Q.21
कहानी-शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य है-
- (A)
समय के सदुपयोग की शिक्षा देना
- (B)
रसानुभूति की क्षमता का विकास करना
- (C)
कल्पना शक्ति का विकास करना
- (D)
विषय वस्तु का ज्ञान प्राप्त करना
150 सवाल · पेज 2/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.21
कहानी-शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य है-
समय के सदुपयोग की शिक्षा देना
रसानुभूति की क्षमता का विकास करना
कल्पना शक्ति का विकास करना
विषय वस्तु का ज्ञान प्राप्त करना
Q.22
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द तत्सम नहीं है?
भक्त
सपत्नी
चौकी
सूची
Q.23
प्रारंभ में ‘पिंगल’ नाम किस बोली के लिए प्रयुक्त होता था?
खड़ीबोली
मारवाड़ी
ब्रजभाषा
अवधी
Q.24
पूर्वी हिंदी के अंतर्गत कौनसी बोली नहीं है?
छत्तीसगढ़ी
बुंदेली
बघेली
अवधी
Q.25
सूर के भ्रमरगीत की विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी नहीं है?
प्रकृति के आलम्बन रूप की प्रधानता
उक्ति वैचित्र्य एवं वाग्विदग्धता की प्रधानता
गोपियों की विरह वेदना
उद्धव का उपहास
Q.26
किस विकल्प में विलोम शब्द-युग्म नहीं है?
परुष - कोमल
सदाशय - महाशय
उद्धत - विनीत
बर्बर - सभ्य
Q.27
कौन से विकल्प में द्विगु समास के उदाहरण हैं?
अमचूर, इकसठ
शीतोष्ण, इकतारा
घृतान्र, प्रेमसागर
नीललोहित, इकतीस
Q.28
किस विकल्प में वाक्यांश और उसके लिए प्रयुक्त सार्थक शब्द असंगत हैं?
जो बहुत कठिनाई से मिलता है - दुर्लभ
आदि से अंत तक - आद्योपांत
जिसका कोई शत्रु नहीं जन्मा हो - अजातशत्रु
लौटकर आया हुआ - अभ्यागत
Q.29
किस विकल्प के सभी शब्द शुद्ध हैं?
ऊष्मा, प्रतीक्षा
कुमुदनी, आशीर्वाद
उषा, वाल्मीकि
ऐच्छिक, रात्री
Q.30
"’कामायनी’ उस अर्थ में कथा काव्य नहीं है, जिस अर्थ में ‘साकेत’ है। ‘कामायनी’ की कथा केवल एक फैण्टेसी है।” यह विचार किसका है?
जयशंकर प्रसाद
गजानन माधव मुक्तिबोध
रामचंद्र शुक्ल
नंददुलारे वाजपेयी
Q.31
प्रेमाख्यान काव्य परंपरा से संबंधित गलत तथ्य है -
इस परंपरा के काव्य प्रबंधात्मक शैली में रचित हैं।
सभी प्रेमाख्यान मुस्लिम कवियों द्वारा रचित हैं।
इनके पात्र मुख्यतः दो श्रेणियों - मानवीय और मानवेतर - के हैं।
इन काव्यों में प्रेम को जीवन का सर्वोपरि तत्त्व माना गया है।
Q.32
‘श्रद्धा-भक्ति’ निबंध से संबंधित असंगत विचार है -
प्रेम में घनत्व अधिक है और श्रद्धा में विस्तार।
प्रेम का कारण बहुत कुछ अनिर्दिष्ट और अज्ञात होता है, पर श्रद्धा का कारण निर्दिष्ट और ज्ञात होता है।
यदि प्रेम स्वप्न है, तो श्रद्धा जागरण है।
प्रेम का व्यापार स्थल विस्तृत है, श्रद्धा का एकांत।
Q.33
जायसी की देवनागरी लिपि के वर्णों पर आधारित काव्य रचना है -
अखरावट
पदमावत
मधुमालती
आखिरी कलाम
Q.34
कहानीकारों और कहानियों को सुमेलित कीजिए -
| कहानीकार | कहानी |
|---|---|
| (अ) मणिका मोहिनी | (i) पत्थर गली |
| (ब) नासिरा शर्मा | (ii) ढाई आखर प्रेम का |
| (स) चित्रा मुद्गल | (iii) उसका यौवन |
| (द) ममता कालिया | (iv) अपनी वापसी |
विकल्प -
(अ)-ii, (ब)-iv, (स)-iii, (द)-i
(अ)-iii, (ब)-ii, (स)-i, (द)-iv
(अ)-iv, (ब)-iii, (स)-ii, (द)-i
(अ)-ii, (ब)-i, (स)-iv, (द)-iii
Q.35
इकाई विधि के प्रवर्तक हैं -
हण्ट
किलपैट्रिक
एच. सी. मॉरीसन
जॉन डीवी
Q.36
नाथ पंथ के सन्दर्भ में उपयुक्त नहीं है -
हठयोग अन्तः शुद्धि का साधन है।
नाथ पंथ के प्रवर्तक मत्स्येन्द्रनाथ हैं।
गुरु की महत्ता है।
ईश्वर निराकार स्वरूप है।
Q.37
रीतिकाल को श्रृंगार काल की संज्ञा देने वाले विद्वान हैं -
विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
नगेन्द्र
मिश्र बन्धु
भगीरथ मिश्र
Q.38
“भनिति मोरि सब गुन रहित, बिस्वबिदित गुन एक। सो बिचारि सुनिहहिं सुमति, जिन्हके बिमल बिबेक।।” उक्त पद्यांश में तुलसीदास ने किस गुण की ओर संकेत किया है?
प्रभु का चरित्र
संस्कृत के स्थान पर लोकभाषा अवधी का प्रयोग
रोचक कथा तत्व
पाठकों की काव्य रुचि
Q.39
उपमा अलंकार के विषय में असंगत कथन है -
काव्य में चारों अंग स्पष्टतः विद्यमान होने पर ही उपमा अलंकार होता है, अन्यथा नहीं।
उपमेय को ‘प्रस्तुत विषय’ भी कहते हैं।
उपमेय, उपमान, वाचक और साधारण धर्म इसके अंग हैं।
उपमान का अन्य नाम ‘अप्रस्तुत’ है।
Q.40
नाट्य साहित्य के विषय में कौनसा कथन सही नहीं है?
भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने पारसी थियेटर की आदर्शहीनता के विरुद्ध आदर्शवादी नाट्यकला के उत्थान का प्रयत्न किया।
नाटक साहित्य की वह विधा है, जिसकी सफलता का परीक्षण रंगमंच पर होता है।
प्रसाद के अधिकतर नाटक पौराणिक पृष्ठभूमि पर आधारित हैं।
लक्ष्मीनारायण मिश्र समस्या नाटककार के रूप में प्रतिष्ठित हैं।