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राजस्थान कला संस्कृति

वेशभूषा

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 Lect. (Ayurveda) Shalya Exam-12/11/2021

निम्न में से कौन सा पुरुष का वस्त्र नहीं है-

लम्पा (Lampa) ⁠‌​‌‌‌​​‌​‌‌‌⁠पुरुषों का वस्त्र नहीं है, बल्कि यह गोटे (Gota) का एक विशिष्ट प्रकार है। राजस्थान में वस्त्रों पर सोने और चाँदी के परतदार तारों से जो कढ़ाई का काम किया जाता है, उसे गोटा कहते हैं। गोटे के विभिन्न प्रकारों में लप्पा (लम्पा), लप्पी, किरण, बांकड़ी, और गोखरू प्रसिद्ध हैं।…

Q.2 Fourth Class Employee - 2025

राष्ट्रीय स्तर पर किस राजस्थानी पोशाक को मान्यता मिली है-

जोधपुरी कोट, ⁠‌​‌‌‌​​‌‌​​‌⁠जिसे ‘बंद गला’ (Bandhgala) सूट के रूप में भी जाना जाता है, राजस्थान का वह प्रमुख परिधान है जिसे राष्ट्रीय स्तर पर भारत की राष्ट्रीय पोशाक (National Dress) के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस पोशाक का उद्भव राजस्थान की जोधपुर क्षेत्र से माना जाता है।…

Q.3 P.S.I.-2011, S.I. Exam-2011

भील पुरूष अपने बालों को ढकने के लिए सिर पर जो पहनते हैं उसे क्या कहा जाता है-

भील ⁠‌‌‌‌‌​​​​‌‌​⁠जनजाति में पुरुषों द्वारा सिर पर धारण किया जाने वाला वस्त्र पोतिया (या स्थानीय रूप में पात्या) कहलाता है। यह सिर पर बाँधा जाने वाला मोटा वस्त्र है जिसे पगड़ी के स्थान पर पहना जाता है। भील पुरुषों के अन्य प्रमुख वस्त्रों का विवरण इस प्रकार है:

  1. ढेपाड़ा: भील पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली तंग धोती।
    2.…

Q.4 REET Mains L-2 (उर्दू) Exam-28.02.2023

निम्नलिखित में से कौनसा पुरुषों का वस्त्र है।

राजस्थान ⁠‌‌​‌​​​‌‌​‌‌‌​‌‌⁠की पारंपरिक संस्कृति में पुरुषों के पहनावे को उनकी सामाजिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। डोढी पुरुषों द्वारा धारण किए जाने वाले ऊपरी वस्त्र अंगरखी का ही एक अन्य नाम है। राजस्थान में पुरुषों के प्रमुख ऊपरी वस्त्रों में अंगरखी सर्वोपरि है, जिसे भील पुरुषों द्वारा स्थानीय भाषा में बुगतरी और सहरिया पुरुषों द्वारा सलूका कहा जाता है।…

Q.5 कथन आधारित

निम्न में से असत्य कथन है-

राजस्थान ⁠‌​‌‌​‌‌‌‌‌‌‌‌​‌​​⁠में पगड़ी मान-सम्मान का प्रतीक होने के साथ-साथ विशिष्ट अवसरों और ऋतुओं की पहचान भी है। मदील एक प्रकार की पगड़ी है जिस पर बहुरंगी या जरी का काम होता है, जो विशेष रूप से दशहरे के अवसर पर पहनी जाती है। प्रश्न के अनुसार ‘मदील पगड़ी रक्षाबन्धन पर पहनी जाती है’ कथन असत्य है।…

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Q.6 कथन आधारित

निम्न में से असंगत कथन को छांटिएँ-

राजस्थान ⁠‌​‌‌‌​​​​​​​‌​‌‌​⁠में पगड़ी (साफा) व्यक्ति के मान-सम्मान और क्षेत्रीय पहचान का प्रतीक है। दिए गए विकल्पों का विश्लेषण इस प्रकार है:

विकल्प A असंगत है क्योंकि हाड़ौती क्षेत्र में सादा पेच की पगड़ी बांधी जाती है, जबकि मेवाड़ (उदयपुर) की पगड़ी परतदार शैली की होती है। मेवाड़ की पगड़ी का आकार चपट्टा होता है (विकल्प B सही है)।…

Q.7 सुमेलित करें राजस्थान पुलिस परीक्षा-15/07/2018

निम्नलिखित सूची-I (कपड़े/गहनें) का सूची-II (अन्य प्रकार) के साथ मिलान करें-

सूची-I सूची-II
(a) आंगरखी (i) ओढ़नी
(b) ताराभांत (ii) पगड़ी
(c) फलियां (iii) बुगतरी

राजस्थान ⁠‌​​‌‌​​‌‌‌‌‌‌​‌​‌​⁠की पारंपरिक वेशभूषा में आंगरखी पुरुषों द्वारा शरीर के ऊपरी भाग में पहना जाने वाला वस्त्र है। इसे बुगतरी के नाम से भी जाना जाता है। इसके अन्य प्रकारों और नामों में तनसुख, दुतई, गाबा, गदर, मिरजाई, डोढी, कानो और डगला शामिल हैं।…

Q.8 अभिकथन-कारण Primary School Teacher (sanskrit department) 2025

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में;

अभिकथन A: पोमचा का अर्थ है कमल पुष्प की आकृति युक्त ओढ़नी।
कारण R: राजस्थान में रंगाई के मुख्य प्रकार पोमचा, लहरिया और चुनड़ी हैं।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

अभिकथन ⁠‌​​‌​​‌‌‌​‌‌‌​​‌​‌‌⁠A के अनुसार, पोमचा का अर्थ कमल पुष्प के अभिप्राय (आकृति) वाली ओढ़नी है। राजस्थान की परंपरा में नवजात शिशु की माँ के लिए मातृ पक्ष की ओर से पोमचा देने का रिवाज है। पुत्र के जन्म पर पीला पोमचा और बेटी के जन्म पर गुलाबी पोमचा दिया जाता है।…

Q.9 बहु-विकल्प 2nd Grade 2024 Paper I Set D, वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा - 2025

निम्नलिखित में से राजस्थान में प्रचलित प्रसिद्ध साफे (पगड़ी) के प्रकार कौनसे हैं?
(अ) अमरशाही
(ब) विजयशाही
(स) खंजरशाही
(द) शाहजहानी

राजस्थान ⁠‌​​‌​​​‌‌​​‌​​‌‌​‌⁠में प्रचलित प्रसिद्ध साफे (पगड़ी) के प्रकारों में (अ) अमरशाही, (ब) विजयशाही, (स) खंजरशाही और (द) शाहजहानी सभी प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। राजस्थान की वेशभूषा में पगड़ी को सिर पर बाँधा जाता है और यह मान-सम्मान का प्रतीक मानी जाती है।…

Q.10 बहु-विकल्प

निम्न में से सही सुमेलित कथनों का चयन कीजिए -
1. अंगरखी - शरीर के ऊपरी हिस्से में पहनने वाला वस्त्र ।
2. चोगा - कंधे से लेकर घुटनो तक का कपड़ा ।
3. आतमसुख - सर्दियों में अंगरखी व चोगा के ऊपर पहनने वाला वस्त्र ।
4. पछेवड़ा - चदर या सोलनुमा वस्त्र ।

सही कुट का चुनाव करें -

राजस्थान ⁠‌‌​​​​‌‌‌​​​‌​​​‌⁠की पारंपरिक पुरुष वेशभूषा में प्रयुक्त होने वाले इन वस्त्रों का विवरण निम्नलिखित है:

  • अंगरखी: पुरुषों द्वारा शरीर के ऊपरी भाग में पहना जाने वाला वस्त्र है। इसे बुगतरी, गाबा, गदर, डगला और कानो जैसे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है।
  • चोगा: यह अंगरखी के ऊपर पहना जाने वाला वस्त्र है जो कंधे से लेकर घुटनों तक लंबा होता है।…
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