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RPSC स्कूल व्याख्याता (संस्कृत शिक्षा) पेपर II हिंदी 2022

150 सवाल · पेज 5/8

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Q.81

निम्नलिखित में से कौनसा कार्य शिक्षा में आई.सी.टी. (सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी) के उपयोग को दर्शाने वाले उदाहरण हैं?

(अ) विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को कम्प्यूटर की ओ.एम.आर., ओ.सी.आर. तथा एम.आई.सी.आर. प्रणाली के द्वारा पढ़ा जाना।
(ब) प्रश्न पत्रों की तैयारी में प्रश्न बैंक से वर्गीकरण कर प्रश्नों को सामंजस्य बैठाने हेतु प्रोग्रामिंग की सहायता लेना।
(स) शिक्षण हेतु ऑडियो-वीडियो प्रस्तुतीकरण।

विकल्प -

Q.82

प्रसाद गुण का उदाहरण नहीं है -

Q.83

रीतिकालीन कवि और उनकी रचना की दृष्टि से सुमेलित नहीं है -

Q.84

सन् 1854 में कलकत्ता से प्रकाशित होने वाले हिन्दी दैनिक समाचार पत्र का नाम है -

Q.85

‘रावरे रूप की रीति अनूप, नयौ-नयौ लागत ज्यों ज्यों निहारिए।’ पंक्ति के रचयिता हैं -

Q.86

निम्नांकित में कौनसा विकल्प कहानी का तत्व नहीं है?

Q.87

‘सैलोवी’ एवं ‘मेयर’ ने आरम्भ में संवेगात्मक बुद्धि को कौनसी बुद्धि का एक प्रकार माना था?

Q.88

‘कफन’ कहानी के विषय में असंगत कथन है -
(1) कफन प्रेमचंद की कथा चेतना और संरचना में बदलाव उपस्थित करने वाली कहानी है।
(2) यह कहानी आद्योपांत यथार्थ की ही यात्रा करती है।
(3) यह कहानी अपनी संरचना को नैतिक समाधान मूलक अंतिम बिंदु के शासन से मुक्त करती है।
(4) यह कहानी अर्थमूलक यथार्थ के मात्र एक स्तरीय आयाम को उद्घाटित करती है।

Q.89

हंस! छोड़ आये कहाँ, मुक्ताओं का देश?
यहाँ बन्दिनी के लिए, लाये क्या सन्देश?
उपर्युक्त पंक्तियों में छंद है?

Q.90

विद्यापति जिस रचना के आधार पर ‘मैथिल कोकिल’ कहलाये, वह है -

Q.91

शिक्षा के प्रणाली उपागम के अनुसार, ‘प्रतिपुष्टि’ अनुदेशनात्मक प्रणाली के किस समष्टि (Parameter) अंतर्गत आता है?

Q.92

‘भ्रमरगीतसार’ में किस रस की प्रधानता है?

Q.93

रोला छंद के प्रत्येक चरण में कितनी मात्राएँ होती हैं?

Q.94

पत्रकारिता से सम्बन्धित लेखन नहीं माना जाता है -

Q.95

‘अनुभाव’ का भेद नहीं है?

Q.96

सबरी गीध सुसेवकनि सुगति दीन्हि रघुनाथ। नाम उधारे अमित खल बेद बिदित गुन गाथ। बालकाण्ड की इन पंक्तियों के संदर्भ में इनमें से कौनसा कथन सुसंगत है?

Q.97

‘बीसलदेव रास’ में नायिका का नाम है -

Q.98

निम्नलिखित में से कौनसी पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त के अन्तर्गत ‘औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था’ की विशेषता नहीं है?

Q.99

रचना की प्रामाणिकता की दृष्टि से असंगत विकल्प है -

Q.100

“जब अस्वाभाविक उद्दीपक को किसी स्वाभाविक उद्दीपक के साथ बार-बार प्रस्तुत किया जाता है; तो इस अस्वाभाविक उद्दीपक में स्वाभाविक उद्दीपक के गुण आ जाते हैं। तथा केवल अस्वाभाविक उद्दीपक प्रस्तुत करने पर ही जीव स्वाभाविक उद्दीपक की अनुक्रिया देने लगता है।” यह अधिगम के कौनसे सिद्धान्त के अन्तर्गत प्रदर्शित होता है?

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