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राजस्थान कला संस्कृति

भाषा एवं बोलियां, साहित्य

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 व.अ.-2010

‘मैं देखता चला गया’ किससे संबंधित है?

‘मैं ⁠‌​​​​‌​​​‌‌​⁠देखता चला गया’ राजस्थान के प्रसिद्ध पत्रकार और राजस्थान पत्रिका समाचार पत्र के संस्थापक कर्पूर चन्द कुलिश की एक महत्वपूर्ण कृति है। यह मूल रूप से उनके द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध यात्रा वृत्तांत है, जिसमें उन्होंने अपने अनुभवों और यात्राओं के दौरान देखी गई सामाजिक-सांस्कृतिक स्थितियों का जीवंत वर्णन किया है।…

Q.2 Assistent Professor-22.09.2021

राजस्थानी भाषा एवं संस्कृति में डिंगल है-

डिंगल ⁠‌​‌‌‌‌​‌​‌‌​⁠पश्चिमी राजस्थानी (मारवाड़ी) की एक प्रमुख साहित्यिक काव्य शैली है। इसका विकास गुर्जरी अपभ्रंश से हुआ है और इसे मुख्य रूप से चारण कवियों द्वारा उपयोग किया गया था। इस शैली में रचित काव्य में वीर रस की प्रधानता होती है, जो वीरता, स्वाधीनता और राष्ट्रीय गौरव की अभिव्यक्ति को दर्शाता है।…

Q.3 Sr. Teacher Grade - II 2018 Group B

दादू पंथ का साहित्य किस भाषा में संग्रहित है-

दादू ⁠‌​‌‌‌‌​‌‌​​‌⁠पंथ के साहित्य का संग्रहण मुख्य रूप से ढूंढाड़ी भाषा में हुआ है, जिसे सधुक्कड़ी (हिंदी मिश्रित ढूंढाड़ी) भाषा के रूप में भी पहचाना जाता है। संत दादू दयाल (1544-1603 ई.), जिन्हें ‘राजस्थान का कबीर’ कहा जाता है, ने अपने जीवन का अधिकांश समय आमेर और जयपुर के निकटवर्ती क्षेत्रों में बिताया।…

Q.4 वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक परीक्षा-19.06.2022

राजावाटी एवं नागरचोल किस बोली की उप-बोलियां है-

राजावाटी ⁠‌​‌‌‌‌​‌‌​‌​⁠एवं नागरचोल ढूंढाड़ी बोली की उप-बोलियां हैं। ढूंढाड़ी बोली राजस्थान के जयपुर, दौसा, टोंक और किशनगढ़ क्षेत्र में बोली जाती है, जिसे जयपुरी या झाड़शाही बोली भी कहा जाता है।…

Q.5 कथन आधारित PTI & Librarian - 2025

राजस्थानी भाषा के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिए -
(अ) मध्यकालीन राजस्थानी भाषा में “गीत” और “दूहा” प्रमुख छंद थे।
(ब) इस समय पिंगल भाषा का प्रचलन हुआ, जिस पर ब्रज भाषा का प्रभाव था।
नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए -

मध्यकालीन ⁠‌​​​‌‌​​‌‌‌‌​​‌​‌​⁠राजस्थानी साहित्य मुख्य रूप से दो प्रमुख साहित्यिक शैलियों, डिंगल और पिंगल में विभाजित रहा है। पश्चिमी राजस्थानी (मारवाड़ी) का साहित्यिक रूप डिंगल कहलाया, जिसका विकास गुर्जरी अपभ्रंश से हुआ। डिंगल साहित्य में ‘दूहा’ (दोहा), गीत, छंद, और झमाल जैसे काव्य रूपों का प्रचुर मात्रा में प्रयोग हुआ है।…

इस topic के 10 और सवाल

Q.6 कथन आधारित Sr. Teacher Grade - II 2024 (Sanskrit edu.)

निम्नलिखित में से दयाल दास की रचना/रचनाएँ कौनसी है/हैं?

(A) बीकानेर रे राठौड़ो री ख्यात
(B) देश दर्पण
(C) आर्याख्यान कल्पद्रुम

कूट -

सिंढायच ⁠‌​​‌​​‌​​​‌​‌​​‌‌​⁠दयालदास बीकानेर रियासत के महाराजा रतन सिंह के दरबारी कवि थे। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना ‘बीकानेर रे राठौड़ो री ख्यात’ (जिसे दयालदास री ख्यात भी कहा जाता है) है। यह ग्रंथ बीकानेर के शासकों के बारे में जानकारी प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण ख्यात है।…

Q.7 सुमेलित करें RPSC 2nd Grade (Sans Edu.) Exam-12.02.2023, SR. TEACHER (SANSKRIT EDU.) (Group B), 12 Feb 2023, II Grade (Sans.) -12.02.2023 (S-II)

निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सुमेलित है?

सही ⁠‌​​‌​‌‌‌​​​‌​‌‌‌‌⁠विकल्प C है क्योंकि बोल भारमली के रचयिता सुप्रसिद्ध साहित्यकार सत्यप्रकाश जोशी हैं। सत्यप्रकाश जोशी ने राजस्थानी कविता में आधुनिक चेतना का समावेश किया और उन्होंने ‘हरावल’ पत्रिका का संपादन भी किया। प्रश्न में उल्लेखित अन्य साहित्यिक कृतियों और उनके वास्तविक रचनाकारों का विवरण निम्नलिखित है:

  • विरुद छिहतरी: यह वीर रस की रचना है।…

Q.8 अभिकथन-कारण तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2025, QUESTION BOOKLET

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में।

अभिकथन A: भरतपुर के निकटतम क्षेत्रों में उनकी बोली पर ब्रज भाषा का प्रभाव देखा जा सकता है।
कारण R: अलवर का क्षेत्र और भरतपुर का कुछ भाग मेवात के नाम से जाना जाता है और यहाँ मेवाती बोली जाती है।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

भरतपुर ⁠‌​‌​​​​‌‌​​‌‌‌​‌‌​⁠और धौलपुर जिले उत्तर प्रदेश की सीमा के निकट स्थित हैं, जिसके कारण इन क्षेत्रों की स्थानीय बोली पर ब्रज भाषा का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ब्रज भाषा की भौगोलिक निकटता के कारण भरतपुर के क्षेत्रों में इसका व्यापक प्रभाव है।…

Q.9 क्रम व्यवस्थित करें तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2025, QUESTION BOOKLET, Primary School Teacher (sanskrit department) 2025, Measures for Preventions of Unfair Means in Recruitment Act, 2022 and Amendment Act, 2023

राजस्थानी साहित्य की ऐतिहासिक परम्पराओं को कालानुक्रमिक रूप से व्यवस्थित करें।

(a) श्रृंगार काल
(b) वीरगाथा काल
(c) विविध प्रवृत्तियों वाला काल
(d) भक्ति काल

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

राजस्थानी ⁠‌​‌‌‌‌​​​​‌‌‌​‌‌​​⁠साहित्य की ऐतिहासिक परम्पराओं का कालानुक्रमिक वर्गीकरण साहित्य की बदलती विषयगत प्रवृत्तियों के आधार पर किया गया है। इसका सही विवरण इस प्रकार है:

  1. वीरगाथा काल (1050 ई. से 1450 ई.): यह साहित्य का प्रथम चरण है, जिसमें संघर्ष की भावना और वीर नायकों के आदर्शों को प्रस्तुत करने के लिए वीर रसात्मक काव्यों का सृजन किया गया।…

Q.10 बहु-विकल्प व्याख्याता (आयुर्वेद विभाग) परीक्षा : 18.12.2021

महाराणा कुम्भा द्वारा लिखित कौनसी कृतियाँ है- नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए उत्तर चुनिए-
अ. सुधा प्रबंध
ब. चण्डी शतक
स. राजवल्लभ
द. वास्तु मंजरी

महाराणा ⁠‌​​‌‌​​‌​​​‌​‌​​‌⁠कुम्भा स्वयं एक विद्वान और संगीत प्रेमी शासक थे। उन्होंने संगीतराज, सूड प्रबंध (सुधा प्रबंध), संगीत मीमांसा, और रसिक प्रिया (गीत गोविन्द की टीका) जैसे ग्रंथों की रचना की थी। चण्डी शतक पर भी कुम्भा द्वारा टीका लिखी गई है, जिसे उनकी साहित्यिक कृतियों में सम्मिलित किया जाता है।…

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