निम्नलिखित में से कौनसा कार्य शिक्षा में आई.सी.टी. (सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी) के उपयोग को दर्शाने वाले उदाहरण हैं?
(अ) विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को कम्प्यूटर की ओ.एम.आर., ओ.सी.आर. तथा एम.आई.सी.आर. प्रणाली के द्वारा पढ़ा जाना।
(ब) प्रश्न पत्रों की तैयारी में प्रश्न बैंक से वर्गीकरण कर प्रश्नों को सामंजस्य बैठाने हेतु प्रोग्रामिंग की सहायता लेना।
(स) शिक्षण हेतु ऑडियो-वीडियो प्रस्तुतीकरण।
विकल्प -
(A)
केवल उपरोक्त ‘अ’
(B)
केवल उपरोक्त ‘अ’ एवं ‘ब’
(C)
केवल उपरोक्त ‘ब’ एवं ‘स’
(D)
उपरोक्त ‘अ’, ‘ब’ एवं ‘स’ तीनों
Q.82
प्रसाद गुण का उदाहरण नहीं है -
(A)
विनती सुन लो हे भगवान। हम सब बालक हैं नादान। विद्या-बुद्धि नहीं कुछ पास। हमें बना लो अपना दास।
मैं जो नया ग्रन्थ विलोकता हूँ, भाता मुझे सो नव मित्र-सा है।
(D)
देखि सुदामा की दीन दसा, करुना करिकै करुनानिधि रोये। पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सों पग धोये।।
Q.83
रीतिकालीन कवि और उनकी रचना की दृष्टि से सुमेलित नहीं है -
(A)
देव - भावविलास
(B)
घनानंद - प्रीतिपावस
(C)
भूषण - भाषाभूषण
(D)
बिहारी - सतसई
Q.84
सन् 1854 में कलकत्ता से प्रकाशित होने वाले हिन्दी दैनिक समाचार पत्र का नाम है -
(A)
वृत्तांत विलास
(B)
समाचार सुधावर्षण
(C)
ज्ञान प्रदायिनी
(D)
उदन्त मार्तण्ड
Q.85
‘रावरे रूप की रीति अनूप, नयौ-नयौ लागत ज्यों ज्यों निहारिए।’ पंक्ति के रचयिता हैं -
(A)
आलम
(B)
बोधा
(C)
रसलीन
(D)
घनानंद
Q.86
निम्नांकित में कौनसा विकल्प कहानी का तत्व नहीं है?
(A)
शब्द चित्रण
(B)
विषय वस्तु
(C)
चरित्र-चित्रण
(D)
भाषा शैली
Q.87
‘सैलोवी’ एवं ‘मेयर’ ने आरम्भ में संवेगात्मक बुद्धि को कौनसी बुद्धि का एक प्रकार माना था?
(A)
कृत्रिम बुद्धि
(B)
सामाजिक बुद्धि
(C)
यांत्रिक बुद्धि
(D)
गतिक बुद्धि
Q.88
‘कफन’ कहानी के विषय में असंगत कथन है -
(1) कफन प्रेमचंद की कथा चेतना और संरचना में बदलाव उपस्थित करने वाली कहानी है।
(2) यह कहानी आद्योपांत यथार्थ की ही यात्रा करती है।
(3) यह कहानी अपनी संरचना को नैतिक समाधान मूलक अंतिम बिंदु के शासन से मुक्त करती है।
(4) यह कहानी अर्थमूलक यथार्थ के मात्र एक स्तरीय आयाम को उद्घाटित करती है।
(A)
कफन प्रेमचंद की कथा चेतना और संरचना में बदलाव उपस्थित करने वाली कहानी है।
(B)
यह कहानी आद्योपांत यथार्थ की ही यात्रा करती है।
(C)
यह कहानी अपनी संरचना को नैतिक समाधान मूलक अंतिम बिंदु के शासन से मुक्त करती है।
(D)
यह कहानी अर्थमूलक यथार्थ के मात्र एक स्तरीय आयाम को उद्घाटित करती है।
Q.89
हंस! छोड़ आये कहाँ, मुक्ताओं का देश?
यहाँ बन्दिनी के लिए, लाये क्या सन्देश?
उपर्युक्त पंक्तियों में छंद है?
(A)
दोहा
(B)
चौपाई
(C)
रोला
(D)
गीतिका
Q.90
विद्यापति जिस रचना के आधार पर ‘मैथिल कोकिल’ कहलाये, वह है -
(A)
कीर्तिलता
(B)
कीर्तिपताका
(C)
पदावली
(D)
विभागसार
Q.91
शिक्षा के प्रणाली उपागम के अनुसार, ‘प्रतिपुष्टि’ अनुदेशनात्मक प्रणाली के किस समष्टि (Parameter) अंतर्गत आता है?
(A)
अदा (Input)
(B)
प्रदा (Output)
(C)
प्रक्रिया (Process)
(D)
पाठ्यवस्तु (Curriculum)
Q.92
‘भ्रमरगीतसार’ में किस रस की प्रधानता है?
(A)
संयोग श्रृंगार
(B)
वात्सल्य रस
(C)
विप्रलंभ श्रृंगार
(D)
शांत रस
Q.93
रोला छंद के प्रत्येक चरण में कितनी मात्राएँ होती हैं?
(A)
11
(B)
13
(C)
16
(D)
24
Q.94
पत्रकारिता से सम्बन्धित लेखन नहीं माना जाता है -
(A)
समाचार लेखन
(B)
फीचर लेखन
(C)
स्तम्भ लेखन
(D)
पटकथा लेखन
Q.95
‘अनुभाव’ का भेद नहीं है?
(A)
सात्त्विक
(B)
कम्प
(C)
कायिक
(D)
तामसिक
Q.96
सबरी गीध सुसेवकनि सुगति दीन्हि रघुनाथ। नाम उधारे अमित खल बेद बिदित गुन गाथ। बालकाण्ड की इन पंक्तियों के संदर्भ में इनमें से कौनसा कथन सुसंगत है?
(A)
इनमें वेदों का महिमा-मंडन प्रधान रूप से किया गया है।
(B)
रघुनाथ के दानवीर स्वरूप का वर्णन है।
(C)
राम-नाम की महिमा का बखान है।
(D)
सबरी और गीध बहुत अच्छे सेवक थे, इस तथ्य का रेखांकन है।
Q.97
‘बीसलदेव रास’ में नायिका का नाम है -
(A)
पद्मावती
(B)
राजमती
(C)
रत्नावली
(D)
चित्रावली
Q.98
निम्नलिखित में से कौनसी पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त के अन्तर्गत ‘औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था’ की विशेषता नहीं है?
(A)
परिकल्पनाओं को समझने तथा मूर्त और वर्तमान से हटकर तर्क वाक्यों के आधार पर विचार करने की क्षमता प्राप्त कर लेना।
(B)
शाब्दिक तर्क वाक्यों के लिए तैयार हो जाना।
(C)
अहंकेंद्रितता।
(D)
केवल संभाव्य सत्य और प्रमाण के आधार पर निष्कर्ष निकालने की क्षमता प्राप्त कर लेना।
Q.99
रचना की प्रामाणिकता की दृष्टि से असंगत विकल्प है -
(A)
भरतेश्वर बाहुबली रास
(B)
चंदनबाला रास
(C)
विजयपाल रासो
(D)
रेवंतगिरि रास
Q.100
“जब अस्वाभाविक उद्दीपक को किसी स्वाभाविक उद्दीपक के साथ बार-बार प्रस्तुत किया जाता है; तो इस अस्वाभाविक उद्दीपक में स्वाभाविक उद्दीपक के गुण आ जाते हैं। तथा केवल अस्वाभाविक उद्दीपक प्रस्तुत करने पर ही जीव स्वाभाविक उद्दीपक की अनुक्रिया देने लगता है।” यह अधिगम के कौनसे सिद्धान्त के अन्तर्गत प्रदर्शित होता है?