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RPSC वरिष्ठ अध्यापक पेपर II हिंदी 2022

150 सवाल · पेज 3/8

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Q.41

‘जिसका हृदय उतना मलिन जितना कि शीर्ष बलक्ष है।’ बलक्ष से आशय है -

Q.42

‘लहरों के राजहंस’ नाटक का पात्र निम्नलिखित में से कौन नहीं है?

Q.43

सोरठा छंद है -

Q.44

भूषण द्वारा रचित ‘शिवराज भूषण’ काव्य का मुख्य विषय है -

Q.45

‘गज-गैंडा धीर न धरै, वज्र पड़ै वघ-वाव’, ‘वीर सतसई’ पद में वघ-वाव शब्द का अर्थ है -

Q.46

‘तुम धन्य हो! तुम्हें धिक्कार है!!’ ‘लोभ और प्रीति’ निबंध में उक्त उद्गार का लक्ष्य है?

Q.47

निम्नलिखित रचनाकारों को उनकी रचनाओं के नाम से सुमेलित कीजिए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए -

रचनाकार रचनाएं
(क) रघुवीर सहाय (i) नाटक जारी है
(ख) धूमिल (ii) गर्म हवाएं
(ग) लीलाधर जगूड़ी (iii) संसद से सड़क तक
(घ) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना (iv) कुछ पते कुछ चिट्ठियां

सही विकल्प है -

Q.48

निम्नलिखित में से असंगत कथन कौनसा है?

Q.49

मौखिक अभिव्यक्ति के मूल्यांकन हेतु कौनसी गतिविधि उपयुक्त नहीं है?

Q.50

निम्नलिखित में से कौनसा कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल के विचारों के विपरीत है?

Q.51

विभावना अलंकार होता है -

Q.52

“भगत देखि राजी हुय्याँ, जगत देख्याँ रूँयाँ। असुवाँ जल सींच प्रेम बेल बूँयाँ।” उक्त पद्यांश से संबंधित पद के अनुसार मीराँ के रुदन के पीछे कौनसा कारण नहीं है?

Q.53

कौनसा विकल्प सुमेलित नहीं है?

Q.54

किसी शिक्षक के कक्षा में अध्यापनार्थ प्रवेश के बाद का पाठ कहलाता है -

Q.55

‘वज्र सा कुछ टूटकर स्मृति से गिरा, दब गये कौन्तेय दुसह भार से।’ कुरुक्षेत्र के अनुसार वज्र सा गिरने पर स्मृति हो आई -

Q.56

निर्देश : प्र.सं. 46 - 48 के उत्तर अपठित गद्यांश के आधार पर दीजिए -

भूमि, जन और जन की संस्कृति को राष्ट्र कहते हैं। प्रत्येक नागरिक पर राष्ट्र के प्रति तीन प्रकार के ऋण हैं - देव ऋण, पितृ ऋण तथा ऋषि ऋण। प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने ऋणों को चुकाकर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह करना चाहिए। राष्ट्र हमारा पालन-पोषण एवं संवर्द्धन करता है, अतः उसे माता के समान माना गया है। हमें राष्ट्र को माँ के समान सम्मान देना चाहिए। राष्ट्र की प्रगति और सुख-समृद्धि में प्रत्येक नागरिक की साझेदारी हो, ऐसा प्रयास करना ही राष्ट्र वंदना है, राष्ट्र पूजा है। यही उसके राष्ट्र प्रेम, देश भक्ति तथा मातृभूमि के प्रति सर्वस्व समर्पण की भावना को प्रकट करता है। राष्ट्र को स्वावलंबी बनाने में हमारी भूमिका निर्णायक सिद्ध होगी। हमें करों का भुगतान पूरी ईमानदारी के साथ करना चाहिए। कर वंचक राष्ट्र की आर्थिक दशा को खोखला करते हैं।

तीनों ऋण चुकाने के उपरांत के लिए क्या अपेक्षित है?

Q.57

“गुरु प्रसाद सूई के नाकै, हस्ती आवै जाँही।” इस पंक्ति में कबीर का अभिप्राय है -

Q.58

निम्नलिखित वाक्यों में से कर्मवाच्य का उदाहरण कौनसा है?

Q.59

राजा मालदेव ने राणा हम्मीर के पास अपनी पुत्री का विवाह प्रस्ताव क्यों भेजा?

Q.60

“मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर साँवरो।
करुना निधान सुजान सील सनेहु जानत रावरो।।”
उक्त पद्यांश के अनुसार सीता जी को किसने आशीर्वाद दिया?

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