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राजस्थान इतिहास

कच्छवाहा राजवंश

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 पटवार सीधी भर्ती परीक्षा - 2021

कछवाहा राजवंश/ढूंढाड राज्य के संस्थापक थे।

कछवाहा ⁠‌‌​​​​‌‌‌​‌​‌‌⁠राजवंश के संस्थापक दूल्हे राय थे। राजस्थान के इतिहास में कछवाहा उन प्रमुख राजपूत राजवंशों में से एक है जिन्होंने इस क्षेत्र पर शासन किया। कछवाहा शासकों ने ढूंढाड क्षेत्र में अपना राज्य स्थापित किया और अपनी शक्ति का विस्तार किया।…

Q.2 कम्प्यूटर अनुदेशक 2019

विश्व की सबसे बड़ी तोप जयबाण का निर्माण किसके द्वारा कराया गया।

विश्व ⁠‌‌​​​​‌‌‌‌​‌​‌⁠की सबसे बड़ी पहियों वाली तोप, जयबाण (Jaivana), का निर्माण जयपुर के शासक सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा कराया गया था। यह तोप जयपुर के जयगढ़ किले में स्थित है, जहाँ सैन्य शक्ति को सुदृढ़ करने के लिए एशिया की सबसे बड़ी तोप ढालने की फैक्ट्री स्थापित की गई थी।…

Q.3 Common Eligibility Test(Senior Secondary Level) - 2022 - Master Question Paper 134 D, QUESTION BOOKLET

मुगल शासको के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के कारण जयपुर के कच्छवाहा शासकों द्वारा जारी किए गए सिक्के कहलाते थे ?

जयपुर ⁠‌​‌​​‌‌​‌‌‌​‌​​​⁠के कच्छवाहा शासकों द्वारा संचालित मुद्रा को झाड़शाही कहा जाता है। जयपुर रियासत के मुगलों के साथ निकट संबंध होने के कारण, कछवाहों को अपनी टकसाल स्थापित करने की आज्ञा अन्य राजस्थानी राज्यों की तुलना में बहुत पहले ही प्राप्त हो गई थी। जयपुर की मुद्रा को ‘झाड़शाही’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि उसके ऊपर 6 टहनियों के झाड़ का चिह्न बना रहता था।…

Q.4 सहायक सांख्यिकी अधिकारी-2019

महारानी अमर कुँवरी बूँदी नरेश महाराव बुद्धसिंह की पत्नी थी और वह बहिन थी-

महारानी ⁠‌​‌​‌‌​​‌‌​‌‌​​‌⁠अमर कुँवरी (जिन्हें कच्छवाही रानी भी कहा गया है), जयपुर के शासक सवाई जयसिंह की बहन थीं और उनका विवाह बूँदी के महाराव बुद्धसिंह के साथ हुआ था। बूँदी राज्य के उत्तराधिकार को लेकर सवाई जयसिंह और बुद्धसिंह के मध्य उत्पन्न हुए तनाव ने राजस्थान के इतिहास को एक नया मोड़ दिया।…

Q.5 कनिष्ठ अनुदेशक-10.09.2022

राजस्थान के जिस शहर को सी.वी. रमन ने ‘आयलैंड ऑफ ग्लोरी’ नाम दिया है, वह है ?

प्रख्यात ⁠‌​​‌​​​‌​‌‌​‌‌​‌‌⁠भौतिक विज्ञानी सी.वी. रमन ने राजस्थान के जयपुर शहर को ‘आयलैंड ऑफ ग्लोरी’ (रंग श्री द्वीप) की उपाधि दी थी। जयपुर की स्थापना 18 नवंबर, 1727 को सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा की गई थी और इसके प्रधान वास्तुकार बंगाली पंडित विद्याधर थे। यह शहर अपनी विशिष्ट वास्तुकला और नौ वर्गों के सिद्धांत पर आधारित नियोजन के लिए प्रसिद्ध है।…

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Q.6 कथन आधारित

आमेर के शासक राजा मानसिंह प्रथम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. उड़ीसा विजय के बाद राजा मानसिंह को बिहार के अतिरिक्त बंगाल का सूबेदार भी बनाया गया।
  2. राजा मानसिंह ने राजा केदार से शिलामाता की मूर्ति लाई और उसे आमेर के महलों में प्रतिष्ठित किया।
  3. राजा मानसिंह 1605 ई. तक बंगाल व बिहार के सूबेदार रहे।
  4. राजा मानसिंह की मृत्यु 6 जुलाई, 1614 को एलिचपुर में अहमदनगर अभियान के दौरान हुई।

निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

आमेर ⁠‌​​​‌‌‌​‌‌​​​‌​​​​​⁠के शासक राजा मानसिंह प्रथम ने 1592 ई. में उड़ीसा के अफगान शासक नासिर खाँ को पराजित किया, जिसके बाद उन्हें बिहार के अतिरिक्त बंगाल का सूबेदार भी बनाया गया। बंगाल की सूबेदारी के दौरान उन्होंने पूर्वी बंगाल के राजा केदार को पराजित किया और 1604 ई. में वहां से शिलामाता की मूर्ति लेकर आए, जिसे आमेर के महलों में प्रतिष्ठित किया गया।…

Q.7 कथन आधारित

मिर्जा राजा जयसिंह के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिए:

  1. वे 11 वर्ष की आयु में आमेर के राजा बने।
  2. शाहजहाँ ने 1638 ई. में उन्हें ‘मिर्जा राजा’ की पदवी से सम्मानित किया।
  3. पुरन्दर की संधि 11 जून, 1665 को शिवाजी व जयसिंह के मध्य हुई।
  4. उनका देहान्त 8 सितम्बर, 1667 ई. को दक्षिण से वापस आते समय बुरहानपुर में हुआ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन से सही हैं?

मिर्जा ⁠‌​​​‌‌‌​‌‌​​​‌​​​​‌⁠राजा जयसिंह का जन्म 1611 ई. में हुआ था और वे मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में 23 दिसम्बर, 1621 ई. को आमेर के शासक बने। उन्होंने तीन मुगल बादशाहों— जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब के साथ कार्य किया। शाहजहाँ ने 1638 ई. में उन्हें ‘मिर्जा राजा’ की पदवी से सम्मानित किया।…

Q.8 सुमेलित करें

आमेर (जयपुर) के कच्छवाह शासकों और उनकी मुगलकालीन या अन्य उपाधियों के संदर्भ में सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए-

सूची-I (शासक) सूची-II (उपाधियाँ)
1. भारमल (A) मिर्जा राजा तथा फर्जन्द
2. मानसिंह-I (B) ब्रजनिधि
3. जयसिंह-II (C) अमीर-उल-उमरा तथा राजा
4. सवाई प्रताप सिंह (D) सवाई तथा राजराजेश्वर
5. सवाई राम सिंह-II (E) बब्बर शेर
6. सवाई माधो सिंह-II (F) सितार-ए-हिंद

सही कूट का चयन कीजिए:

आमेर ⁠‌​​​‌‌​​​‌​‌​‌‌​‌‌​⁠के कच्छवाह शासकों को विभिन्न मुगल सम्राटों और ब्रिटिश सरकार द्वारा उनकी सेवाओं के आधार पर विशिष्ट उपाधियाँ प्रदान की गई थीं। राजा भारमल मुगल अधीनता स्वीकार करने वाले और मुगलों के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करने वाले प्रथम राजपूत शासक थे, जिन्हें अमीर-उल-उमरा और राजा की उपाधि दी गई थी।…

Q.9 अभिकथन-कारण तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2025, QUESTION BOOKLET, Measures for Preventions of Unfair Means in Recruitment Act, 2022 and Amendment Act, 2023

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।

अभिकथन A : जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह II ने कुल तीन जंतर मंतर बनवाये थे।
कारण R : जयपुर स्थित जंतर मंतर सभी खगोलीय वेधशालाओं में सबसे बड़ा माना जाता है।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

जयपुर ⁠‌​‌‌‌​‌​‌‌‌​​​​‌‌‌⁠के महाराजा सवाई जय सिंह II ने खगोल विज्ञान और ज्योतिष की गणनाओं के लिए भारत में खगोलीय वेधशालाओं का निर्माण करवाया था, जिन्हें जंतर-मंतर कहा जाता है। महाराजा सवाई जय सिंह II ने कुल पाँच शहरों में जंतर-मंतर बनवाये थे: दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी और मथुरा। अभिकथन A में यह संख्या तीन बताई गई है, इसलिए अभिकथन A गलत है।…

Q.10 क्रम व्यवस्थित करें Asst. Professor- 7.1.2024

कच्छवाहा वंश के निम्न शासकों को कालक्रमानुसार (पहले से बाद तक) व्यवस्थित कीजिए-
1. सवाई जयसिंह तृतीय
2. सवाई जगतसिंह
3. सवाई माधोसिंह द्वितीय
4. सवाई रामसिंह द्वितीय

जयपुर ⁠‌​‌​​‌​​‌‌​‌‌‌​‌​‌⁠के कच्छवाहा वंश के शासकों का सही कालानुक्रमिक विवरण निम्न है:

  1. सवाई जगतसिंह (1803 - 1818 ई.): इन्होंने 1807 में गिगोली का युद्ध लड़ा और 1818 में ईस्ट इंडिया कंपनी से संधि की। इन्हें ‘जयपुर का बदनाम शासक’ भी कहा जाता है। इनके बाद सवाई जयसिंह तृतीय शासक बने।
  2. सवाई जयसिंह तृतीय: ये सवाई जगतसिंह के बाद शासक बने।
    3.…
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