बेलन का समीकरण जिसके जनक, रेखा $\frac{x}{1} = \frac{y}{-2} = \frac{z}{3}$ के समान्तर हैं तथा जिसका नियामक वक्र, दीर्घवृत्त $x^2 + 2y^2 = 1$, $z = 0$ है, है -
(A)
$x^2 + y^2 + z^2 - 6xz + 12yz = 1$
(B)
$3(x^2 + 2y^2 + z^2) - 2xz + 8yz = 3$
(C)
$(x^2 + y^2 + 2z^2) - 2xz = 3$
(D)
$x^2 + 2y^2 + z^2 - 6xz + 12yz = 0$
Q.68
उस लम्बवृत्तीय बेलन का समीकरण, जिसका अक्ष $x$-अक्ष तथा त्रिज्या 2 हो, है -
(A)
$y^2 + z^2 = 2$
(B)
$y^2 + z^2 = 4$
(C)
$y^2 + z^2 = \frac{1}{2}$
(D)
$y^2 + z^2 = \frac{1}{4}$
Q.69
दो समान बलों का परिणामी, जब उनके मध्य कोण $2\alpha$ है, उनके उस परिणामी का $\frac{3}{2}$ गुना है, जब उनके मध्य कोण $2\beta$ हो, तो निम्न में से कौन सा सत्य है ?
(A)
$2 \tan \alpha = 3 \tan \beta$
(B)
$2 \sin \alpha = 3 \sin \beta$
(C)
$2 \cos \alpha = 3 \cos \beta$
(D)
$2 \cot \alpha = 3 \cot \beta$
Q.70
रेखा $\frac{x}{l} = \frac{y}{m} = \frac{z}{n}$ शंकु $x^2 - 2y^2 + 3z^2 = 0$ की जनक रेखा होगा यदि
दो समान्तर बल P तथा Q (P > Q) क्रमशः बिन्दुओं A और B पर कार्यरत हैं। जब P तथा Q समदिश हैं तो इनका परिणामी बिन्दु C पर कार्यरत है, जब P तथा Q विपरीत दिशा में हैं, तब इनका परिणामी बिन्दु D पर कार्यरत है, तो CD बराबर है -
(A)
$\left(\frac{PQ}{P^2 - Q^2}\right) AB$
(B)
$\left(\frac{2PQ}{P^2 - Q^2}\right) AB$
(C)
$\frac{PQ}{P^2 - Q^2}$
(D)
$\frac{2PQ}{P^2 - Q^2}$
Q.72
यदि एक कण, एक वृत्तीय पथ $s = a\theta$ तथा $p = a$ पर चलता है, (जहाँ $s, a, \theta, p$ सामान्य संकेतन में हैं), तो निम्न में से कौन सा सत्य नहीं है ?
(A)
स्पर्श रेखीय वेग = अनुप्रस्थ वेग
(B)
अभिलाम्बिक वेग = अरीय वेग
(C)
अभिलाम्बिक वेग = 0
(D)
अभिलाम्बिक त्वरण = अनुप्रस्थ त्वरण
Q.73
एक बिन्दु O पर क्रियाशील दो बल P तथा Q का परिणामी R है। यदि एक तिर्यक रेखा बलों P, Q, R की क्रिया रेखाओं को क्रमशः बिन्दु A, B, C पर काटती है, तब $OC \left( \frac{P}{OA} + \frac{Q}{OB} \right)$ का मान है -
(A)
3R
(B)
2R
(C)
$\frac{R}{2}$
(D)
R
Q.74
एक पिण्ड को वेग $\sqrt{gR}$ मीटर प्रति सेकण्ड से फेंका जाता है तथा जिसका महत्तम क्षैतिज परास R है तो इस स्थिति में उसके द्वारा प्राप्त महत्तम ऊँचाई है -
(A)
$\frac{R}{2}$ मीटर
(B)
$\frac{R}{3}$ मीटर
(C)
$\frac{R}{4}$ मीटर
(D)
R मीटर
Q.75
कथनों I तथा II में से कौन सा/कौन से कथन सत्य है/हैं ?
कथन-I : रैखिक प्रोग्रामन समस्या के सुसंगत हलों का अरिक्त समुच्चय सदैव संवृत अवमुख समुच्चय होता है । कथन-II : यदि रैखिक प्रोग्रामन समस्या के सुसंगत हलों का समुच्चय अरिक्त है, तब उद्देश्य फलन का सदैव एक निम्नतम मान होता है ।
(A)
केवल कथन-I
(B)
केवल कथन-II
(C)
दोनों I तथा II कथन
(D)
ना तो कथन I ना ही II
Q.76
एक कण u वेग से प्रस्थान करता है तथा वह मंदन के अधीन गतिमान है जो कि तय की दूरी के k गुणा के बराबर है, तो विरामावस्था में आने से पूर्व इसके द्वारा तय की गई दूरी है -
(A)
$\sqrt{uk}$
(B)
$2\sqrt{uk}$
(C)
$\frac{u}{\sqrt{k}}$
(D)
$\frac{u}{2\sqrt{k}}$
Q.77
रैखिक प्रोग्रामन समस्या के लिए
अधिकतम $Z = x + 3y$
प्रतिबन्ध $3x + 2y \le 6$
$3x + y = 4$
तथा $x, y \ge 0$,
की द्वैती समस्या का कथन है -