पावन पद वन्दन करके प्रभु, कब कार्त्तार्थ्य मिले मुझ को ।
Q.122
शुद्ध शब्द नहीं है -
(A)
अभ्यास
(B)
अभ्यान्तर
(C)
अभ्युदय
(D)
अभ्युत्थान
Q.123
अभिधामूला ध्वनि के संदर्भ में असंगत है -
(A)
इस का एक भेद अर्थान्तरसंक्रमितवाच्य ध्वनि है।
(B)
इसे विवक्षितवाच्य ध्वनि भी कहा जाता है।
(C)
रस, भावादि के व्यंजित होने के कारण इसे रस ध्वनि कहते हैं।
(D)
वाच्यार्थ से व्यंग्यार्थ की प्रतीति होती है।
Q.124
किस विकल्प के सभी शब्द शुद्ध हैं?
(A)
मध्याह, अतिथि
(B)
स्वावलंबन, जिव्हा
(C)
निश्च्छल, ब्रह्मा
(D)
उल्लंघन, ईर्षा
Q.125
रसनिष्पत्ति के लिए भावकत्व तथा भोजकत्व व्यापार की स्थापना किस आचार्य द्वारा की गई?
(A)
शंकुक
(B)
भट्टलोल्लट
(C)
अभिनव गुप्त
(D)
भट्टनायक
Q.126
“बहुत दिनन थैं मैं प्रीतम पाये, भाग बड़े घरि बैठे आये।।
मंगलाचार माँहि मन राखौं, राम रसाँइण रसना चाषौं।
मंदिर माँहि भयो उजियारा, ले सुतो अपना पीव पियारा।।
मैं रनि राती जे निधि पाई, हमहिं कहाँ यह तुमहि बड़ाई।
कहै कबीर मैं कछु न कीन्हा, सखी सुहाग राम मोहि दीन्हा।।”
प्रस्तुत पद की व्याख्या के संदर्भ में असंगत है -
(A)
भक्त का दैन्य तथा परमात्मा के अनुग्रह का स्पष्ट वर्णन
(B)
‘कहै कबीर मैं कछु न कीन्हा, सखी सुहाग राम मोहि दीन्हा’ पंक्ति में अपह्नुति अलंकार
(C)
मिलन सुख की अनिर्वचनीयता की भी अभिव्यंजना
(D)
दाम्पत्य प्रतीकों द्वारा आत्मा-परमात्मा के मिलन की अद्भुत व्यंजना
Q.127
बालकाण्ड के आधार पर रामचरित्र के श्रोताओं का सही क्रम है -
(A)
पार्वती - काकभुशुण्डि - भरद्वाज - याज्ञवल्क्य
(B)
पार्वती - भरद्वाज - काकभुशुण्डि - याज्ञवल्क्य
(C)
पार्वती - काकभुशुण्डि - याज्ञवल्क्य - भरद्वाज
(D)
पार्वती - याज्ञवल्क्य - भरद्वाज - काकभुशुण्डि
Q.128
“मीत सुजान अनीत करौ जिन, हाहा न हूजिये मोहि अमोही।
डीठि कौ और कहूँ नहिं ठौर फिरी दृग रावरे रूप की दोही।
एकबिसास की टेक गहे लगि आस रहे बसि प्रान-बटोही।
हौं घनआनँद जीवनमूल दई कित प्यासनि मारत मोही।”
प्रस्तुत पद में व्यक्त भाव नहीं है -
(A)
दर्शन की इच्छा
(B)
प्रिय का जीवनदायी होकर पिपासा शांत करना
(C)
उपालम्भ
(D)
विश्वासघात
Q.129
खड़ी बोली गद्य के प्रारंभिक चार उन्नायकों में शामिल नहीं हैं -
(A)
लाला भगवानदीन
(B)
लल्लू लाल
(C)
इंशा अल्ला खाँ
(D)
सदल मिश्र
Q.130
शुद्ध वाक्य है -
(A)
उसे भारी प्यास लगी है।
(B)
ऐसा साहित्य उत्कृष्टतम कहा जायेगा।
(C)
इसमें समस्त प्राणिमात्र का कल्याण है।
(D)
अधिकतर लोगों का यही विचार है।
Q.131
“आज लगता है, साथ रहना भी कितनी तरह का हो सकता है। सारी जिन्दगी साथ रहकर भी आदमी कितना अकेला रह सकता है और किसी का हल्का-सा स्पर्श भी कैसे जिन्दगी को किसी के साथ होने के एहसास और आश्वासन से भर सकता है।” उपन्यास ‘आपका बंटी’ में ये विचार किसके हैं?
(A)
वकील चाचा
(B)
अजय
(C)
डॉक्टर
(D)
शकुन
Q.132
साधारण वाक्य का उदाहरण नहीं है -
(A)
काम सीखा हुआ नौकर कठिनाई से मिलता है।
(B)
धूप कड़ी होने के कारण वे पेड़ की छाया में ठहर गए।
(C)
शास्त्री जी को सभापति बनाया गया।
(D)
नौकर ने कहा कि मैं जिस दुकान में गया था उसमें दवा नहीं मिली।
Q.133
‘देव’ संज्ञा से बना विशेषण है -
(A)
दैवज्ञ
(B)
देवता
(C)
देवत्व
(D)
दैविक
Q.134
काव्य-लक्षण एवं लक्षणकार की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प सुमेलित है?
(A)
रमणीयार्थ-प्रतिपादक: शब्द: काव्यम् — जगन्नाथ
(B)
वाक्यं रसात्मकं काव्यम् — भामह
(C)
शब्दार्थौ सहितौ काव्यम् — विश्वनाथ
(D)
तददोषौशब्दार्थौ सगुणावनलंकृती पुनः क्वापि — जयदेव
Q.135
निम्नलिखित में से कौनसे समूह के सभी शब्द पुल्लिंग हैं?
(A)
सरोज, नयन, गणित
(B)
सोना, कपूर, मणि
(C)
दही, उड़ान, अनाज
(D)
पीतल, भारत, चाँदी
Q.136
‘यदि मन लगाकर काम करोगे, तो सफलता प्राप्त करोगे।’
उक्त वाक्य का प्रकार बताइए —
(A)
संयुक्त वाक्य
(B)
सरल वाक्य
(C)
साधारण वाक्य
(D)
मिश्र वाक्य
Q.137
किस विकल्प में गलत संधि-विच्छेद है?
(A)
तृष्णा = तृष् + णा
(B)
वाङ्मय = वाक् + मय
(C)
तद्रूप = तत् + रूप
(D)
महच्छत्र = महत् + छत्र
Q.138
वक्रोक्ति सिद्धान्त के विषय में असंगत है —
(A)
वक्रोक्ति कविकल्पनाप्रसूत है और उसका उद्देश्य है, वैचित्र्यसिद्धि।
(B)
प्रकरण वक्रता के अन्तर्गत कुन्तक ने अलंकारों का विधान किया है।
(C)
वक्रोक्ति लोकोत्तरआह्लादकारिणी होकर असुन्दर वस्तु में कलात्मकता का आधान करती है।
(D)
पदपूर्वार्द्ध वक्रता में मूल शब्द की वक्रता या रमणीयता वर्णित होती है।
Q.139
एक विशेष काव्यानदोलन, जिसका जन्म हिन्दी के काव्य-क्षेत्र में ‘तार सप्तक’ के प्रकाशन के साथ माना जाता है, वह है —
(A)
प्रगतिवाद
(B)
प्रयोगवाद
(C)
छायावाद
(D)
नयी कविता
Q.140
“विजय-तृष्णा का अन्त पराभव में होता है, अलक्षेन्द्र! राज्यसत्ता सुव्यवस्था से बढ़े, तो बढ़ सकती है, केवल विजयों से नहीं।”
चन्द्रगुप्त नाटक में उक्त कथन किसने किससे कहा है?