Q.101
निम्नलिखित में से कौन सा स्केफोल्डिंग की विशेषता है ?
(a) आकस्मिक सहायता
(b) मंदन (फेडिंग)
(c) जिम्मेदारी का स्थानांतरण
सही कूट का चयन कीजिए :
- (A)
(a) एवं (b)
- (B)
(b) एवं (c)
- (C)
(a) एवं (c)
- (D)
(a), (b) एवं (c)
150 सवाल · पेज 6/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.101
निम्नलिखित में से कौन सा स्केफोल्डिंग की विशेषता है ?
(a) आकस्मिक सहायता
(b) मंदन (फेडिंग)
(c) जिम्मेदारी का स्थानांतरण
सही कूट का चयन कीजिए :
(a) एवं (b)
(b) एवं (c)
(a) एवं (c)
(a), (b) एवं (c)
Q.102
इनमें से किसे द्विवेदी-युगीन भावात्मक निबंध लेखकों में प्रमुख स्थान प्राप्त है ?
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
बाबू श्यामसुंदर दास
अध्यापक पूर्ण सिंह
बाबू गुलाबराय
Q.103
घनानंद के काव्य की विशेषता नहीं है
इनके वर्ण्य विषय में पर्याप्त विविधता और विस्तार है।
इनके काव्य में प्रेम की विषदमयी अनुभूति फ़ारसी काव्य परम्परा के अनुकूल है।
उनकी शैली का सर्वाधिक उल्लेखनीय गुण भाषा का लाक्षणिक प्रयोग है।
उनकी काव्य-भाषा में मुहावरों का भी प्रचुर प्रयोग मिलता है।
Q.104
हिन्दी भाषा की बोलियों-उपबोलियों के संबंध में असंगत है -
खड़ी बोली का विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है, इसे कौरवी भी कहा जाता है।
मगही बोली का परिनिष्ठित रूप गया जिले में बोला जाता है, इसके सीमान्त रूपों पर ‘उड़िया’ और ‘बंगाली’ का प्रभाव पड़ा है।
उत्तरप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में बोली जाने वाली बुंदेली का विकास मागधी अपभ्रंश से हुआ है।
डॉ. ग्रियर्सन ने राजस्थानी बोलियों को पाँच वर्गों में रखा था लेकिन ‘भीली’ को इसके अन्तर्गत नहीं रखा।
Q.105
वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध शब्द है
गरिष्ठ
घनिष्ठ
प्रदर्शनी
तिलांजलि
Q.106
निम्नलिखित में कौन सहकारी अधिगम की विधि नहीं है ?
जिगसा (Jigsaw)
थिंक पेयर शेयर (Think Pair Share)
खोज विधि
प्रोजेक्ट विधि
Q.107
ब्रिजेज (Bridges) के संवेगात्मक विकास सिद्धान्त के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा निष्कर्ष सिद्धान्त के निष्कर्षों में सम्मिलित नहीं है ?
तीव्र संवेगों की अनुक्रियाएँ बढ़ती जाती हैं।
किसी उद्दीपक के प्रति व्यक्त की जाने वाली अनुक्रिया अपेक्षाकृत अधिक विशिष्ट हो जाती है।
संवेगात्मक अनुक्रियाएँ एक परिस्थिति से दूसरी परिस्थिति को स्थानान्तरित होती हैं।
संवेगात्मक अनुक्रियाएँ धीरे-धीरे विभेदित होती जाती हैं।
Q.108
रामभक्ति शाखा के कवियों में शामिल नहीं हैं
अग्रदास
स्वामी रामानंद
ईश्वरदास
स्वामी हरिदास
Q.109
लौंजाइनस उदात्त के स्रोतों (तत्त्वों) में सर्वाधिक महत्त्व किसे देते हैं ?
महान और पुष्ट विचारों के धारण की क्षमता।
प्रबल भावावेग की प्रेरणा।
अलंकारों की समुचित योजना।
अभिजात पद रचना।
Q.110
निम्नलिखित में से कम्प्यूटर सहायक अनुदेशन का प्रयोग किस पक्ष के विकास के लिए किया जाता है ?
ज्ञानात्मक एवं मनोक्रियात्मक
ज्ञानात्मक एवं भावात्मक
भावात्मक एवं मनोक्रियात्मक
ज्ञानात्मक, भावात्मक एवं मनोक्रियात्मक
Q.111
हृदय में उत्साह, उत्तेजना या तेजस्विता उत्पन्न करने तथा चित्त का विस्तार करने की क्षमता से युक्त रचना में किस काव्य गुण की प्रधानता होती है ?
माधुर्य
ओज
प्रसाद
आवेग
Q.112
रामचन्द्र शुक्ल ने अपने काल विभाजन में वीरगाथाकाल का प्रारंभिक समय क्या माना है ?
990 ई.
1050 ई.
993 ई.
1000 ई.
Q.113
‘बीसलदेव रासो’ के संबंध में असंगत है
‘बीसलदेव रासो’ की भाव-भूमि प्रेम की निश्छल अभिव्यक्ति से सरस है।
‘मेघदूत’ और ‘संदेशरासक’ की संदेश-परंपरा भी इसमें मिलती है।
इसमें सामन्ती जीवन के प्रति गहरी अरुचि का चित्रण हुआ है।
इसमें वीर, वीभत्स और करुण रस का पूर्ण परिपाक हुआ है।
Q.114
‘डायरी लेखन’ के संबंध में असंगत है
इसमें तात्कालिक संवेदनात्मक भावों की अभिव्यक्ति होती है ।
इसमें व्यक्ति निरपेक्षता अधिक रहती है ।
डायरी लेखक समय और स्थान के संदर्भ को भी अपनी अभिव्यक्ति देता है ।
डायरी लेखक अपनी भावना के प्रति ईमानदार होता है ।
Q.115
‘उत्प्रेक्षा’ अलंकार के संबंध में असंगत है
इसमें उपमेय और उपमान में सादृश्य की संभावना की जाती है ।
उत्प्रेक्षा में उपमेय उत्कट या प्रधान जबकि उपमान गौण होता है ।
उपमा की भाँति उत्प्रेक्षा में भी वाचक शब्द प्रयुक्त होते हैं ।
उत्प्रेक्षा में विशिष्ट या कविकल्पित उपमान की संभावना आवश्यक है ।
Q.116
‘पृथ्वीराज रासो’ को सर्वथा अप्रामाणिक ग्रंथ मानने वाले विद्वान हैं
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
हजारीप्रसाद द्विवेदी
श्यामसुन्दर दास
कर्नल जेम्स टॉड
Q.117
मीराँ के संबंध में असंगत है
इनकी भक्ति मुख्यतः दैन्य और माधुर्य भाव की है।
इन पर योगियों, संतों और वैष्णव भक्तों का सम्मिलित प्रभाव पड़ा है।
इनके आराध्य केवल सगुण साकार गोपीवल्लभ श्रीकृष्ण हैं।
इनके पदों में राजस्थानी, ब्रज, गुजराती आदि का मिश्रण पाया जाता है।
Q.118
कवि और काव्य-रचना की दृष्टि से असंगत विकल्प है
नागार्जुन – ‘उस जनपद का कवि हूँ’, ‘तुम्हें सौंपता हूँ’
केदारनाथ अग्रवाल – ‘युग की गंगा’, ‘अपूर्वा’
अज्ञेय – ‘सागर मुद्रा’, ‘आँगन के पार द्वार’
गिरिजाकुमार माथुर – ‘मंजीर’, ‘शिला पंख चमकीले’
Q.119
‘अक्ल पर परदा पड़ना’ मुहावरे का उपयुक्त भावार्थ है -
दूसरे को हीन समझना।
जान-बूझकर ग़लती करना।
अपने को बड़ा होशियार समझने वाला।
बुद्धि मारी जाना।
Q.120
‘पर्यायवाची’ शब्दों की दृष्टि से कौन सा विकल्प असंगत है?
रात्रि - निशा, यामिनी, विभावरी, शर्वरी
सोना - कंचन, हाटक, हिरण्य, हेम
सूर्य - मयूख, प्रभा, मधवा, अर्णव
देवता - अमर, निर्जर, सुर, विबुध