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राजस्थान इतिहास

प्रजामंडल आंदोलन

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 JEN (विद्युत) डिप्लोमा-2020,उद्योग विभाग (अन्वेषक)-2018,पुलिस राज. कांस्टेबल- 14.07.2018

1938 में जयपुर प्रजा मण्डल के अध्यक्ष निम्न में से कौन थे-

जयपुर ⁠‌​​​​‌​​‌‌​​⁠प्रजामण्डल राजस्थान का प्रथम प्रजामण्डल था। इसकी स्थापना सर्वप्रथम 1931 ई. में कर्पूरचन्द पाटनी और जमनालाल बजाज के प्रयासों से हुई थी। वर्ष 1936 ई. में जमनालाल बजाज द्वारा इस प्रजामण्डल का पुनर्गठन किया गया, जिसमें चिरंजीलाल मिश्र को अध्यक्ष एवं हीरालाल शास्त्री को महामंत्री बनाया गया। वर्ष 1938 ई.…

Q.2 कृषि अधिकारी 2013,व.अ. (संस्कृत विभाग) - 17.02.2019,Sr. Teacher Grade - II 2018 Group A

1936 मे मेघाराम ने किस स्थान पर बीकानेर प्रजा मण्डल की स्थापना की-

बीकानेर ⁠‌​​​​‌​​‌‌​‌⁠प्रजा मण्डल की स्थापना 4 अक्टूबर, 1936 को मघाराम वैद्य द्वारा कलकत्ता (कोलकाता) में की गई थी। इसके अध्यक्ष मघाराम वैद्य बनाए गए। लक्ष्मीदास को मंत्री और भिक्षालाल बोहरा को कोषाध्यक्ष चुना गया।…

Q.3 कॉलेज लेक्चरर-2016

1941 ईस्वी में मेवाड़ प्रजामंडल के प्रथम वार्षिक अधिवेशन का उद्घाटन किसके द्वारा किया गया -

मेवाड़ ⁠‌‌​‌‌​‌​‌‌​​‌‌⁠प्रजामंडल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 को की गई थी। इसके प्रथम अध्यक्ष बलवंत सिंह मेहता थे और माणिक्य लाल वर्मा ने इसकी स्थापना में मुख्य भूमिका निभाई। प्रजामंडल का प्रथम वार्षिक अधिवेशन वर्ष 1941 में आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण अधिवेशन का उद्घाटन आचार्य जे. बी. कृपलानी द्वारा किया गया था।…

Q.4 R.A.S. Pre Exam (cancelled), 1999,JEN (Mech.) Degree (TSP) - 16.10.2016

डूंगरपुर प्रजामंडल की स्थापना 1944 में की गई -

डूंगरपुर प्रजामंडल ⁠‌‌​‌‌​‌​‌‌​‌​​⁠की स्थापना 1944 में भोगीलाल पांड्या द्वारा की गई थी। भोगीलाल पांड्या को उनके द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों और जनजातीय जागृति के कार्यों के कारण ‘वागड़ के गांधी’ के उपनाम से जाना जाता है। इस प्रजामंडल के गठन का मुख्य उद्देश्य रियासत में नागरिक अधिकारों की प्राप्ति और उत्तरदायी शासन की स्थापना करना था।…

Q.5 कथन आधारित सांख्यिकी अधिकारी-25.02.2024

निम्नलिखित में से कौन बीकानेर प्रजामण्डल आन्दोलन से सम्बन्धित थे?
1. मघाराम वैद्य
2. भिक्षालाल बोहरा
3. लक्ष्मण दास स्वामी

बीकानेर ⁠‌​‌​​‌​‌​​​​​‌​‌​‌⁠प्रजामण्डल की स्थापना 4 अक्टूबर, 1936 को कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में की गई थी। इस संस्था की स्थापना में मघाराम वैद्य, लक्ष्मीदास (लक्ष्मण दास स्वामी) और भिक्षालाल बोहरा की मुख्य भूमिका थी। मघाराम वैद्य को इस प्रजामण्डल का अध्यक्ष बनाया गया था। लक्ष्मीदास को मंत्री और भिक्षालाल बोहरा को कोषाध्यक्ष चुना गया था।…

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Q.6 कथन आधारित RPSC प्रधानाध्यापक परीक्षा-2018

मेवाड़ प्रजामण्डल के प्रमुख नेता जिन्हें भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान 21 अगस्त 1942 को गिरफ्तार किया गया वे थे?
1. माणिक्य लाल वर्मा
2. बलवन्त सिंह मेहता
3. चिरंजीलाल मिश्रा
4. मोहन लाल सुखाड़िया

मेवाड़ ⁠‌​‌​​‌​‌‌‌​‌‌‌‌‌‌​⁠प्रजामण्डल की स्थापना अप्रैल 1938 में माणिक्य लाल वर्मा ने की थी, जिसके अध्यक्ष बलवन्त सिंह मेहता और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा थे। भारत छोड़ो आन्दोलन (1942) के दौरान मेवाड़ प्रजामण्डल ने सक्रिय भूमिका निभाई। माणिक्य लाल वर्मा ने 8 अगस्त 1942 के ऐतिहासिक सत्र में भाग लिया था।…

Q.7 सुमेलित करें CET : 07.01.2023 (S-1), CET - 2023

सुमेलित नहीं है ?

दिए ⁠‌​‌​​​​‌‌‌‌‌​‌​​​⁠गए विकल्पों में हरिमोहन माथुर का संबंध करौली से नहीं है, इसलिए विकल्प D सुमेलित नहीं है। करौली राज्य प्रजामण्डल की स्थापना 1938 ई. में त्रिलोक चन्द माथुर ने चिरंजी लाल शर्मा और कुंअर मदन सिंह के सहयोग से की थी। त्रिलोक चन्द माथुर इसके प्रथम अध्यक्ष थे। अन्य विकल्पों का विवरण इस प्रकार है:…

Q.8 अभिकथन-कारण तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2025, QUESTION BOOKLET

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में।

अभिकथन A: कोटा राज्य में जनजागरण के प्रणेता पंडित नयनूराम शर्मा थे, उन्होंने थानेदार के पद से त्यागपत्र दिया।
कारण R: 1939 में कोटा राज्य में उत्तरदायी शासन की स्थापना के प्रयोजन से पंडित नयनूराम शर्मा और पंडित अभिन्न हरि ने कोटा राज्य प्रजामंडल की स्थापना की थी।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

कोटा ⁠‌​‌​​​​‌‌​​‌‌‌​​‌‌⁠राज्य में जनजागरण और राजनीतिक चेतना लाने का श्रेय पंडित नयनूराम शर्मा को दिया जाता है। वे राजस्थान सेवा संघ के सक्रिय सदस्य थे और उन्होंने राजकीय सेवा का त्याग कर सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया था। उन्होंने सर्वप्रथम बेगार प्रथा के विरुद्ध कोटा में आंदोलन चलाया। 1934 ई.…

Q.9 क्रम व्यवस्थित करें SR. TEACHER (SANSKRIT EDU.) (Group B), 12 Feb 2023

राजस्थान के निम्नलिखित प्रजामंडलों पर विचार कीजिए:
(i) मारवाड़
(ii) मेवाड़
(iii) बाँसवाड़ा
इनका स्थापना के अनुसार सही कालानुक्रम हैः

राजस्थान ⁠‌‌​​​​​​​‌​‌‌​‌​​⁠के प्रजामंडल आंदोलनों का मुख्य उद्देश्य रियासतों में उत्तरदायी शासन की स्थापना करना था। इन प्रजामंडलों की स्थापना का सही कालानुक्रम उनके स्थापना वर्ष के आधार पर निर्धारित किया जाता है:

  • मारवाड़ प्रजामंडल की स्थापना वर्ष 1934 में हुई थी। इसके प्रथम अध्यक्ष भंवरलाल सर्राफ थे।…

Q.10 बहु-विकल्प

निम्न में से कौनसे नेता ‘मारवाड़ प्रजामंडल’ की स्थापना से संबंध थे?

  1. छगनलाल चौपासनी वाला

  2. अभयमल मेहता

  3. भंवरलाल सर्राफ

  4. मीठालाल व्यास

कूट :

मारवाड़ ⁠‌‌‌​​​‌‌‌‌​‌​‌​‌⁠प्रजामंडल (जोधपुर प्रजामंडल) की स्थापना वर्ष 1934 में हुई थी। इसके अध्यक्ष भंवरलाल सर्राफ थे और अभयमल मेहता (अथवा अभयमल जैन) को मंत्री बनाया गया था। छगनलाल चौपासनी वाला इस क्षेत्र के एक सक्रिय नेता थे, जिन्होंने 1931 में ‘बाल भारत सभा’ की स्थापना की थी और मारवाड़ के आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

विकल्पों का विश्लेषण:
1.…

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