Q.21
किस शब्द-शक्ति द्वारा शब्द के सामान्य प्रचलित अर्थ का ज्ञान होता है?
- (A)
लक्षण लक्षणा
- (B)
व्यंजना
- (C)
प्रयोजनवती लक्षणा
- (D)
अभिधा
150 सवाल · पेज 2/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.21
किस शब्द-शक्ति द्वारा शब्द के सामान्य प्रचलित अर्थ का ज्ञान होता है?
लक्षण लक्षणा
व्यंजना
प्रयोजनवती लक्षणा
अभिधा
Q.22
कंकन किंकिनि नूपुर धुनि सुनि। कहत लखन सन राम हृदय गुनि।।
मानहु मदन दुंदुभी दीनी। मनसा बिस्व-विजय कहँ कीनि।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौनसा काव्य गुण है?
माधुर्य
कांति
उदारता
ओज
Q.23
ध्यातव्य — प्र.सं. 26 - 27 के उत्तर निम्नांकित अपठित गद्यांश के आधार पर दें -
सफलता और चरितार्थता में अन्तर है। मनुष्य मारणास्त्रों के संचयन से, बाह्य उपकरणों के बाहुल्य से उस वस्तु को पा भी सकता है, जिसे उसने बड़े आडम्बर के साथ सफलता नाम दे रखा है। परन्तु मनुष्य की चरितार्थता प्रेम में है, मैत्री में है, त्याग में है, अपने को सबके मंगल के लिये निःशेष भाव से दे देने में है। नाखूनों का बढ़ना मनुष्य की उस अन्ध सहजता वृत्ति का परिणाम है, जो उसके जीवन में सफलता ले आना चाहती है, उसको काट देना उस ‘स्व’-निर्धारित आत्म-बन्धन का फल है, जो उसे चरितार्थता की ओर ले जाती है।
नाखूनों को काट देना किसका परिणाम है?
मनुष्य के भीतर की पशुता का
मनुष्य के उच्छृंखल स्वभाव का
बाह्य उपकरणों के बाहुल्य का
स्व-निर्धारित आत्म-बन्धन का
Q.24
‘लौट कर आया हुआ’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द होगा-
परोक्ष
प्रत्यागत
परार्थी
भावी
Q.25
रचना और रचनाकार की दृष्टि से कौनसा विकल्प सुमेलित नहीं है?
श्रावकाचार - देवसेन
स्थूलिभद्र रास - विजयसेन सूरि
भरतेश्वर बाहुबली रास - शालिभद्र सूरि
नेमिनाथ रास - सुमति गणि
Q.26
हीनता ग्रंथि और श्रेष्ठता ग्रंथि का अतिरेक व्यक्ति को मानसिक रोगी बना देता है, यह विचार प्रस्तुत करने वाले मनोविश्लेषक हैं -
मैकडूगल
फ्रायड
अल्फ्रेड एडलर
कार्ल गुस्ताव जुंग
Q.27
"’शास्त्र स्थिति - संपादन मात्र इनका लक्ष्य नहीं था। कहीं तो चमत्कारातिशय के लिए ये उक्तियाँ बाँधते थे और कहीं रसाभिव्यक्ति के लिए रीति-शास्त्रों में गिनाई हुई सामग्री का त्याग करके अपने अनुभव और निरीक्षण से प्राप्त उपलब्धि, सामग्री या नूतनता का सन्निवेश करते थे।’”
उक्त कथन किसका है?
आचार्य रामचंद्र शुक्ल
आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
डॉ. नगेन्द्र
Q.28
‘कविता क्या है’ निबंध में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के मतानुसार चमत्कार के अन्तर्गत क्या सम्मिलित नहीं है?
शब्दों की क्रीड़ा
प्रस्तुत वस्तुओं का अद्भुतत्व अथवा अप्रस्तुत वस्तुओं के साथ उनके सादृश्य की अनहोनी
वर्ण विन्यास की विशेषता
वाक्य की वक्रता या वचनभंगी
Q.29
निम्नलिखित में से कौनसी क्रिया ‘अग्रिम संगठक प्रतिमान’ की ‘संरचना’ के प्रथम चरण : ‘अग्रिम संगठक का प्रस्तुतीकरण’ के अन्तर्गत सम्मिलित नहीं है?
पाठ शिक्षण से संबंधित विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान से परिचित होना
पाठ उद्देश्यों का स्पष्टीकरण
अग्रिम संगठक का प्रस्तुतीकरण
अधिगम सामग्री का औपचारिक प्रस्तुतीकरण
Q.30
प्रयोगवाद को स्पष्ट करते हुए अज्ञेय की उक्ति “प्रयोग का कोई वाद नहीं है ……….. प्रयोग अपने आप में इष्ट नहीं है, वह साधन है और दोहरा साधन है। क्योंकि एक तो वह उस सत्य को जानने का साधन है, जिसे कवि प्रेषित करता है, दूसरे वह उस प्रेषण की क्रिया को और उसके साधनों को जानने का भी साधन है।” किस संग्रह की भूमिका में लिखी गई है?
दूसरा सप्तक
तीसरा सप्तक
तार सप्तक
चौथा सप्तक
Q.31
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने मीराबाई की उपासना किस ढंग की मानी है?
दास्य भाव
वत्सल भाव
माधुर्य भाव
सख्य भाव
Q.32
“सिद्धों और योगियों की रचनाएं तांत्रिक विधान, योग साधना, आत्म निग्रह, श्वास-निरोध, भीतरी चक्रों और नाड़ियों की स्थिति, अंतर्मुख साधना के महत्त्व इत्यादि की सांप्रदायिक शिक्षा मात्र हैं, जीवन की स्वाभाविक अनुभूतियों और दशाओं से उनका कोई संबंध नहीं। अतः वे शुद्ध साहित्य के अन्तर्गत नहीं आती।” आदिकालीन सिद्धों और योगियों के साहित्य के बारे में यह कथन किसका है?
रामचंद्र शुक्ल
मिश्र बंधु
शिवसिंह सेंगर
विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
Q.33
हिन्दी साहित्य के इतिहास विषयक चार ग्रंथ हैं -
(अ) मिश्र बंधु विनोद
(ब) शिव सिंह सरोज
(स) द मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान
(द) इस्त्वार द ला लितरेत्यूर ऐन्दुई ऐ ऐन्दुस्तानी
इन ग्रंथों का रचनाकाल की दृष्टि से आरोही क्रम है -
(स), (द), (अ), (ब)
(द), (स), (अ), (ब)
(द), (ब), (स), (अ)
(स), (द), (ब), (अ)
Q.34
‘रंग में भंग होना’ का अभिप्राय है-
रंगों में भंग मिल जाना
रंग का डिब्बा बिखर जाना
उल्लास में विघ्न पड़ना
रंगीन तस्वीर खराब हो जाना
Q.35
‘कुलिस-कठोर सुनत कटु बानी। विलपत लखन, सीय, सब रानी।।’ प्रस्तुत पंक्ति में अलंकार है -
उत्प्रेक्षा
श्लेष
यमक
उपमा
Q.36
निम्नलिखित में से संधि से निर्मित सही शब्द नहीं है –
मही + इन्द्र = महेन्द्र
इति + आदि = इत्यादि
उपरि + उक्त = उपर्युक्त
रवि + इन्द्र = रवीन्द्र
Q.37
हिन्दी साहित्य के इतिहास की आरंभिक सीमा संवत् 750 (693 ई.) मानने वाले इतिहासकार हैं -
बाबू श्याम सुंदरदास
रामकुमार वर्मा
रामचंद्र शुक्ल
राहुल सांकृत्यायन
Q.38
निम्नलिखित विकल्पों में से तुलसीदास कृत ‘रामचरितमानस’ में काण्ड/सोपानों का सही अनुक्रम है -
बालकाण्ड - अयोध्याकाण्ड - किष्किन्धाकाण्ड - अरण्यकाण्ड
बालकाण्ड - अरण्यकाण्ड - अयोध्याकाण्ड - किष्किन्धाकाण्ड
बालकाण्ड - अरण्यकाण्ड - किष्किन्धाकाण्ड - अयोध्याकाण्ड
बालकाण्ड - अयोध्याकाण्ड - अरण्यकाण्ड - किष्किन्धाकाण्ड
Q.39
"’तो पर वारों उरबसी, सुनि राधिके सुजान। तू मोहन के उरबसी, ह्वै उरबसी समान।।’”
बिहारी में उपर्युक्त दोहे में ‘उरबसी’ शब्द का प्रसंगानुसार कौनसा विकल्प अर्थ की दृष्टि से भिन्न है?
हृदय का वसन
हृदय में वसना
आभूषण विशेष
एक अप्सरा का नाम
Q.40
हिन्दी के प्रारम्भिक काल के प्रदत्त नामकरण तथा समर्थकों की दृष्टि से कौनसा विकल्प सुमेलित नहीं है?
वीर काल - आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
आदिकाल - डॉ. रसाल
चारण काल - डॉ. जार्ज ग्रियर्सन
सिद्ध-सामंत काल - राहुल सांकृत्यायन