Q.1
तत्सम शब्द है -
- (A)
चंपा
- (B)
सूत
- (C)
छेद
- (D)
छाया
150 सवाल · पेज 1/8
Q.1
तत्सम शब्द है -
चंपा
सूत
छेद
छाया
Q.2
‘श्रुतिकटुत्व’ काव्य-दोष का उदाहरण है -
तत्व-ज्ञान पाकर हुए आशय दलित समस्त।
कब की इकटक डटि रही टटिया अँगुरिन टारि।
थी सर्व में अधिक मंजुल, मुग्धकारी।
जादू-भरी मुरलिका पति-राधिका की।
मंदिर-अरध अवधि हरि बदि गये,
हरि-अहार चलि जात।
Q.3
निम्नलिखित में से ग्राम्यत्व दोष का उदाहरण नहीं है -
अली पास पौढ़ी भले मोहि किन पौढ़न देत।
मुख मयंक को देखकर विकसा मानस कंज।
धनु है यह गौरमदाइन नाहीं।
पड़े झटोले में रहे नींद न आई राति।
Q.4
हिन्दी की आदिकालीन साहित्यिक प्रवृत्तियों के विषय में निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प गलत है?
रासो ग्रंथों में कथा कहने के ढंग के लिए कथानक रूढ़ियों का प्रयोग मिलता है।
आदिकाल में कथ्य की विविधता के साथ छंद प्रयोग की विविधता मिलती है।
आदिकालीन रासो काव्यों में वीर रस की व्यंजना के लिए छप्पय, तोटक, तोमर, पद्धति और नाराच छंदों का अधिक प्रयोग किया गया है।
आदिकालीन हिन्दी साहित्य में कोमल भावों की अभिव्यंजना डिंगल शैली में की गई है।
Q.5
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Q.6
निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य है -
बड़ों की आज्ञा मानना हमारा कर्तव्य है।
उन्होंने इस बात की आपत्ति उठायी।
व्यापार में सेठ रामलाल के कोई घाटा नहीं हुआ।
मैंने उसे बैठने की कुर्सी दी।
Q.7
किस विकल्प के सभी शब्द तद्भव हैं?
आँत, अकार्य
अदरक, अचरज
अंगरखा, अष्ट
अंगूठा, अमृत
Q.8
निम्नलिखित में से तीसरा सप्तक के कवि नहीं हैं -
विजयदेव नारायण साही
रघुवीर सहाय
कुँवर नारायण
केदारनाथ सिंह
Q.9
निम्नलिखित में से जयशंकर प्रसाद के नाटकों की विशेषता नहीं है -
उनके नाटक सांस्कृतिक हैं, वे देश की समृद्धि के प्रतिरूप हैं।
उनके नाटकों का देश-काल पर्याप्त विस्तृत है।
उनके नाटकों में काव्यात्मकता दृष्टिगोचर होती है।
उनके नाटकों में भी दर्शन है लेकिन उनकी दार्शनिकता उनकी नाटकीय कलात्मकता में विघ्न उपस्थित नहीं करती है।
Q.10
निम्नलिखित में से रामभक्ति काव्य परम्परा के कवि नहीं हैं -
नरहरि बारहट
हृदयराम
माधवदास चारण
हरिराम व्यास
Q.11
‘विदेशी’ शब्द नहीं है -
चेचक
खिड़की
तमाशा
देर
Q.12
क्रमश: सही अर्थयुक्त शब्द-युग्म है -
परिमल = पवित्र परिभव = वैभव
कुल = वंश कूल = ठण्डा
इति = अंत ईति = बाधा
इन्द्रा = लक्ष्मी इन्दिरा = इन्द्र की पत्नी
Q.13
निम्नलिखित में कौनसे वाक्य में ‘निजवाचक सर्वनाम’ की प्रयुक्ति नहीं हुई है?
इस विषय में आप लोगों की क्या राय है?
मैं आप वहीं से आया हूँ।
वह अपने को सुधार रहा है।
अपने से बड़े का आदर करना उचित है।
Q.14
रत्यादि स्थायी भावों को प्रकाशित करने वाली आश्रय की बाह्य चेष्टाएँ कहलाती हैं -
उद्दीपन विभाव
व्यभिचारी भाव
अनुभाव
आलम्बन विभाव
Q.15
काव्य का एकमात्र हेतु ‘प्रतिभा’ को मानने वाले आचार्य हैं -
आनन्दवर्द्धन
राजशेखर
मम्मट
पं. जगन्नाथ
Q.16
लोंजाइनस के उदात्त तत्त्व के बहिरंग पक्ष में सम्मिलित तत्त्व नहीं है -
उत्कृष्ट भाषा
समुचित अलंकार योजना
भावावेश की तीव्रता
गरिमामय रचना-विधान
Q.17
हिंदी भाषा के विकास की दृष्टि से असंगत है -
मध्यकाल में पढ़े-लिखे लोगों की भाषा में ‘क़, ख़, ग़, ज़ तथा फ़’ पाँच ध्वनियाँ सम्मिलित हो गईं।
ऐ तथा औ दो संयुक्त स्वर आदिकालीन हिंदी में प्रयुक्त होने लगे।
आदिकालीन हिंदी में भक्तिकाल की तुलना में बहुत अधिक तत्सम शब्द गृहीत हुए।
मध्यकाल में हिंदी की प्रमुख बोलियाँ विकसित हो गईं, अपभ्रंश के रूप प्राय: समाप्त हो गए।
Q.18
“कोइल भई पुकारति रही, महरि पुकारे ‘लेइ लेइ दही’।
पेड़, तिलोरी औ जल हंसा, हिरदय पैठि बिरह कटनंसा।।”
उपर्युक्त पंक्तियों में ‘कटनंसा’ शब्द का अर्थ है -
तोता
नीलकंठ
चकोर
कठफोड़वा
Q.19
रोगी को बहुत ‘घबराहट’ हो रही थी। वाक्य में ‘रेखांकित’ शब्द है-
संज्ञा
क्रिया
क्रिया विशेषण
अव्यय
Q.20
किस शब्द में ‘प्र’ उपसर्ग है?
प्रत्यक्ष
प्रतिष्ठा
प्रभु
प्रत्येक