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राजस्थान कला संस्कृति

लोक देवता

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 Junior Scientific Asst. (Balistic)-21.09.2019

तेजाजी के चबूतरे को थान तथा पुजारी को…………… कहा जाता है-

राजस्थान ⁠‌​​‌‌​‌‌‌​‌‌⁠के लोक देवता तेजाजी का जन्म नागौर जिले के खड़नाल गाँव में हुआ था। तेजाजी के पूजा स्थल या चबूतरे को ‘थान’ कहा जाता है और उनके मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले पुजारी को ‘घोड़ला’ कहा जाता है। ये पुजारी सर्पदंश से प्रभावित व्यक्ति का उपचार करने के लिए जाने जाते हैं।…

Q.2 वनपाल परीक्षा-06.11.2022

देवनारायण जी का मुख्य मंदिर कहां अवस्थित है-

देवनारायण ⁠‌​​‌‌​‌‌‌‌​‌⁠जी का मुख्य मंदिर आसींद (भीलवाड़ा) में स्थित है, जहाँ इनका जन्म हुआ था। इन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है और ये गुर्जर समुदाय के प्रमुख आराध्य देव हैं। देवनारायण जी को औषधि का देवता और आयुर्वेद के ज्ञाता के रूप में जाना जाता है।…

Q.3 REET Mains (Sans.) 27 Feb,2023,REET Mains (Sans.) Exam-27.02.2023,तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2022

कौन से लोक देवता भेंडेल से थे?

लोक ⁠‌‌‌​​​‌​​​​‌‌​‌‌⁠देवता हड़बूजी का जन्म नागौर जिले के भुण्डेल (भेंडेल) गाँव में हुआ था। इनके पिता का नाम मेहाजी सांखला था और वे प्रसिद्ध लोक देवता बाबा रामदेवजी के मौसेरे भाई थे। हड़बूजी को शकुन शास्त्र का ज्ञाता, वचनसिद्ध और चमत्कारी पुरुष माना जाता है। वे मारवाड़ के शासक राव जोधा के समकालीन थे।…

Q.4 CET (10+2) Level Exam-11.02.2023, CET (10+2) 11 Feb., 2023 (I), प्रश्न पुस्तिका / QUESTION BOOKLET

निम्नलिखित में से कौनसा लोकदेवता रामदेवजी के मौसेरे भाई थे?

लोकदेवता ⁠‌‌‌​‌​‌​‌​​​​‌​‌⁠हड़बूजी, बाबा रामदेवजी के मौसेरे भाई थे। इनका जन्म नागौर जिले के भुंडेल गाँव में मेहाजी सांखला के घर हुआ था। हड़बूजी और रामदेवजी समकालीन थे और इन दोनों के गुरु बालीनाथ जी थे। रामदेवजी की प्रेरणा से ही हड़बूजी ने अस्त्र-शस्त्र त्याग कर गुरु बालीनाथ से दीक्षा ग्रहण की।…

Q.5 कथन आधारित

ग़लत कथन का चुनाव करें -
कथन 1. देवनारायण जी का पालन-पोषण भिनाय में हुआ जहां इनका नन्हीहाल था।
कथन 2. देवजी का मुख्य पूजा स्थल आसींद,भीलवाड़ा में है जहां भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को मेला लगता है।
कथन 3. देवजी के मुख्य अनुयायी गुर्जर हैं जो देवजी की फड़ तथा देवजी और बगड़ावतों से संबद्ध काव्य ‘बगड़ावत’ के गायन द्वारा इनका यह यशोगन करते हैं।

ग़लत ⁠‌‌​​​​​‌​​‌​​‌​​‌⁠कथन का चुनाव: कथन 1 ग़लत है।

लोकदेवता श्री देवनारायण जी का जन्म बगड़ावत कुल के सवाई भोज एवं सेढू माता के घर हुआ था। भिनाय के शासक से संघर्ष में पिता के वीरगति प्राप्त होने के बाद माता सेढू इन्हें लेकर अपने पीहर मालवा चली गई थीं। अतः देवनारायण जी का ननिहाल और पालन-पोषण मालवा में हुआ था, न कि भिनाय में।…

इस topic के 10 और सवाल

Q.6 कथन आधारित

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. गोगाजी का नाम राजस्थान के पांच पीरों में बड़े आदर से लिया जाता है।
2. इन पांच पीरों में पाबू, हरभू, रामदे, मांगलिया मेहा का उल्लेख मिलता है।
3. गोगाजी को केवल हिंदू समुदाय ‘नागराज’ के रूप में पूजता है, मुस्लिम समुदाय इनकी पूजा नहीं करता।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनें:

राजस्थान ⁠‌‌​​​​​‌‌‌‌​​​​‌​‌⁠की लोक संस्कृति में पाँच पीरों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन पाँच पीरों को याद करने के लिए एक प्रसिद्ध दोहा प्रचलित है: “पाबू, हड़बू, रामदे, मांगलिया मेहा। पाँचू पीर पधारज्यौ, गोगाजी जेहा।।” इस सूची के अनुसार पाबूजी, हड़बूजी, रामदेवजी, मांगलिया मेहाजी और गोगाजी को राजस्थान के ‘पंच पीर’ कहा जाता है।…

Q.7 सुमेलित करें Junior Instructor(Workshop)-10 Sep. 2022,कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला गणना) Exam-10.09.2022

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए -

सूची-I सूची-II
(i) जाहर पीर (1) रामदेवजी
(ii) शिव का अवतार (2) पाबूजी
(iii) लक्ष्मण का अवतार (3) गोगाजी फड़ चित्रकला में
(iv) रामसा पीर (4) तेजाजी

राजस्थान ⁠‌‌‌​‌​‌​‌​​​‌​‌‌⁠के प्रमुख लोक देवताओं की पहचान और उनके अवतारों का विवरण निम्नानुसार है:

गोगाजी को उनके अदम्य साहस और वीरता के कारण ‘जाहर पीर’ (साक्षात् देवता) के रूप में जाना जाता है। तेजाजी को भगवान शिव का अवतार माना जाता है। उन्हें कृषि कार्यों के उपकारक और ‘काला-बाला’ के देवता के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।…

Q.8 अभिकथन-कारण Animal Attendant 01 Dec 2024 (Shift-II), Animal Attendant - 2023, पशु परिचर परीक्षा-01.12.2024(Shift-I)

नीचे दो कथन दिए गए है -
कथन (I) : राजस्थान में पाबूजी की ऊँटो के देवता के रूप में पूजा की जाती है।
कथन (II) : मारवाड़ में सर्वप्रथम ऊँट लाने का श्रेय पाबूजी को है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से
सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें -

राजस्थान ⁠‌‌‌​‌​‌​‌​​​​​‌‌⁠के लोक देवताओं में पाबूजी का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिन्हें ऊँटों के देवता के रूप में पूजा जाता है। लोक मान्यताओं के अनुसार, मारवाड़ क्षेत्र में सर्वप्रथम ऊँट लाने का श्रेय पाबूजी को ही दिया जाता है। इसी कारण ऊँटों के बीमार होने पर पाबूजी की मन्नत मांगी जाती है।…

Q.9 क्रम व्यवस्थित करें

निम्नलिखित घटनाओं में से कौन-सी सही कालानुक्रम (Chronology) में है?
1. मल्लीनाथजी का महेवा के स्वामी बनना
2. उगमसी भाटी से दीक्षा
3. हरि-कीर्तन का आयोजन
4. निज़ामुद्दीन की सेना पर विजय

लोकदेवता ⁠‌‌​​​​​‌‌‌‌​​‌‌​‌‌⁠मल्लीनाथजी का जन्म 1358 ई. में हुआ था। उनके जीवन की प्रमुख घटनाओं का सही कालानुक्रम उनके शासक से सिद्ध पुरुष बनने की यात्रा को दर्शाता है। सर्वप्रथम, वे 1374 ई. में महेवा के स्वामी बने। इसके पश्चात, 1378 ई. में उन्होंने मालवा के सूबेदार निज़ामुद्दीन और दिल्ली के सुल्तान फिरोजशाह तुगलक की संयुक्त सेना को युद्ध में पराजित किया।…

Q.10 बहु-विकल्प Animal Attendant - 2 Dec. 2024 (Shift-II), Animal Attendant - 2023, पशु परिचर परीक्षा-02.12.2024(Shift-II)

निम्न में से सत्य कथनों की पहचान करें -

(a) कल्लाजी, जिन्होंने अकबर के चित्तौड़ किले पर आक्रमण के दौरान असाधारण वीरता और साहस दिखाया था, मेवाड़ क्षेत्र में चार हाथों वाले लोकदेवता के रूप में लोकप्रिय है।

(b) ऐसा माना जाता है कि कल्लाजी का सिर कटने के बाद भी मुगलो से लड़ते हुए उनका धड़ रूंडेला तक पहुँच गया था।

(c) कल्लाजी द्वारा कामड़िया पंथ की स्थापना की गई थी।

(d) राजस्थान में पाबूजी ऊँटो के देवता के रूप में पूजे जाते है।

कथन ⁠‌‌‌​‌​‌​‌​​​‌​​​⁠(a) सत्य है क्योंकि वीर कल्लाजी राठौड़ को मेवाड़ क्षेत्र में ‘चार हाथों वाले लोकदेवता’ के रूप में पूजा जाता है। सन् 1567-68 में अकबर द्वारा चित्तौड़गढ़ किले पर आक्रमण के दौरान, कल्लाजी ने घायल जयमल को अपने कंधों पर बिठाकर युद्ध किया था।…

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