Q.141
‘कारवाँ’ एकांकी संग्रह के रचनाकार हैं
- (A)
भुवनेश्वर प्रसाद
- (B)
रामकुमार वर्मा
- (C)
जगदीशचंद्र माथुर
- (D)
उपेंद्रनाथ अश्क
150 सवाल · पेज 8/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.141
‘कारवाँ’ एकांकी संग्रह के रचनाकार हैं
भुवनेश्वर प्रसाद
रामकुमार वर्मा
जगदीशचंद्र माथुर
उपेंद्रनाथ अश्क
Q.142
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने किसकी भाषा को “सबसे चटकीली, मटकीली, मुहावरेदार और चलती” बताया है ?
मुंशी सदासुख लाल ‘नियाज’
इंशाअल्ला खाँ
लल्लूलाल
सदल मिश्र
Q.143
निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए :
साहित्य और जीवन का घोर सम्बन्ध है ।
वे दान देने में विकट रूप से प्रसिद्ध थे ।
उसने आग्रहपूर्वक कहा ।
वहाँ भारी-भरकम भीड़ जमा थी ।
Q.144
तुलसीदास को बुद्ध के बाद, भारत का सबसे बड़ा लोकनायक इनमें से किसने बताया ?
जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
जी.एच. वेस्टकॉट
ले. कर्नल जेम्स टॉड
फ्रेडरिक सेमुअल ग्राउज
Q.145
“हँसै न बोलै उन्मनी, चंचल मेल्या मारि।
कहै कबीर भीतरि भिद्या, सतगुर के हथियार।।”
इस साखी में प्रयुक्त ‘उन्मनी’ शब्द का संकेतित अर्थ नहीं है
मन और प्राण एक हो जाना
आत्म-साक्षात्कार की अवस्था
मन का अस्थिर हो जाना
मन की संकल्प-विकल्पात्मक प्रकृति समाप्त हो जाना
Q.146
‘हरिगीतिका’ छंद के विषय में सही नहीं है?
प्रत्येक चरण में 28 मात्राएँ
चरण के अंत में गुरु-लघु
16, 12 पर यति
गीतिका के आरम्भ में दो मात्राएँ जोड़ने से हरिगीतिका बन जाता है।
Q.147
सैन्धव, वाजि और घोटक किसके पर्यायवाची शब्द हैं ?
अश्व
अनल
अक्षि
पुरन्दर
Q.148
‘बकलम खुद’ निबंध संग्रह के रचनाकार हैं
श्रीलाल शुक्ल
अमृतराय
रामदरश मिश्र
नामवर सिंह
Q.149
हिन्दी रीतिकाव्य में प्रयुक्त ‘रीति’ शब्द का अर्थ है
सामाजिक विधि-विधान-आधारित रचना-पद्धति।
नैतिक उपदेशात्मक प्रधान रचना-पद्धति।
काव्यशास्त्रीय-नियमाधारित विशिष्ट रचना-पद्धति।
साहित्यशास्त्रीय परंपराओं के प्रति उदासीन रचना-पद्धति।
Q.150
‘गुरु’ शब्द का अर्थ नहीं है
भारी
अहंकारी
गुच्छ
श्रद्धेय