Q.101
इनमें से किस कवि का संबंध ‘तीसरा सप्तक’ से है?
- (A)
शमशेर बहादुर सिंह
- (B)
केदारनाथ सिंह
- (C)
रघुवीर सहाय
- (D)
राजेंद्र किशोर
150 सवाल · पेज 6/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.101
इनमें से किस कवि का संबंध ‘तीसरा सप्तक’ से है?
शमशेर बहादुर सिंह
केदारनाथ सिंह
रघुवीर सहाय
राजेंद्र किशोर
Q.102
प्रयोगवादी काव्य के संदर्भ में इनमें से कौनसा कथन असत्य है?
प्रयोगवाद ने बड़ी-बड़ी घटनाओं, बड़े-बड़े व्यक्तियों और बड़े-बड़े जीवन प्रसंगों के विशाल फलक पर इतिवृत्तात्मक काव्य का निर्माण किया।
प्रयोगवादी कवि भावुकता के स्थान पर ठोस बौद्धिकता को स्वीकार करते हैं।
प्रयोगवादी कविता में मध्यम वर्गीय व्यक्ति जीवन की समस्त जड़ता, कुंठा, अनास्था, पराजय और मानसिक संघर्ष के सत्य की अभिव्यक्ति है।
‘प्रयोगवाद’ नाम उन कविताओं के लिए रूढ़ हो गया जो ‘तार सप्तक’ के माध्यम से सन् 1943 में प्रकाशन जगत में आयीं।
Q.103
शब्द शक्ति के संबंध में इनमें से कौनसा कथन सही नहीं है?
शब्द की शक्ति उसके अन्तर्निहित अर्थ को व्यक्त करने का व्यापार है।
अभिधा शब्द शक्ति के द्वारा तीन प्रकार के शब्दों-रूढ़, यौगिक और योगरूढ़-का अर्थबोध होता है।
मम्मट ने शब्द शक्ति के लिए ‘शक्ति’ तथा विश्वनाथ ने ‘व्यापार’ शब्द का प्रयोग किया है।
व्यंजना शब्द शक्ति से प्राप्त अर्थ को प्रतीयमानार्थ भी कहते हैं।
Q.104
चिक्करहिं दिग्गज डोल महि, गिरि लोल सागर खरभरे।
मन हरष सब गंधर्व-सुर-मुनि, नाग-किन्नर दुःख टरे।।
कटकटहिं मर्कट विकट भट, बहु कोटि कोटिन्ह धावहीं।
जयराम प्रबल प्रताप, कोसलनाथ गुन गन गावहीं।।
उपर्युक्त पंक्तियों में इनमें से कौन सा काव्य-गुण है?
प्रसाद
ओज
माधुर्य
प्रसाद एवं माधुर्य
Q.105
‘सुबरन को ढूंढ़त फिरै कवि, कामी अरु चोर’
उपर्युक्त पंक्ति में इनमें से कौन-सा अलंकार है?
यमक
भ्रान्तिमान
व्यतिरेक
श्लेष
Q.106
“दृग उरझत टूटत कुटुम, जुरत चतुर चित प्रीति। परति गाँठ दुरजन हिये, दई नई यह रीति।” उपर्युक्त पंक्तियों में इनमें से कौन-सा अलंकार है?
असंगति
विरोधाभास
व्यतिरेक
अन्योक्ति
Q.107
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
कुण्डलिया छन्द सोरठा और रोला के मेल से बनता है।
दोहा छंद में विषम चरण में 13 और सम चरण में 11 मात्राएं होती हैं।
द्रुत विलंबित छंद में प्रत्येक चरण 12 वर्ण तथा ‘न भ भ र’ क्रम होता है।
गीतिका छन्द के प्रत्येक चरण में 26 मात्राएं होती हैं।
Q.108
रस के स्वरूप के संबंध में इनमें से कौन सा कथन असत्य है?
रस वेद्यान्तर स्पर्श शून्य है।
रसलौकिक आनंद प्रदान करता है।
रस ब्रह्मानंद सहोदर है।
रस स्वप्रकाशानन्द है।
Q.109
निम्नलिखित में से ‘सात्विक अनुभाव’ नहीं है?
वैवर्ण्य
प्रलय
अपस्मार
अश्रु
Q.110
“अखिल भुवन चर अचर सब, हरि मुख में लखि मात।
चकित भई गदगद वचन, विकसित दृग पुलकात।।”
इन पंक्तियों में निम्नलिखित में से कौनसा रस है?
अद्भुत रस
वीर रस
करुण रस
श्रृंगार रस
Q.111
काव्य लक्षण एवं लक्षणकार की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प सुमेलित नहीं है?
शब्दार्थौ सहितौ काव्यम् - भामह
वाक्यं रसात्मकं काव्यम् - विश्वनाथ
तददोषौ शब्दार्थौ सगुणावनलंकृती पुनः क्वापि-मम्मट
रमणीयार्थ प्रतिपादकः शब्दः काव्यम् - दण्डी
Q.112
“शक्तिर्निपुणता लोकशास्त्रकाव्याद्यवेक्षणात्।
काव्यज्ञशिक्षयाभ्यास इति हेतुस्तदुद्भवे।।”
काव्य हेतु विषयक उपर्युक्त मत इनमें से किस आचार्य का है?
मम्मट
वामन
दण्डी
हेमचन्द्र
Q.113
“काव्यं यशसेऽर्थकृते व्यवहारविदे शिवेतरक्षतये।
सद्यः परनिर्वृतये कान्तासम्मितयोपदेशयुजे।।”
‘काव्य प्रयोजन’ विषयक उपर्युक्त मत इनमें से किस आचार्य का है?
भामह
मम्मट
वामन
भरत
Q.114
‘रस निष्पत्ति’ के व्याख्याकारों में से भट्ट नायक के सिद्धान्त को इनमें से क्या कहा जाता है?
अभिव्यक्तिवाद
भुक्तिवाद
अनुमितिवाद
उत्पत्तिवाद
Q.115
साधारणीकरण के संदर्भ में कहा गया यह वाक्य-“भावकत्वं साधारणीकरणं”- निम्नलिखित में से किस आचार्य का है?
भट्टनायक
रुद्रट
विश्वनाथ
जगन्नाथ
Q.116
‘काव्यस्यात्मा ध्वनिरिति बुधैयैः समाम्नात पूर्व स्तस्याभावं जगदुरपरे भाक्तमाहुस्तमन्ये।’ यह कथन इनमें से किस आचार्य का है?
वामन
अभिनव गुप्त
आनन्द वर्धन
मम्मट
Q.117
आचार्य कुन्तक ने निम्नलिखित में से किसे ‘वक्रोक्ति’ का एक भेद नहीं माना है?
पद पूर्वार्द्ध वक्रता
कल्पना वक्रता
वर्ण विन्यास वक्रता
प्रबन्ध वक्रता
Q.118
इनमें अरस्तू के अनुकरण सिद्धांत से संबंधित कौनसा कथन सही नहीं है?
अनुकरण का अभिप्राय भावपरक अनुकरण से है, न कि यथार्थ वस्तुपरक प्रत्यंकन से।
अनुकरण के संबंध में प्लेटो और अरस्तू के मत में कोई अंतर नहीं है।
अनुकरण में आदर्शतत्त्व का समावेश भी होगा और वह सुन्दर एवं आनंददायी होगा।
व्यष्टि से संबद्ध होते हुए भी वह समष्टिगत सत्य का प्रतिपादन करेगा।
Q.119
‘औदात्य सिद्धान्त’ के सम्बन्ध में इनमें से कौन सा कथन सही नहीं है?
लौजाइनस के प्रसिद्ध ग्रंथ का नाम है-‘पेरिइप्सुस’ है।
‘बालेयता’ औदात्य का आवश्यक तत्व है।
भावावेश की तीव्रता औदात्य का आवश्यक तत्व एवं अंतरंग पक्ष है।
गरिमामय रचना-विधान औदात्य का महत्वपूर्ण तत्व है।
Q.120
कार्ल मार्क्स और उनके विचारों के बारे में इनमें से कौन सा कथन असत्य है?
मार्क्स के अनुसार श्रम और वर्ग संघर्ष काव्य की मूल प्रेरणाएँ हैं।
मार्क्स ने सर्जन की प्रक्रिया में सौंदर्य की भावना को कुछ भी महत्त्व नहीं दिया।
मार्क्स दुनिया के सब मनुष्यों में दो वर्ग मानते हैं-शोषक वर्ग और शोषित वर्ग।
मार्क्स काव्य का उद्देश्य क्रान्ति को प्रोत्साहित करना मानते हैं।