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राजस्थान कला संस्कृति

राजस्थान की चित्रकला और हस्तकला

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 कृषि अधिकारी-29.01.2013, Agriculture Officer : 29.01.2013

चावंड शैली की चित्रकला किसके शासनकाल में प्रारंभ हुई-

मेवाड़ ⁠‌​‌‌‌‌​‌‌​‌‌​⁠चित्रकला शैली की एक महत्वपूर्ण उपशैली, चावंड शैली का प्रारंभ महाराणा प्रताप के शासनकाल में हुआ था। जब महाराणा प्रताप ने 1585 ई. में चावंड को अपनी राजधानी बनाया, तब वहाँ इस कला शैली की नींव पड़ी। इस काल की प्रसिद्ध रचना ‘ढोलामारू’ (1592 ई.) है, जिसे नसीरुद्दीन ने चित्रित किया था।…

Q.2 तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2022,Lab Assistant Ist Paper Exam-29.06.2022,वन विभाग परीक्षा दिसम्बर-2022, REET Level 2 2022 Shift 4 (Set A)

पिछवाई चित्रांकन किस चित्रकला शैली से संबंधित है?

पिछवाई ⁠‌​‌‌‌‌​‌‌‌​​‌⁠चित्रांकन नाथद्वारा चित्रकला शैली की सर्वाधिक मौलिक और लोकप्रिय देन है। ये चित्र बड़े आकार के कपड़े के पर्दों पर बनाए जाते हैं, जिन्हें मंदिरों में मुख्य प्रतिमा (विशेष रूप से श्रीनाथजी के स्वरूप) के पीछे सजावट के रूप में रखा जाता है। इनका मुख्य विषय ‘श्रीकृष्ण-लीला’ है, जिनमें यशोदा, बाल-ग्वाल, और गोपियों का चित्रण प्रमुखता से मिलता है।…

Q.3 RAS Pre Exam-14.06.2020,कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) परीक्षा-14.09.2019,RPSC SCHOOL LECTURER HISTORY

ब्लू पॉटरी का प्रमुख केंद्र कौन सा है-

ब्लू ⁠‌​‌‌‌‌​‌‌‌‌‌‌⁠पॉटरी जयपुर की एक प्रसिद्ध हस्तकला है। इस कला का जन्म मूल रूप से ईरान (फारस) में हुआ था, लेकिन राजस्थान में इसे प्रसिद्धि जयपुर के माध्यम से मिली। इसे जयपुर में लाने का श्रेय महाराजा मानसिंह प्रथम को दिया जाता है, जबकि इसका वास्तविक विकास सवाई रामसिंह द्वितीय के समय हुआ।…

Q.4 1st gk Paper Ldc 2018

नमदा का उत्पादन होता है-

राजस्थान ⁠‌​‌‌‌‌‌​​​​​​⁠में नमदा उत्पादन का सबसे प्रमुख केंद्र टोंक जिला है। नमदा को ऊनी गलीचा या चटाई भी कहा जाता है और यह हस्तशिल्प आधारित होती है। टोंक ऊनी नमदों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। नमदा निर्माण के अलावा टोंक क्षेत्र गलीचा और दरियों के निर्माण के लिए भी जाना जाता है।…

Q.5 कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा - 2017, कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा -2017,वनरक्षक परीक्षा-12.12.2022

जाजम व आजम छपाई प्रसिद्ध है-

चित्तौड़गढ़ ⁠‌​‌‌‌‌‌​​‌​​​⁠जिले का आकोला गाँव जाजम और आजम छपाई के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की छीपा जाति (स्थानीय भाषा में छिंपो) इस छपाई के लिए विख्यात है। जाजम प्रिंट की खासियत यह है कि इसमें सामान्यतः लाल और हरे रंगों का प्रयोग किया जाता है, जिससे वस्त्रों पर आकर्षक और पारंपरिक डिजाइन उभरकर सामने आते हैं।…

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Q.6 वनरक्षक परीक्षा-2015

टेराकोटा पद्धति से विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाए जाने वाला स्थान मोलेला किस जिले में स्थित है-

मोलेला ⁠‌​‌‌‌‌‌​​‌​​‌⁠गाँव राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित है, जो अपनी विशिष्ट टेराकोटा (मृण्मय कला) के लिए विख्यात है। इस पद्धति में मिट्टी को पकाकर विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियाँ और पट्टिकाएँ (Plaques) बनाई जाती हैं। टेराकोटा वह कला है जिसमें पक्की मिट्टी का उपयोग करके मूर्तियाँ, बर्तन और सजावटी वस्तुएँ तैयार की जाती हैं।…

Q.7 कथन आधारित वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा - 2025, 2nd Grade 2024 Paper I Set B

चित्रकला की किशनगढ़ शैली के विषय में कौन से कथन सही हैं ?

A. राधा और कृष्ण का रूप सौंदर्य ही चित्रांकन का मुख्य विषय है।

B. अधिकांश चित्रों में स्त्रियों का पहनावा लहँगा, चोली और पारदर्शी आँचल हैं।

C. इस शैली के चित्रकार सीताराम, भवानीदास एवं कल्याणदास हैं।

सही विकल्प चुनिए :

किशनगढ़ ⁠‌​​​‌‌​​​‌​​‌‌‌‌​‌⁠चित्रकला शैली का स्वर्ण काल महाराजा सावंत सिंह (नागरीदास) के शासनकाल को माना जाता है। इस शैली का मुख्य आधार राधा और कृष्ण के आध्यात्मिक प्रेम और उनके अलौकिक रूप सौंदर्य का चित्रांकन है। यहाँ वल्लभ संप्रदाय का सर्वाधिक प्रभाव होने के कारण कृष्ण-लीलाओं और नारी सौंदर्य का चित्रण प्रमुख विशेषता है।…

Q.8 कथन आधारित CET (10+2) 11 Feb. 2023 (II), QUESTION BOOKLET, Common Eligibility Test(Senior Secondary Level) - 2022 - Master Question Paper 134 F, प्रश्न पुस्तिका / QUESTION BOOKLET

निम्न में से कौनसा कथन राजस्थान की ब्लॉक छपाई के बारे में सही नहीं है?

राजस्थान ⁠‌​​‌‌​‌​‌​​​​‌‌​​​⁠की हस्तशिल्प परंपरा में ब्लॉक प्रिंटिंग (ठप्पा छपाई) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। राजस्थान की पारंपरिक ब्लॉक छपाई की एक मुख्य विशेषता इसमें प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना है। उदाहरण के लिए, जयपुर के बगरू प्रिंट में विशेष रूप से प्राकृतिक रंगों का प्रयोग किया जाता है।…

Q.9 सुमेलित करें Stenographer Exam : 30.05.2013, स्टेनोग्राफर परीक्षा-30.05.2013

निम्न में से सही सुमेलित है-

राजस्थान ⁠‌​‌‌‌‌‌​​​​​‌⁠में टोंक जिला ‘नमदा’ हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। नमदा भेड़ की ऊन से बनाया जाने वाला एक प्रकार का ऊनी गलीचा या चटाई है। राजस्थान के प्रमुख हस्तशिल्प और उनके केंद्रों का सही विवरण इस प्रकार है:

  • नमदा: टोंक और बीकानेर (टोंक प्रमुख केंद्र है)।
  • अजरक प्रिंट: बाड़मेर।
  • कोटा डोरिया साड़ी: कोटा (कैथून)।…

Q.10 अभिकथन-कारण तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2025, QUESTION BOOKLET / प्रश्न पुस्तिका

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में।

अभिकथन A : झालावाड़ शैली को स्वतंत्र विधा के रूप में स्थापित करने का श्रेय महाराव राम सिंह को दिया जाता है।

कारण R : झालावाड़ के महलों की दीवारों पर श्रीनाथ जी, राधाकृष्ण लीला, रामलीला के चित्र झालावाड़ शैली के हैं।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

अभिकथन A ⁠‌​‌‌‌‌​​​‌‌‌‌‌‌​​​⁠गलत है क्योंकि कोटा चित्रशैली का स्वतंत्र अस्तित्व स्थापित करने का श्रेय महाराव राम सिंह (1661-1705 ई.) को दिया जाता है, न कि झालावाड़ शैली को। झालावाड़ चित्रशैली को अभी तक स्वतंत्र रूप में पूरी तरह परिभाषित नहीं किया गया है, हालांकि झालावाड़ के राजमहलों में बने भित्ति चित्र इस शैली के प्रारंभिक स्वरूप को दर्शाते हैं।…

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