Q.21
निम्नांकित में अशुद्ध शब्द है :
- (A)
द्रष्टव्य
- (B)
अतिशयोक्ति
- (C)
उच्छृंखल
- (D)
गत्यवरोध
150 सवाल · पेज 2/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.21
निम्नांकित में अशुद्ध शब्द है :
द्रष्टव्य
अतिशयोक्ति
उच्छृंखल
गत्यवरोध
Q.22
निम्न में कौन सा गुण-संधि का उदाहरण नहीं है ?
सर्वेश्वर
गंगोर्मि
महर्षि
पृथ्वीश्वर
Q.23
‘अति’ उपसर्ग से बना हुआ शब्द नहीं है -
अतिक्रमण
अत्याचार
अतिथि
अतिरिक्त
Q.24
निम्न में से ‘पुत्री’ शब्द के पर्यायवाची शब्द का समूह कौनसा है?
अचला, वसुधा, बेटी, लड़की
सुता, लाली, अचला, वसुमति
अबला, तरुणी, श्यामा, कांता
तनया, आत्मजा, नंदिनी, तनुजा
Q.25
‘द्विज’ शब्द का सही अर्थ समूह है -
ब्राह्मण, सूर्य, स्त्री
पक्षी, दाँत, चन्द्रमा
पक्षी, सारंग, पृथ्वी
ब्राह्मण, कमल, देवता
Q.26
‘जरठ-जठर’ शब्द-युग्म का अर्थ है -
जड़ीबूटी - शरीर
वृद्ध - ज्वाला
जवान - पेट
बूढ़ा - पेट
Q.27
‘उत्तर व पूर्व के मध्य की दिशा’ वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द है -
ईशान
वायव्य
आग्नेय
नैर्ऋत्य
Q.28
इनमें से शुद्ध शब्द है -
सुश्रुषा
सुश्रूषा
शुश्रूषा
शुश्रुषा
Q.29
निम्नलिखित में से कौन सा वाक्य अशुद्ध है ?
सोदाहरण सहित उत्तर दीजिए ।
कृपया मेरी प्रार्थना स्वीकार करें ।
दोनों भाई परस्पर लड़ पड़े ।
मैंने गृह-कार्य कर लिया है ।
Q.30
“बड़ों के साथ छोटों की भी निभ जाती है ।” यह अर्थ बताने वाली लोकोक्ति कौन सी है ?
यथा राजा तथा प्रजा
गंगा गए गंगादास, यमुना गए यमुनादास
बाप न मारी मेंढकी बेटा तीरंदाज
हाथी के पाँव में सबका पाँव समाय
Q.31
ध्यातव्य - प्र. 31 से 34 तक के उत्तर निम्नांकित अपठित गद्यांश से दें :
अपठित गद्यांश
प्राय: देखा जाता है कि अधिक आशावादी लोग थोड़ा-सा प्रयत्न करके अधिक फल की आशा करने लगते हैं; किंतु अभीप्सित फल प्राप्त न होने पर निराश हो जाते हैं । निराशा से प्रसन्नता और शांति नष्ट हो जाती है । निराशा का भाव अकेले नहीं आता । उसके साथ हीनता की भावना का जन्म होता है । तनावों का बवंडर आ जाता है । अतः मनुष्य के लिए अभीष्ट है कि आशा की किरणों से निराशा के निविड़ तम को निरन्तर विदीर्ण करता रहे ।
‘अभीप्सित’ शब्द का क्या अर्थ है ?
अच्छा
चाहा हुआ
अधिक
शीघ्र
Q.32
ध्यातव्य - प्र. 31 से 34 तक के उत्तर निम्नांकित अपठित गद्यांश से दें :
अपठित गद्यांश
प्राय: देखा जाता है कि अधिक आशावादी लोग थोड़ा-सा प्रयत्न करके अधिक फल की आशा करने लगते हैं; किंतु अभीप्सित फल प्राप्त न होने पर निराश हो जाते हैं । निराशा से प्रसन्नता और शांति नष्ट हो जाती है । निराशा का भाव अकेले नहीं आता । उसके साथ हीनता की भावना का जन्म होता है । तनावों का बवंडर आ जाता है । अतः मनुष्य के लिए अभीष्ट है कि आशा की किरणों से निराशा के निविड़ तम को निरन्तर विदीर्ण करता रहे ।
फल न मिलने पर कौन निराश हो जाते हैं ?
अधिक आशावादी व्यक्ति
निष्काम व्यक्ति
अधिक परिश्रमी व्यक्ति
आलसी व्यक्ति
Q.33
ध्यातव्य - प्र. 31 से 34 तक के उत्तर निम्नांकित अपठित गद्यांश से दें :
अपठित गद्यांश
प्राय: देखा जाता है कि अधिक आशावादी लोग थोड़ा-सा प्रयत्न करके अधिक फल की आशा करने लगते हैं; किंतु अभीप्सित फल प्राप्त न होने पर निराश हो जाते हैं । निराशा से प्रसन्नता और शांति नष्ट हो जाती है । निराशा का भाव अकेले नहीं आता । उसके साथ हीनता की भावना का जन्म होता है । तनावों का बवंडर आ जाता है । अतः मनुष्य के लिए अभीष्ट है कि आशा की किरणों से निराशा के निविड़ तम को निरन्तर विदीर्ण करता रहे ।
निराशा को किसके समान बताया गया है ?
प्रचंड आँधी के समान
प्रलयंकारी बाढ़ के समान
हिंसक प्राणी के समान
घने अंधकार के समान
Q.34
ध्यातव्य - प्र. 31 से 34 तक के उत्तर निम्नांकित अपठित गद्यांश से दें :
अपठित गद्यांश
प्राय: देखा जाता है कि अधिक आशावादी लोग थोड़ा-सा प्रयत्न करके अधिक फल की आशा करने लगते हैं; किंतु अभीप्सित फल प्राप्त न होने पर निराश हो जाते हैं । निराशा से प्रसन्नता और शांति नष्ट हो जाती है । निराशा का भाव अकेले नहीं आता । उसके साथ हीनता की भावना का जन्म होता है । तनावों का बवंडर आ जाता है । अतः मनुष्य के लिए अभीष्ट है कि आशा की किरणों से निराशा के निविड़ तम को निरन्तर विदीर्ण करता रहे ।
मानसिक अशांति का प्रमुख कारण क्या है ?
आलस्य
अधिक परिश्रम
निराशा
तनावग्रस्तता
Q.35
संविधान की आठवीं अनुसूची में अब तक कितनी भाषाएँ सम्मिलित की जा चुकी हैं ?
20
21
22
23
Q.36
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1947 में गठित ‘देवनागरी लिपि सुधार समिति’ के अध्यक्ष कौन थे ?
काका कालेलकर
आचार्य नरेन्द्रदेव
महादेव गोविन्द रानाडे
विनोबा भावे
Q.37
‘निंदक नियरे राखिए ……’ कहकर कबीर निंदा करने वालों को अपने नजदीक रखने की सलाह क्यों दे रहे हैं ?
वे कभी न कभी तो तारीफ करेंगे ही।
समाज में अच्छे-बुरे सभी से मिलकर रहना चाहिए।
उनसे दूसरों की निंदा सुनने का मौका मिलता है।
वे हमारी कमियां दूर करके हमारे अंदर अच्छाई का संचार करते हैं।
Q.38
माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित ‘पुष्प की अभिलाषा’ में पुष्प ने क्या इच्छा व्यक्त की है ?
देवमूर्ति पर चढ़ाए जाने की।
राष्ट्र बलिदानी सैनिकों के चरणस्पर्श करने की।
माला में गूंथने की।
सुरबाला के गहनों में सजने की।
Q.39
‘माता का आँचल’ नामक पाठ किस उपन्यास का अंश है ?
देहाती दुनिया
बहती गंगा
वही बात
नदी के द्वीप
Q.40
‘जॉर्ज पंचम की नाक’ कहानी किसने लिखी है ?
अज्ञेय
शिवपूजन सहाय
कमलेश्वर
मधु कांकरिया