Q.121
भामह द्वारा माने गए काव्य के प्रयोजनों में से कीर्ति तथा अर्थ का संबंध किससे है?
- (A)
सामाजिक से
- (B)
पाठक से
- (C)
कवि से
- (D)
आचार्य से
150 सवाल · पेज 7/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.121
भामह द्वारा माने गए काव्य के प्रयोजनों में से कीर्ति तथा अर्थ का संबंध किससे है?
सामाजिक से
पाठक से
कवि से
आचार्य से
Q.122
रिपोर्ताज के संबंध में असंगत है -
रिपोर्ताज का प्रभाव असीमित होता है।
रिपोर्ताज में बाह्य स्वरूप की अभिव्यक्ति अधिक और आन्तरिक स्वरूप की अपेक्षाकृत कम होती है।
रिपोर्ताज में तथ्यों के साथ भाव प्रवणता भी रहती है।
रिपोर्ताज का स्वरूप कलापूर्ण होता है।
Q.123
निम्नलिखित में से ‘नि’ उपसर्ग से निर्मित शब्द नहीं है -
निवारण
निबंध
न्यस्त
निरीह
Q.124
(अ) मंझन कृत ‘मधुमालती’ में नायक-नायिका के प्रथम दर्शन-जन्य प्रेम के साथ-साथ पूर्व जन्म के प्रणय-संस्कारों की भी महत्ता दिखायी गयी है।
(ब) सामान्यतः हिन्दी प्रेमाख्यानों में नायक को बहुपत्नीवादी दिखाया गया है, किंतु यह (मधुमालती) प्रेमाख्यान इसका अपवाद है।
उपर्युक्त कथनों के आधार पर उत्तर दीजिए –
(अ) और (ब) दोनों सही
(अ) सही और (ब) गलत
(अ) और (ब) दोनों गलत
(अ) गलत और (ब) सही
Q.125
‘बिजनौरी’ हिन्दी भाषा की किस बोली की उपबोली मानी जाती है?
बुंदेली
अवधी
ब्रजभाषा
कौरवी
Q.126
निम्नलिखित में से किस विकल्प के सभी शब्द अशुद्ध हैं?
कनिष्ठ, यथेष्ठ, पुष्टि
रुष्ठ, श्रेष्ठ, सन्तुष्ट
वरिष्ठ, अभीष्ट, मिष्ठान्न
श्लिष्ट, षष्ठी, निष्ठा
Q.127
निम्नलिखित में से भारतेन्दु की कौनसी रचना मौलिक नहीं है?
कर्पूरमंजरी
चन्द्रावली
भारत दुर्दशा
अंधेर नगरी
Q.128
अधोलिखित शिक्षण सहायक सामग्रियों में से अप्रक्षेपित त्रिआयामी दृश्य प्रकार की शिक्षण सहायक सामग्री का चयन नीचे दिए विकल्पों में से कीजिए -
(अ) कठपुतली (ब) प्रतिमान (स) चित्र (द) पोस्टर (य) होलोग्राम (र) चार्ट
सही कूट का चयन कीजिए -
केवल (स), (द) एवं (र)
केवल (अ), (स), (य) एवं (र)
केवल (ब), (स) एवं (द)
केवल (अ), (ब) एवं (य)
Q.129
विधा, रचना और रचनाकार की दृष्टि से असंगत विकल्प है –
संस्मरणात्मक रेखाचित्र – हम हशमत – कृष्णा सोबती
रिपोर्ताज – रेखाएँ और चित्र – धर्मवीर भारती
आत्मकथा – नीलयक्षिणी – देवेन्द्र सत्यार्थी
जीवनी – आवारा मसीहा – विष्णु प्रभाकर
Q.130
निम्नलिखित में से किस विकल्प में सही विलोम शब्द नहीं है?
कर्मठ - कृपण
आर्द्र - शुष्क
उद्धत - विनीत
आद्य - अन्त्य
Q.131
निबंध-संग्रह और निबंधकार की दृष्टि के असंगत विकल्प है -
कला का जोखिम - अज्ञेय
विराम चिन्ह - रामविलास शर्मा
नया साहित्य : नए प्रश्न - नंद दुलारे वाजपेयी
चेतना के बिम्ब - डॉ. नगेन्द्र
Q.132
“राम नाम कै पटंतरै, देबे कौ कछु नाँहि। क्या लै गुरु संतोषिए, हौंस रही मन माँहि।।” उक्त साखी में ‘हौंस रही मन माँहि’ का उपयुक्ततम अर्थ है -
अपनी निर्धनता के कारण मन निराशा से भर गया।
गुरु को संतुष्ट न कर सकने का पछतावा नहीं रह गया।
गुरु का सान्निध्य पाने की इच्छा शेष रह गई।
राम नाम के उपदेश से मन उल्लास से भर गया।
Q.133
“इनकी सी विशुद्ध, सरस और शक्तिशाली ब्रजभाषा लिखने में और कोई कवि समर्थ नहीं हुआ। विशुद्धता के साथ प्रौढ़ता और माधुर्य भी अपूर्व ही है। विप्रलंभ श्रृंगार ही अधिकतर इन्होंने लिखा है।” घनानन्द के बारे में यह कथन किसका है?
विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
रामचन्द्र शुक्ल
नगेन्द्र
रामस्वरूप चतुर्वेदी
Q.134
‘जानि स्याम को स्याम-घन नाचि उठे वन मोर।’
प्रस्तुत पंक्ति में अलंकार है -
संदेह
उदाहरण
श्लेष
भ्रान्तिमान
Q.135
‘कहानी’ के संबंध में अनुपयुक्त विकल्प है -
अंग्रेजी में जिसे ‘शॉर्ट स्टोरी’ कहते हैं वही बंगला में गल्प तथा हिन्दी में ‘कहानी’ नाम से प्रचलित हुआ है।
कहानी में कथासूत्र, कथानक, पात्र और देश-काल या परिस्थिति, उसके प्रमुख तत्त्व माने जाते रहे हैं।
भारतवर्ष में कहानी का प्राचीनतम रूप कथा है।
नियमों को ध्यान में रखकर ही अच्छी कहानी लिखी जा सकती है।
Q.136
रीतिकालीन कवि देव के विषय में निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है?
भावविलास, भवानीविलास तथा अष्टयाम कवि देव की रचनाएं हैं।
देव अनेक आश्रयदाताओं के आश्रय में रहे।
देव की रचनाओं की सामग्री, थोड़े हेरफेर के साथ लगभग सभी रचनाओं में समान है।
कवि देव ने व्यंजना को उत्तम काव्य माना है।
Q.137
पृथ्वीराज रासो के विषय में इतिहासकारों के निम्नलिखित मतों में से कौनसा मत असंगत है?
मुनि जिनविजय तथा डॉ. सुनीतिकुमार चटर्जी पृथ्वीराज रासो को एक जाली ग्रंथ मानते हैं।
कर्नल टॉड ‘पृथ्वीराज रासो’ के नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा प्रकाशित संस्करण को प्रामाणिक मानते हैं।
डॉ. बूलर ‘पृथ्वीराजविजय’ ग्रंथ के आधार पर इसे अप्रामाणिक रचना मानते हैं।
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी मानते हैं कि पृथ्वीराज रासो चंदबरदाई की रचना है, किंतु उसका मूल स्वरूप आजकल उपलब्ध नहीं है।
Q.138
जनसंचार के लोक-माध्यम में सम्मिलित नहीं है –
कठपुतली
नौटंकी
गवरी
एकांकी
Q.139
किस सामासिक पद का विग्रह त्रुटिपूर्ण है?
सुखप्रद = सुख देने वाला
जलमग्न = जल में मग्न
आपबीती = अपने पर बीती
स्वर्गप्राप्त = स्वर्ग में प्राप्त
Q.140
“मिथिला मेरा मूल है और अयोध्या फूल,
चित्रकूट को क्या कहूँ, रह जाती हूँ भूल।”
‘साकेत’ में उपर्युक्त कथन किसका है?
श्रुतिकीर्ति
मांडवी
सीता
उर्मिला