RPSC स्कूल व्याख्याता (माध्यमिक शिक्षा) पेपर II हिंदी 2024
150 सवाल · पेज 8/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.141
निम्नलिखित विकल्पों में से कौनसा पत्र-पत्रिका, संपादक तथा संपादन स्थान के क्रम में असंगत है?
- (A)
हिन्दी प्रदीप - बालकृष्ण भट्ट - इलाहाबाद
- (B)
आनंदकादंबिनी - बद्रीनारायण चौधरी - मिर्जापुर
- (C)
ब्राह्मण - अंबिकादत्त व्यास - आगरा
- (D)
भारतमित्र - रुद्रदत्त - कलकत्ता
Q.142
शुद्ध वाक्य नहीं है -
- (A)
- (B)
- (C)
मसूरी का दृश्य देखने योग्य है।
- (D)
गाय और बैल प्रायः यहाँ पानी पीते हैं।
Q.143
‘नित्य दीन-दुःखियों को भोजन देने की व्यवस्था’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द है -
Q.144
‘‘प्रोषितपतिकाएँ हों जितनी भी सखि!
उन्हें निमंत्रण दे आ,’’
उर्मिला प्रोषितपतिकाओं को मुख्यतः क्यों आमंत्रित कर रही हैं?
- (A)
सामाजिक कार्यों में उनका सहयोग पाने के लिए।
- (B)
उनका मनोबल बढ़ाने के लिए।
- (C)
आमोद-प्रमोद द्वारा उनकी वेदना दूर करने हेतु।
- (D)
समदुःखियों के साथ से एक-दूसरे का दुःख बाँटने के लिए।
Q.145
पं. युगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित हिन्दी का पहला पत्र है -
Q.146
पृथ्वीराज रासो के संदर्भ में असंगत है -
- (A)
- (B)
- (C)
वीर और श्रृंगार रस की प्रधानता
- (D)
Q.147
निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य है -
- (A)
- (B)
मैं वहाँ एक पुराने मित्र को मिला।
- (C)
- (D)
Q.148
‘शिरीष के फूल’ निबंध के अनुसार किस आधुनिक हिंदी कवि में कालिदास जैसी अनासक्ति पाई जाती है?
- (A)
- (B)
- (C)
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
- (D)
Q.149
‘पृथ्वीराज रासो’ की प्रामाणिकता विषयक कौनसा कथन बेमेल है?
- (A)
गौरीशंकर हीराचंद ओझा रासो को अप्रामाणिक ग्रंथ मानते हैं।
- (B)
नरोत्तमदास स्वामी का मत है कि चंद ने पृथ्वीराज के दरबार में रहकर रासो की प्रबंध रूप में रचना की।
- (C)
रामचंद्र शुक्ल ‘पृथ्वीराज रासो’ को सर्वथा अप्रामाणिक ग्रंथ घोषित करते हैं।
- (D)
श्यामसुंदर दास का मत है कि ‘पृथ्वीराज रासो’ का ‘सभा’ से प्रकाशित संस्करण ही प्रामाणिक है।
Q.150
हिन्दी कहानी-आन्दोलन और उसके प्रणेता के संदर्भ में असंगत है -
- (A)
अ-कहानी - डॉ. गंगा प्रसाद विमल और अन्य
- (B)
- (C)
- (D)
सचेतन कहानी - डॉ. महीप सिंह