Q.61
वामपद असुर-स्कन्ध पर, रहा दक्षिण हरि पर;
ज्योतिर्मय रूप, हस्त दश विविध अस्त्र-सज्जित।
‘राम की शक्ति-पूजा’ की इन पंक्तियों में किसका रूप वर्णित है?
- (A)
दुर्गा
- (B)
रावण
- (C)
कुम्भकर्ण
- (D)
हनुमान
150 सवाल · पेज 4/8
Q.61
वामपद असुर-स्कन्ध पर, रहा दक्षिण हरि पर;
ज्योतिर्मय रूप, हस्त दश विविध अस्त्र-सज्जित।
‘राम की शक्ति-पूजा’ की इन पंक्तियों में किसका रूप वर्णित है?
दुर्गा
रावण
कुम्भकर्ण
हनुमान
Q.62
जोरि पानि प्रभु कीन्ह प्रनामू। पिता समेत लीन्ह निज नामू।
कहेउ बहोरि कहाँ बृषकेतू। बिपिन अकेलि फिरहु केहि हेतू।
राम का यह कथन किसके प्रति है?
अनसूया
सती
कैकेयी
शबरी
Q.63
रचना-रचनाकार की दृष्टि से सुमेलित विकल्प नहीं है -
मधुमालती - मंझन
ज्ञान दीप - शेख नवी
हंस जवाहिर - कासिमशाह
अनुराग-बाँसुरी - उसमान
Q.64
‘हवा में उड़ा देना’ मुहावरे का अर्थ है -
होश ठिकाने न रहना
कोई ध्यान न देना
किसी विचार का प्रचार होना
बुरी दशा आना
Q.65
रीतिनिरूपण और रीतिकवि के आधार पर असंगत विकल्प है -
छन्द-निरूपक - तोष
सर्वांग-निरूपक - कुलपति मिश्र
सर्वरस-निरूपक - पदमाकर
अलंकार-निरूपक - जसवंत सिंह
Q.66
‘माधुर्य गुण’ के संबंध में असंगत कथन है -
इसमें ट, ठ, ड, ढ को छोड़कर ‘क’ से ‘म’ तक के वर्णों का समावेश होता है।
इसमें मधुर वर्ण, सानुनासिक वर्ण और अल्प-समास का प्रयोग होता है।
इसमें सरल, सुबोध तथा श्रवणमात्र से ही शीघ्र अर्थबोध कराने वाले शब्द प्रयुक्त होते हैं, जिससे चित्त का विस्तार होता है और मन में आवेग उमड़ता है।
यह गुण श्रृंगार, करुण एवं शांत रसों में प्रयुक्त होता है।
Q.67
निम्न में से कौन सी शिलांकित कृति है?
पाहुड़दोहा
रालउवेल
प्राकृतपैंगलम्
वर्णरत्नाकर
Q.68
निम्नलिखित में से काव्यांश और उसमें निहित काव्य-दोष की दृष्टि से असंगत विकल्प है -
अ-मानुषी भूमि अ-बानरी करौं। - अक्रमत्व दोष
कैसे कहते हो इस दुआार पर फिर से कभी न आऊँ। - ग्राम्यत्व दोष
अजा-सहेली ता रिपू जननी-भरतार। ताके सुत के मीत को सुमिरौं बारंबार। - अप्रतीतत्व दोष
पर क्या न विषयोत्कृष्टता करती विचारोत्कृष्टता। - श्रुतिकटुत्व दोष
Q.69
‘आपने इस अनित्य शरीर का, <u>जो अल्प ही काल में नाश हो जाएगा</u>, इतना मोह किया।’ वाक्य में रेखांकित उपवाक्य का प्रकार है -
कालवाचक क्रियाविशेषण उपवाक्य
रीतिवाचक क्रियाविशेषण उपवाक्य
संज्ञा उपवाक्य
विशेषण उपवाक्य
Q.70
“यह कहानी अर्थमूलक यथार्थ के कई जटिल आयामों को एक साथ उद्घाटित करती है। ये सारे आयाम आपस में तने हुए लक्षित होते हैं।”
‘कफन’ कहानी के संदर्भ में यह कथन किसका है?
रामदरश मिश्र
यशपाल
कमलेश्वर
अमरकान्त
Q.71
“पुरस्कार का भी केन्द्रबिंदु प्रेम का द्वन्द्व ही है, जो उगता तो है बाहरी परिवेश के बीच किंतु धीरे-धीरे अपने भीतर से ही विकसित होने लगता है।”
‘पुरस्कार’ कहानी पर यह टिप्पणी किसकी है?
रामदरश मिश्र
महीप सिंह
राजेन्द्र यादव
कमलेश्वर
Q.72
हीन भएँ जल मीन अधीन कहा कछु मो अकुलानि समानै।
नीर-सनेही कों लाय कलंक निरास है कायर त्यागत प्रानै।।
प्रीति की रीति सु क्यों समुझै जड़ मीत के पानि परें कों प्रमानै।
या मन की जु दसा घनानंद जीव की जीवनि जान ही जानै।।
छन्द की व्याख्या के संबंध में असंगत है -
सवैया छंद है।
साहस के अभाव का संकेत है।
‘घनानंद’ से सुजान भी संकेतित हैं।
मीन और विरही की व्याकुलता पूर्णतः सदृश है और दोनों ही वियोग में निराश होकर कायरों की भाँति प्राण त्याग देते हैं।
Q.73
‘इंदौर पहले एक गाँव था।’ अर्थ की दृष्टि से वाक्य का प्रकार है -
विधानार्थक
संकेतार्थक
संदेह सूचक
निषेधवाचक
Q.74
“सुनि जननी! सोह सुत बड़भागी, जो पितु-मात-वचन-अनुरागी।
तनय मात-पितु-तोषनहारा, दुरलभ जननि! सकल संसारा।।”
प्रस्तुत पंक्तियों में कौनसा छन्द है?
सोरठा
द्रुतविलम्बित
चौपाई
दोहा
Q.75
डॉ. ग्रियर्सन के अनुसार, राजस्थानी की बोलियों में सम्मिलित नहीं है -
ढूँढाड़ी
भीली
अहीरवाटी
नीमाड़ी
Q.76
अज्ञेय रचित ‘रोज’ कहानी के संबंध में असंगत है -
कहानी की शैली आत्मकथात्मक है।
मालती के अतीत के उल्लासमय जीवन्त परिवेश का चित्रण है।
कहानी की संरचना वर्णनात्मक है व चित्रात्मकता, संवादात्मकता और काव्यात्मकता का अभाव है।
वैवाहिक जीवन की एकरसता का चित्रण है।
Q.77
“अजौ तरयौना हीं रह्यो श्रुति सेवत इक-रंग।
नाक - बास बेसरि लह्यौ बसि मुकुतनु कैं संग।।”
प्रस्तुत दोहे की व्याख्या के संबंध में असंगत विकल्प है -
तरयौना = नासिका - भूषण विशेष
सतसंगति की महिमा का वर्णन
श्लेष अलंकार
बेसरि का लक्ष्यार्थ महाअधम प्राणी
Q.78
निम्नलिखित में से गलत कथन है -
ओ, औ कण्ठतालव्य स्वर हैं।
इ, ई तालव्य स्वर हैं।
‘ऋ’ मूर्धन्य स्वर है।
सभी स्वर सघोष हैं।
Q.79
करके मीन-मेख सब ओर,
किया करें बुध वाद कठोर,
शाखामयी बुद्धि तजकर वे मूल-धर्म धरते हैं।
हम राज्य लिए मरते हैं।
‘साकेत’ की उपर्युक्त पंक्तियों में ‘वे’ से संकेतित है -
राजा
विद्वान
किसान
सैनिक
Q.80
‘वाक्यांश के लिए एक शब्द’ की दृष्टि से कौनसा विकल्प गलत है?
जहाँ पहुँचना कठिन हो - दुर्गम
किए गए उपकार को मानने वाला - कृतज्ञ
जिसे करना कठिन हो - दुर्बोध
जहाँ पहुँचा न जा सके - अगम्य