Testline

राजस्थान इतिहास

किसान आंदोलन

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 SI Platoon Commander 13 Sep. 2021

बिजोलिया किसान आंदोलन के प्रणेता निम्न में से कौन थे-

बिजोलिया ⁠‌‌‌‌‌‌‌‌​‌‌⁠किसान आंदोलन 1897 से 1941 तक मेवाड़ रियासत में चला। विजयसिंह पथिक को इस आंदोलन का मुख्य प्रणेता माना जाता है। उन्होंने 1916 में साधु सीताराम दास के आग्रह पर इस आंदोलन का नेतृत्व संभाला तथा किसानों को सुनियोजित ढंग से एकत्रित किया।…

Q.2 SR. TEACHER GR II 2018 A

इनमें से कौन बिजोलिया किसान आन्दोलन से सम्बन्धित नहीं था-

बिजोलिया ⁠‌‌‌‌‌‌‌‌‌​​⁠किसान आन्दोलन (1897-1941) मेवाड़ रियासत में हुआ था, जिसमें निम्नलिखित व्यक्तित्वों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:

  • साधु सीताराम दास: इन्होंने आन्दोलन के प्रथम चरण का नेतृत्व किया और 1916 में विजय सिंह पथिक को आन्दोलन से जुड़ने का आग्रह किया।
  • विजय सिंह पथिक: इन्होंने 1916 में आन्दोलन का नेतृत्व संभाला।…

Q.3 व.अ.(अंग्रेजी) 2011,मोटर वाहन परीक्षा-2022, MVSI 12 Feb. 2022 I, व.अ. (अंग्रेजी) 2011,मोटर वाहन परीक्षा-2022

सीकर आंदोलन की उल्लेखनीय महिला नेता कौन थी-

सीकर ⁠‌‌‌‌‌‌‌‌‌​‌⁠किसान आंदोलन की सबसे प्रमुख महिला नेता किशोरी देवी थीं। उनके नेतृत्व में 25 अप्रैल, 1934 को सीकर जिले के कटराथल में एक विशाल महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया था। यह सम्मेलन सीहोट के ठाकुर मानसिंह द्वारा सोतिया का बास नामक गाँव में किसान महिलाओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार के विरोध में आयोजित हुआ था।…

Q.4 SR. TEACHER GR II 2018 B

श्रीमती रमा देवी राजस्थान के किस किसान आन्दोलन से सम्बद्ध रही-

श्रीमती ⁠‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌⁠रमा देवी राजस्थान की एक प्रमुख महिला स्वतंत्रता सेनानी थीं, जिनका जन्म जयपुर में वैद्य गंगासहाय के परिवार में हुआ था। रमा देवी का नाम मुख्य रूप से बिजोलिया किसान आंदोलन से जुड़ा हुआ है। वर्ष 1931 में बिजोलिया किसान आंदोलन के दौरान वे बिजोलिया पहुँचीं, जहाँ उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।…

Q.5 कथन आधारित QUESTION BOOKLET, तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2025

भरतपुर किसान आंदोलन से संबंधित निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा असत्य है?

a. भूमि राजस्व बढ़ाने के लिए, 1931 में भरतपुर राज्य में नवीन भूमि बंदोबस्त कार्यान्वित किया गया था।
b. भूमि राजस्व अधिकारियों ने भूमि राजस्व में इस वृद्धि के विरोध में एक आंदोलन शुरू किया।
c. राज्य सरकार ने मेवों को शांत करने के लिए एक मुस्लिम सदस्य खान बहादुर काजी अजीजुद्दीन बिलग्रामी को राज्य परिषद् में शामिल किया।
d. यह आंदोलन नवंबर 1931 में भोजी लंबरदार की गिरफ्तारी के साथ समाप्त हुआ।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

भरतपुर ⁠‌​​‌​​‌‌​​‌‌‌​​​‌‌‌⁠रियासत में 1931 में नया भूमि बंदोबस्त लागू किया गया था, जिसके तहत भू-राजस्व में वृद्धि की गई। इस वृद्धि के विरोध में लंबरदारों (गांव के मुखिया जो राजस्व वसूली का कार्य करते थे) ने आंदोलन शुरू किया था, न कि भूमि राजस्व अधिकारियों ने। 23 नवंबर, 1931 को भोजी लंबरदार के नेतृत्व में लगभग 500 किसान भरतपुर में एकत्रित हुए।…

इस topic के 10 और सवाल

Q.6 कथन आधारित

बूँदी किसान आन्दोलन के बारे में विचार करें -इनमें से सत्य कथन का चयन कीजिए-
(1) बूँदी के किसान ऊँची लगान दरों, लागतों, बेगार एवं भ्रष्ट शासन से पीड़ित थे ।
(2) 1921-22 में हरिभाई किंकर, रामनारायण चौधरी व पण्डित नयनूराम शर्मा ने बूँदी के बरड़ क्षेत्र के किसानों को संगठित व जागृत करने का कार्य किया ।
(3) अप्रैल 1922 में बूँदी राज्य के बरड़ क्षेत्र के किसानों द्वारा बूँदी प्रशासन के विरुद्ध आंदोलन शुरू कर दिया ।
(4) इस आंदोलन का नेतृतव राजस्थान सेवा संघ के कार्यकर्ता जयनारायण व्यास ने किया था ।

बूँदी ⁠‌‌​​​​​​‌​​‌‌​‌‌​⁠किसान आन्दोलन (बरड़ किसान आन्दोलन) के बारे में निम्नलिखित तथ्य सत्य हैं:

  1. बूँदी के किसान ऊँची लगान दरों, विभिन्न प्रकार की लागतों, बेगार और प्रशासन के विरुद्ध संघर्ष कर रहे थे। राज्य में लगभग 25 प्रकार की लागें और ऊँची दरों पर लगान वसूला जा रहा था।
    2.…

Q.7 सुमेलित करें स्कूल व्याख्याता परीक्षा 2024 Set D, Lecturer & Coach Comp. Exam - 2024 (Sec. Edu. Dept.)

सूची-I और सूची-II को मिलाइए और नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनें :

सूची-I सूची-II
A. नीमूचणा हत्याकांड i. अलवर
B. डाबी घटना ii. सीकर
C. कांगड घटना iii. बूंदी
D. कूदन घटना iv. बीकानेर

कूट :
A B C D

सूची-I ⁠‌​​‌​​‌​‌‌‌‌‌​‌‌​​⁠और सूची-II का सही मिलान इस प्रकार है:

A. नीमूचणा हत्याकांड - i. अलवर
B. डाबी घटना - iii. बूंदी
C. कांगड घटना - iv. बीकानेर
D. कूदन घटना - ii. सीकर

नीमूचणा हत्याकांड (अलवर): 14 मई, 1925 को अलवर के नीमूचाणा गांव में लगान वृद्धि के विरोध में एकत्रित किसानों पर सैनिक बलों ने मशीनगनों से फायरिंग की।…

Q.8 अभिकथन-कारण CET (GRADUATION) EXAM-27.09.2024, QUESTION BOOKLET

नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन (I) : बिजोलिया किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए, उदयपुर की राज्य सरकार ने अप्रैल 1919 में, एक आयोग का गठन माण्डलगढ़ हाकीम बिन्दूलाल भट्टाचार्य की अध्यक्षता में गठित किया। आयोग ने किसानों के हित के लिए अनेक अनुशंसाएँ की।
कथन (II) : भारतीय सरकार के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का मानना था कि बिजोलिया किसान पंचायत से गठबंधन की तुरन्त स्थापना की जाए अन्यथा राजपूताना में किसान आंदोलन एक हिंसात्मक रूप ले सकता है।

उपर्युक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।

बिजोलिया ⁠‌‌​​​​​​​‌‌‌‌‌‌​‌⁠किसान आंदोलन के दौरान किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए उदयपुर की राज्य सरकार ने अप्रैल 1919 में बिन्दूलाल भट्टाचार्य की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया। इस आयोग में मांडलगढ़ के हाकीम बिन्दूलाल भट्टाचार्य के अलावा दीवान अफजल अली और अमरसिंह राणावत सदस्य के रूप में शामिल थे। आयोग ने किसानों के हित के लिए अनेक अनुशंसाएँ कीं।…

Q.9 क्रम व्यवस्थित करें तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2025, Primary School Teacher 2025

राजस्थान में बिजौलिया किसान आंदोलन से संबंधित निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें।

(a) आंदोलन के नेता के रूप में जमनालाल बजाज
(b) राजपूताना में गवर्नर जनरल के एजेंट सहित भारत सरकार द्वारा उच्च शक्ति प्राप्त समिति की नियुक्ति
(c) आंदोलन के नेता के रूप में विजय सिंह पथिक
(d) साधु सीताराम दास के नेतृत्व में ज्ञापन
(e) तलवार बंधाई लाग की आड़ में कुछ नवीन कर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

बिजौलिया ⁠‌​‌‌‌‌​​​‌​​‌‌‌​​​⁠किसान आंदोलन (1897-1941) राजस्थान का प्रमुख किसान आंदोलन था। इसकी प्रमुख घटनाओं का सही कालानुक्रमिक विवरण निम्नलिखित है:

  • तलवार बंधाई लाग (e): 1906 में बिजौलिया के नए जागीरदार ने ‘तलवार बंधाई’ के रूप में नवीन कर लगाया, जिससे किसानों में असंतोष व्याप्त हुआ।…

Q.10 बहु-विकल्प महा.सांख्यिकी अधिकारी (25.08.2024), A.S.O. (Agri. Deptt.) 25 Aug 2024, ASO Exam - 25.08.2024

बिजोलिया आन्दोलन के विषय में कौनसे कथन सत्य हैं?
1. 1903 ई. में राव कृष्ण सिंह ने बिजोलिया क्षेत्र में चंवरी कर लगाया।
2. पृथ्वी सिंह ने मेवाड़द्वारा नये जागीरदार से’तलवार बंधाई’ के रूप में ली गई रकम का भार जनता पर डाल दिया।
3. विरोध स्वरूप किसानों ने सम्पूर्ण जागीर में हल नहीं चलाया।
4. पृथ्वी सिंह ने गलती को समझा और किसानों को कुछ रियायतें देने की घोषणा की।

सही उत्तर का चयन कीजिए -

बिजोलिया ⁠‌‌​​​​​​​‌‌‌‌‌​​‌⁠किसान आन्दोलन के दौरान 1903 ई. में यहाँ के राव कृष्ण सिंह ने किसानों पर चंवरी कर लागू किया। इस अपमानजनक कर के तहत किसानों को अपनी पुत्री के विवाह के अवसर पर ठिकाने में राशि जमा करवानी पड़ती थी। कृष्ण सिंह की मृत्यु के पश्चात् 1906 ई. में पृथ्वी सिंह बिजोलिया के नए स्वामी बने।…

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