Q.121
शिक्षा मनोविज्ञान की ‘विषय वस्तु’ की व्याख्या के लिए उपयुक्त पद है-
- (A)
निश्चयात्मकता
- (B)
संभावनापूर्णता
- (C)
पूर्वनीयता
- (D)
विकासशीलता
150 सवाल · पेज 7/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.121
शिक्षा मनोविज्ञान की ‘विषय वस्तु’ की व्याख्या के लिए उपयुक्त पद है-
निश्चयात्मकता
संभावनापूर्णता
पूर्वनीयता
विकासशीलता
Q.122
एक छात्र हिन्दी कविता की आलोचनात्मक व्याख्या प्रस्तुत कर लेता है। उसका यह ‘अधिगम व्यवहार’ किस अनुक्षेत्र में रखा जा सकता है?
संज्ञानात्मक अनुक्षेत्र
संज्ञानात्मक एवं भावात्मक अनुक्षेत्र
भावात्मक अनुक्षेत्र
भावात्मक एवं मनोगतिक अनुक्षेत्र
Q.123
अधिगम के विभिन्न सिद्धांत व्याख्या करते हैं-
अधिगम के उत्पन्न एवं व्यक्त होने की प्रक्रिया का
कौशल अधिगम में बुद्धि के योगदान का
संज्ञानपरक अधिगम में व्यक्तित्व की भूमिका का
अधिगम घटित होने में अभिप्रेरणा के महत्त्व का
Q.124
ठोस वस्तुओं पर आधारित मानसिक संक्रिया के परिणामस्वरूप समस्या समाधान, पियाजे के संज्ञानात्मक विकास कौन सी अवस्था को प्रदर्शित करता है?
संवेदी पेशीय अवस्था
प्राक्संक्रियात्मक अवस्था
मूर्तसंक्रियात्मक अवस्था
औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था
Q.125
निम्नलिखित में से कौन ‘राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2005’ के मार्गदर्शक सिद्धांतों का हिस्सा नहीं है?
ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ना
पढ़ाई रटंत प्रणाली से मुक्त हो, यह सुनिश्चित करना
स्कूली शिक्षा में नवउदारवाद की अवधारणा को विकसित करना
परीक्षा को अपेक्षाकृत अधिक लचीला बनाना और कक्षा की गतिविधियों से जोड़ना
Q.126
समानता, गुणवत्ता व परिमाण को भारतीय शिक्षा का ‘दुर्ग्राह्य त्रिकोण’ किसने कहा था?
प्रो. यशपाल
श्री. जे.पी. नायक
प्रो. वी.के.आर.वी. राव
श्री. गिजुभाई बधेका
Q.127
‘सीखने के लिए सीखना, जो सीखा है उसे छोड़ने की और दोबारा सीखने की तत्परता, नयी परिस्थितियों के प्रति लचीले व रचनात्मक तरीके से प्रतिक्रिया व्यक्त करने की महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया पर ज़ोर डालने की आवश्यकता है’-यह महत्त्वपूर्ण उद्देश्य था-
‘शिक्षा बिना बोझ के’ प्रतिवेदन-1993
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-1986
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2005
‘माध्यमिक शिक्षा का सार्वभौमिकरण’ प्रतिवेदन-2005
Q.128
निम्नलिखित का सही युग्म बनाइये-
| अधिगम | धारणाप्रतिपादक / समर्थक |
|---|---|
| (अ) उद्दीपक-अनुक्रिया संबंधों की संरचना | (1) कोहलर |
| (ब) संकेत अधिगम | (2) कुर्ट लेविन |
| (स) क्षेत्र सिद्धांत | (3) थॉर्नडाइक |
| (द) अन्तर्दृष्टि अधिगम | (4) टोलमैन |
(अ)-3, (ब)-1, (स)-2, (द)-4
(अ)-3, (ब)-4, (स)-2, (द)-1
(अ)-4, (ब)-3, (स)-1, (द)-2
(अ)-2, (ब)-4, (स)-3, (द)-1
Q.129
‘संज्ञान’ शब्द का सही अर्थ क्या है?
केवल दूसरों की भावनाओं को समझना
कर्म (कार्य) व भाषा के माध्यम से स्वयं और दुनिया को समझना
भाषा के माध्यम से स्वयं और दुनिया को समझना
कर्म (कार्य) के माध्यम से स्वयं और दुनिया को समझना
Q.130
‘अस्मिता’ के विकास के लिये सबसे महत्वपूर्ण समय है-
बाल्यावस्था
किशोरावस्था
प्रौढ़ावस्था
वृद्धावस्था
Q.131
निम्नलिखित में से कौन-सा ‘अशाब्दिक संप्रेषण’ का उदाहरण नहीं है?
संकेतन करना
चेहरे से व्यक्त करना
स्पर्श से भेद करना
जानबूझकर मुस्कराना
Q.132
निम्नलिखित में से कौन संप्रेषण प्रक्रिया का तत्व नहीं है?
संप्रेषक
संदेश
गंतव्य
संदर्भ
Q.133
निम्नलिखित में कौनसा एक संप्रेषण का प्रकार नहीं है?
स्व संप्रेषण
वैध संप्रेषण
अंतरवैयक्तिक संप्रेषण
लोक संप्रेषण
Q.134
‘ज्ञान तभी उपयोगी है जब वह स्वयं के निरीक्षण के द्वारा प्राप्त किया गया हो’, सिद्धांत है -
ह्यूरिस्टिक विधि
प्रदर्शन विधि
क्रिया विधि
साक्षात्कार विधि
Q.135
आभासी अनुभव किसके माध्यम से बेहतर दिया जा सकता है?
प्रतिमान
क्षेत्र भ्रमण
स्वयं करके सीखने का अनुभव
कम्प्यूटर (संगणक)
Q.136
निम्नलिखित में कौन मुद्रित सामग्री का एक प्रकार नहीं है?
एनसाइक्लोपीडिया
बुलेटिन
अनुशिक्षिकीय
कैटलॉग
Q.137
निम्नलिखित में से कौन प्रभुत्ववादी अनुदेशनात्मक आव्यूह का प्रकार नहीं है?
योजना विधि
व्याख्यान विधि
अनुवर्ग शिक्षण
पाठ प्रदर्शन
Q.138
कक्षा शिक्षण के सन्दर्भ में अधिगम एवं अभिप्रेरणा उत्पन्न करने के लिये किस प्रकार की जानकारी अपेक्षित नहीं है-
शिक्षक चर
छात्र चर
विद्यालय में सेवा के लिये स्वीकृत नियम
परिस्थितिगत चर
Q.139
किसे ‘अहं-ग्रस्त’ छात्र की विशेषता के रूप में नहीं माना जा सकता?
छात्र किसी पुरस्कार की इच्छा द्वारा अनुप्रेरित होता है।
छात्र अपने आकांक्षा स्तर को अपने आत्म-सम्प्रत्यय के अनुसार निर्धारित करता है।
लक्ष्य की प्राप्ति हेतु छात्र अपेक्षित तल्लीनता प्रदर्शित करता है।
अपेक्षित मानदण्डों के अनुसार छात्र अपने व्यवहार को टालने की चिंता व्यक्त करता है।
Q.140
सही मिलान कीजिए-
| संज्ञानवादी अवधारणा | मुख्य प्रवर्तक |
|---|---|
| अभिग्राही अधिगम | बेरी जिमरमैन |
| सतही एवं गहन उपागम | पियाजे |
| स्वनियमित अधिगम | ऑसबेल |
| विकासवादी सिद्धांत पर आधारित अधिगम | फेरेन्स मर्टन |
(1)-(ब), (2)-(अ), (3)-(स), (4)-(द)
(1)-(स), (2)-(द), (3)-(अ), (4)-(ब)
(1)-(द), (2)-(स), (3)-(ब), (4)-(अ)
(1)-(द), (2)-(ब), (3)-(स), (4)-(अ)