Q.81
अनाथ विधवा द्वारा सिली हुई कमीज (मजदूरी और प्रेम पाठ के संदर्भ में) को लेखक ने किस रूप में प्रस्तुत किया है ?
- (A)
आत्मा के वस्त्र के रूप में
- (B)
तन रक्षक कवच के रूप में
- (C)
चाँद-सितारों के रूप में
- (D)
रत्नजड़ित राजसी वेशभूषा के रूप में
150 सवाल · पेज 5/8
इस पेपर का Syllabus:Syllabus (हिंदी)
Q.81
अनाथ विधवा द्वारा सिली हुई कमीज (मजदूरी और प्रेम पाठ के संदर्भ में) को लेखक ने किस रूप में प्रस्तुत किया है ?
आत्मा के वस्त्र के रूप में
तन रक्षक कवच के रूप में
चाँद-सितारों के रूप में
रत्नजड़ित राजसी वेशभूषा के रूप में
Q.82
“काँपती उँगलियों में कस कर पकड़ा हुआ अखबार और आँखों में बाण-बिद्ध क्रौंच-युगल की मूक पीड़ा थी, ……” यह गद्यांश ‘मंदाकिनी’ के किस पाठ से उद्धृत है ?
सुभद्रा
भोर का तारा
निर्वासित
यात्रा : एक पावन तीर्थ की
Q.83
‘हरिऔध’ की कौन सी कृति उपन्यास है ?
रसकलश
ठेठ हिंदी का ठाठ
चोखे चौपदे
प्रियप्रवास
Q.84
शिक्षण के हस्तक्षेप चर के अन्तर्गत आते हैं -
शिक्षक
शिक्षण विधियाँ व पाठ्यवस्तु
छात्र
शिक्षक व छात्र दोनों
Q.85
“यदि मुझमें हास्य की प्रवृत्ति न होती तो मैंने कभी का आत्मघात कर लिया होता ।” ‘आलोक’ में संकलित ‘गांधीजी’ के आधार पर बताइए कि गांधीजी ने यह बात किससे कही थी ?
मि. एंड्रूज से
महादेव भाई से
पदमजा नायडू से
विलायती संवाददाता से
Q.86
भरतमुनि के रसनिष्पत्ति विषयक सूत्र के प्रथम व्याख्याता थे
भट्टनायक
अभिनव गुप्त
भट्ट लोल्लट
शंकुक
Q.87
‘रैबिन प्रोग्रेसिव मैट्रिसेज’ परीक्षण बुद्धि के किस तत्त्व का मापन करता है ?
विशिष्ट तत्त्व का
सामान्य तत्त्व का
क्रियात्मक बुद्धि का
विशिष्ट व क्रियात्मक बुद्धि तत्त्व दोनों का
Q.88
सूफी काव्य से संबंधित कौन सा कथन सही नहीं है?
सूफी काव्य रचना में सर्वप्रथम गुरु की वंदना की जाती है, फिर परमात्मा और पैगंबर का स्मरण करते हैं।
सूफी कवि लौकिक या सांसारिक प्रेम को आध्यात्मिक प्रेम में बाधक नहीं अपितु साधक मानते हैं।
वे प्रेम के द्वारा परमात्मा को प्राप्त करने की बात कहते हैं।
बहुसंख्यक सूफी कवियों ने लौकिक प्रेम कहानियों के माध्यम से अपना आध्यात्मिक प्रेम अभिव्यक्त किया है।
Q.89
इनमें से किस शब्द-युग्म का अर्थभेद सुमेलित नहीं है ?
जठर-जरठ = पेट-बूढ़ा
चक्रवात-चक्रवाक = बवंडर-चकवा
कटिबंध-कटिबद्ध = तैयार-कमरबंद
कटौती-कठौती = कमी-काष्ठपात्र
Q.90
इनमें से कौन सा कथन सही नहीं है ?
जैन कवियों की रचनाएँ आचार, रास, फागु चरित आदि शैलियों में मिलती हैं ।
सिद्धों की रचनाएँ प्रमुखतः दो काव्यरूपों-दोहाकोश और चर्यापद में उपलब्ध हैं ।
नाथ सिद्धों की वाममार्गी भोगप्रधान योग-साधना के पक्षधर थे ।
वीरगाथाओं के रूप में लिखित रासो काव्य जैन रास काव्य से भिन्न हैं ।
Q.91
‘किरन धेनुएँ’ (सरयू में संकलित) कविता में ग्वालिन किसे कहा गया है?
रात्रि को
प्रातः बेला को
वसुधा को
क्षितिज रेखा को
Q.92
“आयौ घोष बड़ौ व्यापारी।” ‘अपरा’ से उद्धृत इस काव्य-पंक्ति में ‘घोष’ शब्द का क्या अर्थ है ?
बाजार
विख्यात
अहीरों की बस्ती
नगर
Q.93
‘कबीर की परिचई’ के लेखक हैं
अनन्तदास
रैदास
धर्मदास
मुकुन्ददास
Q.94
पियाजे के अनुसार मानसिक विकास को प्रभावित करने वाले घटकों में शामिल नहीं है -
गतिवर्द्धन
साम्यावस्था
सामाजिक अंत:क्रिया
परिपक्वता
Q.95
निम्नलिखित में कौन सा कथन गलत है ?
विभावना विरोधमूलक अर्थालंकार है ।
उपमान को अप्रस्तुत भी कहते हैं ।
उपमा अलंकार समस्त सादृश्यमूलक अलंकारों का प्राण है ।
दृष्टांत अलंकार में सामान्य कथन का समर्थन विशेष कथन द्वारा किया जाता है ।
Q.96
इनमें से कौन सा संधि शब्द सही नहीं है ?
तत् + जन्य = तज्जन्य
सत् + गति = सद्गति
विद्वत् + मंडल = विद्वन्मंडल
चित् + आकाश = चिदाकाश
Q.97
प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से दिनकर की इन काव्यकृतियों का सही क्रम किस विकल्प में है ?
रश्मिरथी, रेणुका, सामधेनी, उर्वशी
सामधेनी, रश्मिरथी, उर्वशी, रेणुका
रेणुका, सामधेनी, रश्मिरथी, उर्वशी
रेणुका, रश्मिरथी, उर्वशी, सामधेनी
Q.98
निर्देश : प्र.सं. 144 - 146 के उत्तर निम्नलिखित गद्यावरण के आधार पर दीजिए :
गद्यावरण :
जो भाषा किसी राष्ट्र के भिन्न-भिन्न भाषाभाषियों के पारस्परिक विचार-विनिमय का साधन बनती है, समूचे राष्ट्र को भावात्मक एकता के सूत्र में बाँधती है, देश की परम्पराओं और संस्कृति से जुड़ी होती है, उसे राष्ट्रभाषा कहते हैं। वैसे किसी भी राष्ट्र में प्रचलित सभी भाषाएँ राष्ट्रीय भाषाएँ होती हैं, परन्तु प्रत्येक समृद्धशाली राष्ट्र की कोई एक भाषा ही राष्ट्रभाषा के नाम से अभिहित की जाती है, क्योंकि वह भाषा उस राष्ट्र की प्रतीक होती है, उसमें सारे राष्ट्र की अंतरात्मा विद्यमान रहती है, वह उस राष्ट्र की संस्कृति की संवाहिका होती है, विदेशी राष्ट्रों में उसे समुचित सम्मान दिया जाता है।
उक्त अवतरण में राष्ट्रभाषा को परिभाषित करने में किस घटक का उल्लेख नहीं हुआ है ?
विभिन्न भाषाभाषियों के विचार-विनिमय का साधन होती है।
उसकी समृद्ध साहित्यिक परम्परा होती है।
सम्पूर्ण राष्ट्र को भावात्मक एकता में बाँधती है।
देश की परम्पराओं और संस्कृति से जुड़ी होती है।
Q.99
लोंजाइनस के ‘उदात्त तत्त्व’ की दृष्टि से कौन सा कथन गलत है ?
महान् धारणाओं की क्षमता तथा भावावेश की तीव्रता ‘उदात्त तत्त्व’ के अंतरंग पक्ष माने गये हैं।
अंतरंग पक्ष को लोंजाइनस ने जन्मजात माना है।
अलंकार योजना को ‘उदात्त तत्त्व’ का विरोधी माना गया है।
उत्कृष्ट भाषा ‘उदात्त तत्त्व’ का बहिरंग पक्ष है।
Q.100
कौन सी रचना लक्षण ग्रंथ नहीं है ?
काव्य निर्णय
रामचंद्रिका
रस रहस्य
ललितललाम