्यन्त प्राचीन काल से पड़ता चला आ रहा है, जिसमें साहस और प्रयत्न दोनों चरम उत्कर्ष पर पहुँचते हैं । पर केवल कष्ट या पीड़ा सहन करने के साहस में ही उत्साह का स्वरूप स्फुरित नहीं होता । उसके साथ आनन्द-पूर्ण प्रयत्न या उसकी उत्कण्ठा का योग चाहिए । बिना बेहोश हुए भारी फोड़ा चिराने को तैयार होना साहस कहा जायेगा, पर उत्साह नहीं । इसी प्रकार चुपचाप, बिना हाथ-पैर हिलाये, घोर प्रहार सहने के लिए तैयार रहना साहस और कठिन-से-कठिन प्रहार सहकर भी जगह से न हटना धीरता कही जायेगी । ऐसे साहस और धीरता को उत्साह के अन्तर्गत तभी ले सकते हैं जबकि साहसी या धीर उस काम को आनन्द के साथ करता चला जायेगा जिसके कारण उसे इतने प्रहार सहने पड़ते हैं । सारांश यह कि आनन्दपूर्ण प्रयत्न या उसकी उत्कण्ठा में ही उत्साह का दर्शन होता है, केवल कष्ट सहने के निश्चेष्ट साहस में नहीं । धृति और साहस दोनों का उत्साह के बीच संचरण होता है ।

अनुच्छेद के अनुसार ‘धृति’ का अर्थ है

Q.26

जब क्रम की दृष्टि से लोक एवं शास्त्र के कथित नियमों का उल्लंघन किया जाय, तो कौन सा काव्यदोष होता है?

Q.27

“हिन्दी साहित्य का आदिकाल महाराज भोज के समय से लेकर हम्मीरदेव के समय के कुछ पीछे तक माना जा सकता है।”
आदिकाल के काल-निर्धारण के क्रम में यह मत किसका है ?

Q.28

बीसलदेव रासो का काव्य नायक है -

Q.29

प्रगतिवाद के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असंगत है ?

Q.30

‘दुन्यूं बूड़े धार मैं, चढ़ि पाथर की नाव’ कबीर की प्रस्तुत साखी के अंश में ‘दुन्यूं’ शब्द से आशय है

Q.31

सचेतन कहानी से जुड़े कहानीकारों में सम्मिलित नहीं हैं

Q.32

किस शब्द का संधि-विच्छेद सही नहीं है ?

Q.33

किस वाक्य में संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग नहीं हुआ है ?

Q.34

निम्नलिखित में से वाक्य-रचना में पदक्रम की दृष्टि से असंगत कथन है :

Q.35

आचार्य विश्वनाथ द्वारा वर्णित रस के स्वरूप में परिगणित नहीं है

Q.36

रीतिकाल की प्रमुख प्रवृत्ति नहीं है

Q.37

‘पग पाड़ा, छाती धड़क, काळी-पीळी दीह, नैण निच्चे साम्हैं सुणै, कवण हकाळे सीह?’ वीर सतसई के इस छंद में वर्णन का विषय है?

Q.38

‘यही दुख-सुख विकास का सत्य यही भूमा का मधुमय दान।’ कामायनी की इन पंक्तियों में ‘भूमा’ किसे कहा गया है?

Q.39

पुष्टिमार्गी भक्ति में ‘पुष्टि’ से क्या आशय है ?

Q.40

मौन वाचनाभ्यास का उद्देश्य है

10 सवाल का free test दें PDF डाउनलोड करें