Q.21
“भारत भूमि क्या भुलायी जा सकती है? कदापि नहीं! अन्य देश मनुष्यों की जन्मभूमि है! यह भारत मानवता की जन्मभूमि है।”
‘चन्द्रगुप्त’ नाटक में भारतवर्ष के संदर्भ में ये विचार किसके हैं?
- (A)
कार्नेलिया
- (B)
मालविका
- (C)
चन्द्रगुप्त
- (D)
अलका
150 सवाल · पेज 2/8
Q.21
“भारत भूमि क्या भुलायी जा सकती है? कदापि नहीं! अन्य देश मनुष्यों की जन्मभूमि है! यह भारत मानवता की जन्मभूमि है।”
‘चन्द्रगुप्त’ नाटक में भारतवर्ष के संदर्भ में ये विचार किसके हैं?
कार्नेलिया
मालविका
चन्द्रगुप्त
अलका
Q.22
उत्तम काव्य की रचना धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष रूप चारों पुरुषार्थों को तथा समस्त कलाओं में निपुणता को और प्रीति (आनन्द) तथा कीर्ति को उत्पन्न करती है। काव्य-प्रयोजन के संबंध में यह मान्यता किसकी है?
मम्मट
दण्डी
कुलपति
भामह
Q.23
भारतेन्दु युगीन पत्र-पत्रिका एवं संपादक की दृष्टि से असंगत विकल्प है -
पीयूष प्रवाह — राधाचरण गोस्वामी
हिन्दी प्रदीप — पं. बालकृष्ण भट्ट
सदादर्श — लाला श्रीनिवास दास
भारत मित्र — रुद्रदत्त
Q.24
निबंध – संग्रह और उसके रचनाकार की दृष्टि से असंगत विकल्प है –
कुछ उथले कुछ गहरे – डॉ. इन्द्रनाथ मदान
साहित्य सहचर – हजारी प्रसाद द्विवेदी
माटी हो गई सोना – कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’
माटी का फूल – महादेवी वर्मा
Q.25
किस विकल्प में अशुद्ध शब्द है?
पुनरोक्ति
द्रष्टा
अनुगृहीत
अन्तर्भाव
Q.26
‘मनमुटाव करना’ अर्थ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मुहावरा है –
गाँठ कतरना
गाँठ उखड़ना
गाँठ बाँधना
गाँठ करना
Q.27
किस विकल्प के सभी शब्दकोश क्रमानुसार लिखे गए हैं?
कवि, चित्रकार, ज्ञानी, ज्योतिषी
कवि, ज्ञानी, चित्रकार, ज्योतिषी
कवि, चित्रकार, ज्योतिषी, ज्ञानी
कवि, ज्योतिषी, ज्ञानी, चित्रकार
Q.28
किस विकल्प में अधिकरण कारकवाची ‘पर’ का प्रयोग नहीं हुआ है?
बात पर बात निकलती है।
अच्छे काम पर इनाम मिलता है।
दिन पर दिन भाव चढ़ रहा है।
वहाँ तो परिन्दा भी पर नहीं मार सकता।
Q.29
सूरदास के भ्रमरगीत विषयक आचार्य शुक्ल की टिप्पणी नहीं है –
भ्रमरगीत में गोपियों की वचनवक्रता अत्यन्त मनहारिणी है।
सगुण–निर्गुण का यह प्रसंग सूरदास ने भागवत से ग्रहण किया है।
सूरदास ने इसमें सगुणोपासना का निरूपण बड़े ही मार्मिक ढंग से किया है।
सूरसागर का सबसे मर्मस्पर्शी और वाग्वैदग्ध्यपूर्ण अंश भ्रमरगीत है।
Q.30
‘उसे हमारी चिट्ठी मिली होगी।’ वाक्य में काल है –
सन्दिग्ध भूतकाल
सम्भाव्य भविष्यत् काल
सन्दिग्ध वर्तमान काल
वर्तमान काल
Q.31
बन बितान रबि, ससि दियो, फल भख सलिल–प्रवाह।
अवनि–सेज, पंखा–पवन, अब न कछू परवाह।।
प्रस्तुत पद में रस है –
हास्य
शांत
श्रृंगार
करुण
Q.32
प्रयत्न के आधार पर ‘ड़’ व्यंजन है -
पार्श्विक
उत्क्षिप्त
नासिक्य
लुंठित
Q.33
केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय द्वारा मानक हिंदी वर्णमाला में संयुक्त व्यंजन के रूप में स्वीकृत लिपि चिन्ह नहीं है -
ज्ञ
द्य
क्ष
त्र
Q.34
“जब तक मरद जीता है, लोग बैयर को मरद की बहू कहकर पुकारते हैं, जब मरद मर जाता है, तो लोग उसे बेटे की अम्मा कहकर पुकारते हैं।”
‘गदल’ कहानी में उपर्युक्त कथन किसका है?
मोनी
डोडी
गदल
निहाल
Q.35
बूचर के अनुसार, अरस्तू की अनुकरण संबंधी मान्यता के संबंध में असंगत विकल्प है -
कलाकृति में मानव-जीवन के सामान्य पक्ष का अनुकरण होता है।
कलाकृति मूल वस्तु का पुनरुत्पादन है।
कलाकृति मानव-जीवन का आदर्शीकृत प्रतिरूपण नहीं है।
कलाकृति कलाकार के मनोगत बिंब का प्रतिफल होती है।
Q.36
प्रकम्पित ध्वनि है -
र
य
व
ल
Q.37
जैन-साहित्य के संबंध में असंगत कथन है -
आचारशैली के जैन-काव्यों में उपदेशात्मकता के स्थान पर घटनाओं को प्रधानता दी गई है।
फागु काव्य, शैली की सामान्यता के लिए प्रसिद्ध हैं।
‘रेवंतगिरिरास’ में वास्तुकलात्मक सौन्दर्य का आकर्षण है।
जैन तीर्थंकरों के जीवनचरित रास नाम से भी पदबद्ध किए गए।
Q.38
अशुद्ध शब्द नहीं है -
जलाँजली
शाप
याज्ञवलक्य
ज्योत्सना
Q.39
अशुद्ध वाक्य नहीं है -
उसने मुझे गालियाँ दीं।
आक्रमणकारी दस बारह पशु उठा ले गये।
वह अपराधी दण्ड देने योग्य है।
इस बात का स्पष्टीकरण करने की आवश्यकता है।
Q.40
निम्नलिखित में से कौनसा आधार भारतेन्दु द्वारा खड़ी बोली - गद्य के स्वरूप निर्माण हेतु स्थिर किए गए आधारों में सम्मिलित नहीं है?
उर्दू - फारसी के लोक - व्यवहार में प्रचलित शब्दों का प्रयोग।
आवश्यकता पड़ने पर संस्कृत के मूल स्रोत से शब्दों को ग्रहण करने की नीति।
मुख्यतः हिन्दी के तद्भव और प्रचलित शब्दों का प्रयोग।
व्याकरण की शुद्धता और भाषा की सफाई पर अत्यधिक बल।