Q.61
‘यदि तुम परिश्रम करोगे तो तुम्हें परीक्षा में सफलता मिलेगी।’ वाक्य का प्रकार है -
- (A)
विधानवाचक
- (B)
इच्छावाचक
- (C)
संकेतवाचक
- (D)
विस्मयवाचक
150 सवाल · पेज 4/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.61
‘यदि तुम परिश्रम करोगे तो तुम्हें परीक्षा में सफलता मिलेगी।’ वाक्य का प्रकार है -
विधानवाचक
इच्छावाचक
संकेतवाचक
विस्मयवाचक
Q.62
“जिणि मानिष तैं देवता, करत न लागी बार।”, ‘बार’ का भावार्थ है?
विलम्ब
नमस्कार
आवृत्ति
उपालम्भ
Q.63
चित्र विस्तारक यंत्र है -
चित्रात्मक
दृश्य
श्रव्य
श्रव्य तथा दृश्य
Q.64
‘राम की शक्ति पूजा’ कविता सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ के किस काव्य संग्रह में संकलित है?
अनामिका
गीतिका
तुलसीदास
परिमल
Q.65
‘शुक्लजी ने प्रथम बार हिंदी साहित्य के इतिहास को कविवृत्तसंग्रह की पिटारी से बाहर निकाला।’ उक्त कथन किसका है?
डॉ. नगेन्द्र
हजारी प्रसाद द्विवेदी
नंददुलारे वाजपेयी
विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
Q.66
निम्नलिखित में गलत कथन है -
मानव स्वभाव की तीन प्रवृत्तियाँ - कोमल, पुरुष और मध्यम - रीति विभाजन का आधार बनीं।
आचार्य वामन ने रीति के तीन प्रकार माने हैं।
समष्टि एवं वर्ण गुंफ रीतियों के विभाजन के बाह्य आधार माने गए।
माधुर्य गुण व्यंजक वर्ण, ललित पद और अल्प समासयुक्त रीति गौड़ी है।
Q.67
कौनसा विकल्प सुमेलित नहीं है?
रेखाएं बोल उठीं - देवेंद्र सत्यार्थी
जो न भूल सका - कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर
हमारे आराध्य - बनारसीदास चतुर्वेदी
माटी की मूरतें - रामवृक्ष बेनीपुरी
Q.68
नाद सौंदर्य, भाव-सौंदर्य एवं विचार सौंदर्य का अभ्यास कराया जाता है -
व्याकरण शिक्षण में
गद्य शिक्षण में
पद्य शिक्षण में
नाटक शिक्षण में
Q.69
“जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहि।।
सब अँधियारा मिट गया, जब दीपक देखा माहि।।”
उक्त साखी का भावार्थ है?
अहंकार त्यागे बिना परमात्मा से मिलना संभव नहीं।
अहंकार मिटाने के लिए प्रकाश आवश्यक है।
परमात्मा ज्योतिस्वरूप है, उसकी प्राप्ति से पीड़ा जनित अंधकार मिट जाता है।
परमात्मा हमारे अंदर ही है, उसे बाहर खोजने की आवश्यकता नहीं है।
Q.70
राष्ट्र के आर्थिक खोखलेपन को किस प्रकार दूर किया जा सकता है?
समुन्नत कृषि द्वारा
करों का भुगतान करके
तीव्र औद्योगिक विकास द्वारा
बेरोजगारी मिटाकर
Q.71
“मेरी भव बाधा हरौ, राधा नागरि सोइ। जा तन की झाईं परै स्याम हरित दुति होई।” दोहे में ‘हरित-दुति’ पद का अर्थ नहीं है?
हतद्युति
कल्पता
हरे रंग वाला
प्रसन्न वदन
Q.72
‘उजाले के मुसाहिब’, कहानी का मूल कथ्य है -
सामन्तों की चाटुकारिता पर व्यंग्य
राजा द्वारा प्रजा के शोषण पर व्यंग्य
राजा की अयोग्यता का चित्रण
सामन्ती जीवन में भ्रष्टाचार का चित्रण
Q.73
निम्नलिखित में अशुद्ध शब्द है -
मिष्ठान्न
अन्तर्धान
उपलक्ष्य
सौजन्य
Q.74
‘कंगाली में आटा गीला’, लोकोक्ति का अर्थ है -
थोड़ा-थोड़ा इकट्ठा करना।
धन की निरंतर कमी होना।
मुसीबत पर मुसीबत आना।
कष्ट में राहत।
Q.75
भक्तिकालीन कृष्ण काव्य के संबंध में कौनसा विवरण गलत है?
अष्टछाप के सभी कवि सूरदास के प्रभाव से पूर्णतः मुक्त हैं।
अधिकांश कृष्ण काव्य गीतिपदों में लिखा गया है।
पुष्टिमार्गीय कृष्ण काव्य में गोपाल कृष्ण की बाललीला को विशेष महत्त्व दिया गया है।
इस काव्य की एक सामान्य प्रकृति है कि यह अधिकतर मुक्तक रूप में रचा गया है।
Q.76
“तबहिं उपँगसुत आय गए। सखा सखा कछु अंतर नाहीं भरि भरि अंक लए।” यहाँ ‘उपँगसुत’ से आशय है -
कृष्ण
सुदामा
उद्धव
बलराम
Q.77
ट, ठ, ष का उच्चारण स्थल है -
मूर्द्धा
कण्ठ
वर्त्स
ओष्ठ
Q.78
“आली री म्हारे नैणाँ बाण पड़ी। मीराँ गिरधर हाथ बिकाणी, लोग कह्याँ बिगड़ी।” इस पद के अनुसार मीराँ के नेत्रों को कौनसी आदत पड़ गई है?
दिन रात आँसू बहाने की।
कृष्ण आगमन का पथ निहारने की।
सदैव बंद रहने की।
अहर्निश जागने की।
Q.79
देवनागरी लिपि से संबंधित है -
शारदा लिपि
खरोष्ठी लिपि
चित्र लिपि
कुटिल लिपि
Q.80
अत्यंत शब्द में उपसर्ग है -
अत्
अ
अति
अत्य