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राजस्थान राजव्यवस्था

मुख्यमंत्री एंव मंत्रिपरिषद और महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल)

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.)(POLITICAL SCIENCE) exam 2015

मुख्यमंत्री के कार्य व शक्तियों का उल्लेख भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में मिलता है?

भारतीय ⁠‌​‌​​‌​​​​​​​⁠संविधान का अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्तव्यों को परिभाषित करता है। इस अनुच्छेद के अनुसार, मुख्यमंत्री राज्यपाल और राज्य मंत्रिपरिषद के बीच संवाद के मुख्य माध्यम के रूप में कार्य करता है। मुख्यमंत्री के प्रमुख संवैधानिक उत्तरदायित्व निम्नलिखित हैं:…

Q.2 Senior Physical Education Teacher Exam - 2011

राजस्थान के मंत्री परिषद में मुख्यमंत्री सहित विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के अधिक से अधिक कितने प्रतिशत सदस्य हो सकते हैं-

भारतीय ⁠‌​​​‌​‌​‌‌​‌​​⁠संविधान के 91वें संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा अनुच्छेद 164(1 क) जोड़ा गया, जिसके अनुसार किसी राज्य के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या, उस राज्य की विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती।…

Q.3 पटवार सीधी भर्ती परीक्षा - 2021

निम्न में से कौन सा विकल्प राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल का सही क्रम है-

राजस्थान ⁠‌​​​‌​‌​‌‌‌​​​⁠के मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल का सही क्रम इस प्रकार है: हरिदेव जोशी का कार्यकाल 11 अक्टूबर 1973 से 29 अप्रैल 1977 तक रहा। इसके पश्चात, भैरों सिंह शेखावत ने 22 जून 1977 से 16 फरवरी 1980 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।…

Q.4 SR. TEACHER GR II (SPL. EDU.) 2018

संविधान के अनुच्छेद 167 के अनुसार राज्यपाल को जानकारी देना मुख्यमंत्री का क्या है-

भारतीय ⁠‌‌​‌‌‌‌‌‌‌​​‌​⁠संविधान के अनुच्छेद 167 के तहत राज्य के मुख्यमंत्री के संवैधानिक कर्तव्यों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इस अनुच्छेद के अनुसार, राज्यपाल को राज्य के प्रशासन और विधायी प्रस्तावों के संबंध में जानकारी देना मुख्यमंत्री का कर्तव्य (Duty) है। मुख्यमंत्री राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करता है।…

Q.5 कथन आधारित Rajasthan CET Graduate Level PYP, Common Eligibility Test(Graduation Level) - 2022 - Master Question Paper 131A

कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए-
1. टीकाराम पालीवाल राजस्थान में एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो उपमुख्यमंत्री भी रहे हैं।
2. हरिशंकर भाभड़ा राजस्थान में अब तक सबसे लम्बे समय तक उपमुख्यमंत्री रहे हैं।

दिए ⁠‌​‌​​​‌‌‌​‌‌​​​​​⁠गए दोनों कथन सही हैं।
1. टीकाराम पालीवाल राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री (मार्च 1952 से अक्टूबर 1952) थे। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद, उन्होंने जयनारायण व्यास के मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री (1952-1954) के रूप में कार्य किया। वे राजस्थान के एकमात्र ऐसे नेता हैं जो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों पदों पर रहे हैं।
2.…

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Q.6 कथन आधारित SR. TEACHER GR II (SPL. EDU.) 2018

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें तथा कथनों के नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए-
1. राजस्थान में मंत्री राजस्थान के राज्यपाल के प्रसाद पर्यन्त पद पर बने रहते हैं।
2. राजस्थान की मंत्रिपरिषद् में मुख्यमंत्री के बिना मंत्रियों की कुल संख्या राजस्थान विधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या के पन्द्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
3. भारत के संविधान के 91वें संशोधन के उपरांत राजस्थान में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की संख्या बारह से कम नहीं होगी।

कूट-

भारतीय ⁠‌​​​‌​‌‌‌​‌​‌​​‌‌​⁠संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार, राज्य के मंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यंत अपना पद धारण करते हैं। इसका अर्थ है कि सभी मंत्री व्यक्तिगत रूप से राज्यपाल के प्रति उत्तरदायी होते हैं और राज्यपाल मंत्रियों को बर्खास्त कर सकता है। मंत्रिपरिषद के आकार को निश्चित करने के लिए 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा अनुच्छेद 164(1 क) जोड़ा गया।…

Q.7 सुमेलित करें SR. TEACHER GR II 2018 B

निम्नांकित में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है?

दिए ⁠‌​​​‌​‌‌‌​‌​​‌‌‌‌‌⁠गए विकल्पों में से हरिदेव जोशी - त्रिपुरा सुमेलित नहीं है। हरिदेव जोशी राजस्थान के ऐसे मुख्यमंत्री रहे जिन्होंने असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्य किया, लेकिन वे कभी त्रिपुरा के राज्यपाल नहीं रहे। राजस्थान के अन्य मुख्यमंत्रियों के राज्यपाल के रूप में कार्यकाल का विवरण इस प्रकार है:…

Q.8 अभिकथन-कारण

कथन- राज्यपाल और मंत्रिपरिषद् के बीच मुख्यमंत्री संचार का माध्यम है।
कारण- मुख्यमंत्री राज्य मंत्रीपरिषद का प्रमुख है।
इस प्रश्न का उतर नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर दीजिए-

भारतीय ⁠‌‌​‌‌‌​​​‌‌​‌​​⁠संविधान के अनुच्छेद 167 के अनुसार, मुख्यमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह राज्य के प्रशासन और विधान संबंधी मंत्रिपरिषद् के सभी निर्णयों की जानकारी राज्यपाल को प्रदान करे। इस संवैधानिक प्रावधान के कारण मुख्यमंत्री, राज्यपाल और राज्य मंत्रिपरिषद् के बीच संचार के माध्यम या कड़ी के रूप में कार्य करता है।…

Q.9 क्रम व्यवस्थित करें Headmaster Exam - 02.09.2018

मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल की अवधि के आधार पर अवरोही क्रम:

1. मोहनलाल सुखाड़िया
2. अशोक गहलोत
3. भैरोंसिंह शेखावत
4. हरिदेव जोशी

राजस्थान ⁠‌​‌​​​‌‌‌​‌‌​‌​​‌⁠के मुख्यमंत्रियों का उनके कार्यकाल की कुल अवधि के अनुसार अवरोही क्रम (सबसे अधिक से कम) इस प्रकार है:

  1. मोहनलाल सुखाड़िया: इनका कुल कार्यकाल 16 वर्ष 194 दिन (लगभग 17 वर्ष) रहा। इन्होंने सर्वाधिक 4 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
  2. अशोक गहलोत: इनका कुल कार्यकाल 15 वर्ष 06 दिन रहा।…

Q.10 बहु-विकल्प पटवार सीधी भर्ती परीक्षा - 2021

निम्न में से उस समूह का चयन कीजिये जिन्होंने तीन या अधिक अवसरों पर राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली ।

राजस्थान ⁠‌​​‌‌​​‌​​​‌​‌‌​​​‌⁠की राजव्यवस्था में अब तक कुल चार ऐसे व्यक्ति रहे हैं जिन्होंने तीन या उससे अधिक बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है। इनमें मोहनलाल सुखाड़िया, हरिदेव जोशी, भैरोंसिंह शेखावत और अशोक गहलोत शामिल हैं।

  • मोहनलाल सुखाड़िया: इन्होंने सर्वाधिक 4 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।…
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