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राजस्थान कला संस्कृति

लोक वाद्य

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 Common Eligibility Test(Senior Secondary Level) - 2022 - Master Question Paper 134 C, QUESTION BOOKLET

नड़ क्या है-

नड़ ⁠‌‌​‌‌‌​‌‌‌‌​​‌​‌⁠राजस्थान का एक अत्यंत दुर्लभ सुषिर वाद्य (फूँक मारकर बजाया जाने वाला) यंत्र है, जो सिंधी संस्कृति से प्रभावित है। यह खैर की लकड़ी से निर्मित लगभग ढाई फीट लंबी बांसुरी की तरह होता है। इसमें चार से छह छेद होते हैं। इस वाद्य यंत्र को बजाते समय वादक इसे मुँह में टेढ़ा रखता है और गले से आवाज भी निकालता है।…

Q.2 प्रश्न पुस्तिका / QUESTION BOOKLET, Common Eligibility Test(Senior Secondary Level) - 2022 - Master Question Paper 134 E

किस लोकवाद्य में महारथ होने से साकर खान को 2012 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया?

साकर ⁠‌‌​‌‌‌​‌‌‌‌​​‌‌‌⁠खाँ राजस्थान के प्रसिद्ध लोक कलाकार थे, जो मांगणियार समुदाय से संबंधित थे। उन्हें कमायचा वादन में उनकी महारथ के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2012 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। कमायचा एक तत वाद्य यंत्र है, जिसे बजाने के लिए गज का प्रयोग किया जाता है।…

Q.3 तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2022

सपेरों का कौनसा लोक वाद्य प्रसिद्ध है?

सपेरों ⁠‌‌​‌‌‌​‌‌‌‌​‌‌‌‌⁠का सबसे प्रसिद्ध लोक वाद्य पूँगी है, जिसे बीन के नाम से भी जाना जाता है। यह एक सुषिर वाद्य यंत्र है, जिसे हवा के द्वारा बजाया जाता है। इसकी बनावट एक विशेष प्रकार के सूखे तूँबे (कद्दू का सूखा खोल) से होती है, जिसका ऊपरी हिस्सा लंबा व पतला और निचला हिस्सा गोल होता है।…

Q.4 Common Eligibility Test(Senior Secondary Level) - 2022 - Master Question Paper 134 A

निम्नलिखित में से किस वाद्य यंत्र को ‘भेरी’ भी कहा जाता है?

भूँगल ⁠‌‌​‌‌‌​‌‌‌‌‌​‌‌‌⁠राजस्थान का एक प्रमुख सुषिर वाद्य है, जिसे भेरी के नाम से भी जाना जाता है। यह पीतल का लगभग तीन हाथ लंबा वाद्य यंत्र होता है, जिसका आकार बांकिया जैसा होता है।

इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
* ऐतिहासिक महत्व: प्राचीन काल में इसे रणक्षेत्र में प्रयुक्त किया जाता था, जिसके कारण इसे रणभेरी भी कहा जाता है।…

Q.5 कथन आधारित R.A.S. Pre. 02 Feb 2025, RAS PRE Exam - 02.02.2025, राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त (प्रा.) प्रतियोगी परीक्षा - 2024

लोक वाद्ययंत्र ‘चौतारा’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं निम्नांकित में से सही विकल्प चुनिए:

A. यह चार तारों वाला वाद्ययंत्र है।
B. यह सामान्यतः रामदेवजी के भजन गाने में प्रयुक्त होता है।

लोक ⁠‌​​‌‌​‌‌‌​​​​​‌​​​⁠वाद्ययंत्र चौतारा के संबंध में दिए गए दोनों कथन सत्य हैं। चौतारा राजस्थान का एक तत वाद्ययंत्र है, जिसकी बनावट तानपूरे जैसी होती है। जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है, इसमें कुल चार तार होते हैं, जिन्हें प्रायः उल्टे क्रम में मिलाया जाता है। इसी विशेषता के कारण इसे ‘चौतारा’ कहा जाता है।…

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Q.6 कथन आधारित Exploration and Excavation Officer, 19 June 2024

वाद्य यंत्रों के संबंध में कौनसा कथन सत्य है?

(A) चौतारा को करताल, मंजीरा और चिमटे के साथ कामड़ जाति द्वारा बजाया जाता है।
(B) कामायचा को मांगणियार बजाते हैं।
(C) जंतर को मेवाड़ के राव तथा भाट, लोक देवता रामदेवजी की प्रशंसा में बजाते हैं।

चौतारा ⁠‌​​‌‌​‌‌‌​​​​​‌​​‌⁠एक तत वाद्य यंत्र है जिसे तानपूरे जैसा माना जाता है। इसमें मुख्य रूप से चार तार होते हैं। राजस्थान की कामड़ जाति के लोग बाबा रामदेवजी के भजनों के समय चौतारा बजाते हैं। भजन गायन के दौरान इसे मंजीरा, करताल और चिमटे जैसे वाद्य यंत्रों का साथ में प्रयोग किया जाता है।…

Q.7 सुमेलित करें कम्प्यूटर परीक्षा-19.12.2021

सुमेलित कीजिए:

वाद्य यंत्र जाति
(A) सारंगी (i) भोपे
(B) पूंगी (ii) मांगणियार
(C) कमायचा (iii) लंगा
(D) रावणहत्था (iv) कालवेलिया

कूट :

राजस्थान ⁠‌​​‌‌​​‌‌​‌‌‌​‌‌​​⁠के लोक वाद्यों और उनसे जुड़ी जातियों का संबंध राज्य की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सारंगी जैसलमेर और बाड़मेर क्षेत्र की लंगा जाति का मुख्य वाद्य यंत्र है, जो अपनी सुरीली धुन के लिए प्रसिद्ध है। पूंगी का प्रयोग पारंपरिक रूप से कालवेलिया जाति द्वारा किया जाता है।…

Q.8 बहु-विकल्प 2nd Grade 2024 Paper I Set C

निम्नलिखित में से कौन-सा/से सुषिर वाद्य यंत्र है/हैं? (A) अलगोजा (B) बांकिया (C) सतारा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए -

सुषिर ⁠‌​​‌​​​‌​‌‌‌‌​‌​​‌⁠वाद्य यंत्रों की श्रेणी में वे वाद्य यंत्र आते हैं जो फूँक मारकर बजाए जाते हैं। अलगोजा राजस्थान का प्रसिद्ध लोक वाद्य यंत्र (राज्य वाद्य यंत्र) है। यह बाँसुरी की तरह दिखता है, परंतु वादक द्वारा दो अलगोजे एक साथ मुँह में रखकर बजाए जाते हैं। जयपुर के रामनाथ चौधरी प्रसिद्ध नाक से अलगोजा बजाने वाले वादक हैं।…

Q.9 बहु-विकल्प

निम्न में से तत् वाद्य है -
1. जन्तर.
2. रवाज
3. भपंग

तत् ⁠‌‌​‌‌‌​‌‌‌​‌‌​‌​⁠वाद्य वे वाद्य यंत्र होते हैं जिनमें तारों के कंपन के माध्यम से स्वर की उत्पत्ति होती है। राजस्थान के लोक वाद्यों में जन्तर, रवाज और भपंग तीनों ही इसी श्रेणी के अंतर्गत आते हैं।

  • जन्तर: यह वीणा के समान परंतु दो तुम्बों वाला वाद्ययंत्र है। इसमें पाँच-छः तार होते हैं।…

Q.10 बहु-विकल्प

मोरचंग वाद्य’ के बारे में कौनसा कौनसे कथन कथन सही हैं-

  1. यह लोहे का बना छोटा-सा वाद्य है।

  2. मोरचंग को होठों के बीच रखकर बजाया जाता है।

  3. यह सुषिर वाद्य की श्रेणी में आता है।

  4. इसमें 27 तार होते हैं।

मोरचंग ⁠‌‌​‌‌‌​‌‌‌‌​​​​‌⁠राजस्थान का एक विशिष्ट वाद्य यंत्र है। यह लोहे या पीतल से बना सबसे छोटा वाद्य यंत्र है, जिसका आकार ‘जूज हार्प’ (Jew’s Harp) के समान होता है। इसे बजाते समय इसका एक सिरा मुँह (होठों) में रखा जाता है और श्वास भरी जाती है, जबकि दूसरे सिरे पर अंगुली से आघात किया जाता है।…

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