Testline

राजस्थान इतिहास

जनपद एवं प्राचीन नाम

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 राज. पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा-2014,JEN (विद्युत) डिग्री-29.11.2020

राजपूताना नाम का प्रयोग सर्वप्रथम कब एवं किसने किया था -

वर्ष ⁠‌​​‌‌​‌​​​‌‌‌⁠1949 से पूर्व राजस्थान नाम से किसी भौगोलिक क्षेत्र का अस्तित्व नहीं था। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, सर्वप्रथम 1800 ई. में जॉर्ज थॉमस ने इस भू-भाग के लिए ‘राजपूताना’ शब्द का प्रयोग किया था।…

Q.2 Lab Assistant Science 2022 Paper 1 set B

सरणवाही नगर किस नगर का ऐतिहासिक नाम है ?

सिरोही ⁠‌​‌​​‌‌‌‌‌‌​​​​​⁠का ऐतिहासिक नाम सरणवाही माना जाता है। वर्तमान सिरोही नगर की स्थापना 1425 ईस्वी में देवड़ा चौहान शासक सहसमल देवड़ा द्वारा की गई थी और इसे अपनी राजधानी बनाया गया था। प्राचीन साहित्य में इस क्षेत्र को अर्बुद प्रदेश कहा गया है। कर्नल टॉड के अनुसार इस नगर का मूल नाम ‘शिवपुरी’ था।…

Q.3 CET (10+2)- 23 Oct 2024, Shift-III, CET(10+2) Level Exam-23.10.2024 (Shift-I), QUESTION BOOKLET, Common Eligibility Test(Senior Secondary Level) - 2024 - Master Question Paper R15

उस क्षेत्र को राजपूताना कहने वाले प्रथम व्यक्ति कौन थे, जिसे अब राजस्थान कहा जाता है ?

वर्तमान ⁠‌​​​‌‌‌‌‌​‌‌‌​‌‌​⁠राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्र के लिए राजपूताना (Rajputana) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग 1800 ईस्वी में जॉर्ज थॉमस द्वारा किया गया था। इस क्षेत्र को राजपूताना कहने वाले वह प्रथम व्यक्ति माने जाते हैं।…

Q.4 P. Constable Exam-2007(II), P Constable Exam -2007(II)

कौनसी नगरी महाकवि माघ की नगरी के तौर पर जानी जाती है ?

महाकवि ⁠‌​​‌‌‌​​​‌‌​​​‌​​⁠माघ संस्कृत साहित्य के एक प्रकांड विद्वान थे। उनका जन्म राजस्थान के जालौर जिले के भीनमाल नगर में हुआ था, जिसे प्राचीन काल में ‘श्रीमाल’ के नाम से पुकारा जाता था। भीनमाल नगर न केवल महाकवि माघ की जन्मस्थली है, बल्कि यह महान गुप्तकालीन विद्वान ब्रह्मगुप्त का भी जन्म स्थान माना जाता है।…

Q.5 VDO- 27 Dec. 2021 Shift-II,CET (10+2)- 22 Oct 2024,Shift-I,CET (10+2)- 24 Oct 2024,Shift-V,CET(10+2) Level Exam-24.10.2024 (Shift-I)

मांड प्राचीन नाम था ?

जैसलमेर ⁠‌​‌​​​‌‌​​​‌‌​​‌​⁠का प्राचीन नाम मांड था। ऐतिहासिक रूप से, राजस्थान के इस सुदूर पश्चिमी मरुस्थलीय भाग को ‘मांड’ के नाम से जाना जाता था। राजस्थान के कुछ अन्य क्षेत्रों के प्राचीन और भौगोलिक नामों की स्थिति इस प्रकार है:…

इस topic के 10 और सवाल

Q.6 कथन आधारित

निम्नलिखित मे सुमेलित नहीं है-

जॉर्ज ⁠‌​‌​‌‌​‌‌‌‌​‌​⁠थॉमस द्वारा इस भूभाग के लिए सर्वप्रथम ‘राजपूताना’ शब्द का प्रयोग 1800 ईस्वी में किया गया था, न कि 1880 में। अतः विकल्प (A) सुमेलित नहीं है।

राजस्थान के नामकरण से जुड़े प्रमुख ऐतिहासिक तथ्य:…

Q.7 कथन आधारित

प्राचीन राजस्थान के इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. आर्यों ने छोटी-छोटी बस्तियों को मिलाकर राज्यों या जनपदों का निर्माण आरम्भ किया।
II. महाभारत एवं संहिता ग्रंथों में राजस्थान के जनपदों का कोई उल्लेख नहीं मिलता है।
III. जांगल, मरु, अर्जुनायन और शिवि प्राचीन जनपदों व अंचलों के उदाहरण हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?

प्राचीन ⁠‌​‌​​​‌‌‌‌‌‌‌​‌​​‌‌⁠राजस्थान के इतिहास के संदर्भ में:

  • कथन I सत्य है: वैदिक काल में आर्यों ने छोटी-छोटी बस्तियों को मिलाकर राज्यों या जनपदों का निर्माण आरम्भ किया।
  • कथन II असत्य है: महाभारत एवं संहिता ग्रंथों में राजस्थान के जनपदों का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।…

Q.8 सुमेलित करें

निम्नलिखित सभ्यताओं का मिलान उनके संबंधित स्थान के साथ कीजिए —

सूची–I (सभ्यताएँ) सूची–II (स्थान)
1. लोद्रवा (A) भरतपुर
2. खानपुरा (B) जैसलमेर
3. इस्वाल (C) झालावाड़
4. दार (D) उदयपुर

राजस्थान ⁠‌​‌‌‌‌​‌‌‌​‌​​​‌‌⁠के विभिन्न जिलों में स्थित प्राचीन पुरातात्विक स्थलों और सभ्यताओं का सही सुमेलन इस प्रकार है:

सूची–I (सभ्यताएँ) सूची–II (स्थान)  
1. लोद्रवा (B) जैसलमेर  
2. खानपुरा (C) झालावाड़  
3. इस्वाल (D) उदयपुर  
4. दार (दर) (A) भरतपुर …

Q.9 अभिकथन-कारण

कथन (A) और कारण (R) पर विचार कीजिए:
कथन (A) : आधुनिक बूँदी और कोटा के भू-भाग को ‘हाड़ौती’ कहा जाता है।
कारण (R) : कालांतर में इस क्षेत्र पर चौहान वंश की हाड़ा शाखा ने अधिकार कर लिया था।

सही विकल्प का चयन कीजिए:

आधुनिक ⁠‌​‌​​​‌‌‌‌‌‌‌​​​‌‌​⁠बूँदी, कोटा, झालावाड़ एवं बारां के भू-भाग को ‘हाड़ौती’ कहा जाता है। इस क्षेत्र पर हाड़ा चौहान शासन करते थे, इसलिए यह क्षेत्र हाड़ौती कहलाया। अत: कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।

प्रारम्भ में इस क्षेत्र पर मीणा जाति का अधिकार था।…

Q.10 क्रम व्यवस्थित करें

मौर्योत्तरकालीन राजस्थान के जनपदों का उत्तर से दक्षिण की ओर सही भौगोलिक क्रम क्या है?

राजस्थान ⁠‌​‌​​​‌‌‌‌‌‌‌​​‌​​‌⁠में मौर्योत्तर काल के जनपदों का उत्तर से दक्षिण की ओर सही भौगोलिक क्रम यौधेय, अर्जुनायन, मालव तथा शिवि है।

इन जनपदों का भौगोलिक विस्तार एवं विवरण निम्न प्रकार है:…

इस topic के 10 और सवाल

राजस्थान इतिहास के और topic