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राजस्थान इतिहास

प्रमुख व्यक्तित्व (स्वतंत्रता सेनानी)

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 RAS (प्रारम्भिक) परीक्षा-2007,आर्थिक अन्वेक्षक (उद्योग विभाग)-2018,व.अ. परीक्षा 2004, व.अ. परीक्षा 2004,RAS (प्रारम्भिक) परीक्षा-2007,आर्थिक अन्वेषक (उद्योग विभाग)-23.10.2018

‘बागड़ प्रदेश के गांधी’ के नाम से विख्यात स्वतंत्रता सेनानी थे-

भोगीलाल पाण्ड्या ⁠‌​​​​​​‌​​‌‌⁠को राजस्थान के डूंगरपुर और बांसवाड़ा क्षेत्र, जिसे बागड़ के नाम से जाना जाता है, में सामाजिक सुधारों और शिक्षा के प्रसार के लिए ‘बागड़ का गांधी’ कहा जाता है। इनका जन्म 1904 में डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा गाँव में हुआ था। इन्होंने बागड़ क्षेत्र में आदिवासियों और दलितों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।…

Q.2 Jr. Inst. (Mech. Diesel) Exam - 23.10.2019,JEN (Mech.) Degree Exam - 18.12.2020

‘आर्थिक सशक्तीकरण के बिना राजनैतिक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं’ यह किसने कहा था?

शान्ति ⁠‌​​​​‌​​‌​​​⁠त्रिवेदी (शांता त्रिवेदी) का जन्म नागपुर में हुआ था, लेकिन उनकी मुख्य कर्मभूमि उदयपुर रही। उन्होंने 1947 में उदयपुर में ‘राजस्थान महिला परिषद्’ की स्थापना की थी। उनका मानना था कि ‘आर्थिक सशक्तीकरण के बिना राजनैतिक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं’।…

Q.3 तृतीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा - 2022,Animal Attendant - 2023

परमवीर चक्र से सम्मानित होने वाला प्रथम राजस्थानी कौन था-

परमवीर ⁠‌‌​‌‌‌‌‌​​​‌‌⁠चक्र से सम्मानित होने वाले राजस्थान के प्रथम गौरवशाली सैनिक मेजर पीरू सिंह शेखावत थे। उनका जन्म 20 मई 1918 को राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रामपुर बेरी गाँव में हुआ था। वे राजपूताना रायफल्स में भर्ती हुए थे।…

Q.4 Highcourt LDC-2022, Rajasthan High Court - 13 March, 2022, Highcourt LDC-13.03.2022

राजस्थान के किस शासक ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया?

बीकानेर ⁠‌‌​​​‌​‌​‌​​‌‌⁠के महाराजा गंगा सिंह राजस्थान के शासक थे जिन्होंने लंदन में आयोजित तीनों गोलमेज सम्मेलनों (1930, 1931 और 1932) में भाग लिया था। द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। महाराजा गंगा सिंह को ‘राजस्थान का भगीरथ’ कहा जाता है क्योंकि उन्होंने 1927 ई. में गंग नहर का निर्माण करवाया था।…

Q.5 कथन आधारित II Grade GK (संस्कृत शिक्षा) -17.02.2019, II Grade (Sanskrit Edu.) 17 Feb. 19, RPSC 2nd Grade (Sans. Edu) Exam-1.02.2019

विजयसिंह पथिक से सम्बन्धित निम्न कथनों पर विचार कीजिए-

(i) रासबिहारी बोस के क्रान्तिकारी दल से सम्बन्धित थे।
(ii) इन्होने विद्या प्रचारिणी सभा की स्थापना की।
(iii) इन्होंने सेवा समिति की स्थापना की।
(iv) साधु सीताराम दास के साथ मिलकर एक अखाड़ा स्थापित किया ।

उपर्युक्त में से कौनसे कथन सही है?

विजय ⁠‌‌​​​​​​​‌‌‌‌‌‌​​⁠सिंह पथिक, जिनका वास्तविक नाम भूप सिंह था, भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी और बिजौलिया किसान आंदोलन के जनक थे। वे रासबिहारी बोस के क्रांतिकारी दल से संबंधित थे और अजमेर में सशस्त्र क्रांति की क्रियान्विति व क्रांतिकारियों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बिजौलिया में उनका संपर्क साधु सीताराम दास से हुआ।…

इस topic के 10 और सवाल

Q.6 कथन आधारित CET-8.1.2023 (S-I), QUESTION BOOKLET

मॉर्ले-मिन्टो सुधारों का उद्देश्य था -
1. शिक्षा को बढ़ावा
2. प्रांतीय विधानसभा में दलितों के लिए आरक्षित सीटें
3. मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचक मंडल
4. केन्द्रीय विधान परिषद में सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी

मार्ले-मिन्टो सुधार (1909) ⁠‌​​​‌‌​​​​​‌​​‌‌​​⁠का मुख्य उद्देश्य भारत परिषद अधिनियम, 1892 के दोषों को दूर करना और मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचक मंडल की व्यवस्था करना था। इसके माध्यम से ब्रिटिश सरकार ने ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति को बढ़ावा दिया, जिसमें मुस्लिम सदस्यों का चुनाव मुस्लिम मतदाता ही कर सकते थे।…

Q.7 सुमेलित करें Agriculture Supervisor- 04 Feb 2024

सूची 1 के साथ सूची II का मिलान कीजिए -

सूची 1 (स्वतंत्रता सेनानी) सूची II (स्थान)
a. कुमान कुसुम गुप्ता I. जोधपुर
b. लक्ष्मी देवी आचार्य II. उदयपुर
c. भगवती देवी III. बीकानेर
d. सावित्री देवी भाटी IV. कोटा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:-

राजस्थान ⁠‌​‌‌‌‌‌​‌​​​‌‌​​‌⁠के विभिन्न रियासतों में स्वतंत्रता आंदोलनों के दौरान महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। लक्ष्मी देवी आचार्य का संबंध बीकानेर से था। वह बीकानेर प्रजामण्डल के संस्थापकों में से एक थीं और उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान जेल की सजा भी काटी थी।…

Q.8 अभिकथन-कारण

नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) नाम दिया गया है। नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए-
कथन (A): स्वतंत्रता सेनानी सागरमल गोपा की जेल में हुई मृत्यु की जाँच के लिए ‘गोपाल स्वरूप पाठक’ आयोग का गठन किया गया था।
कारण (R): जेलर गुमानसिंह ने 3 अप्रैल 1946 को सागरमल गोपा को जैसलमेर जेल में जिंदा जला दिया था, जिसके बाद 4 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई।

स्वतंत्रता ⁠‌​​​‌‌​‌​​‌‌‌​​​​‌‌⁠सेनानी सागरमल गोपा ने जैसलमेर की निरंकुश राजशाही के विरुद्ध आवाज़ उठाई और ‘जैसलमेर का गुंडाराज’, ‘आजादी के दीवाने’ और ‘रघुनाथ सिंह का मुकदमा’ जैसी पुस्तकें लिखीं। इन गतिविधियों के कारण उन्हें 1941 में जेल में डाल दिया गया, जहाँ उन पर अमानवीय अत्याचार किए गए।…

Q.9 क्रम व्यवस्थित करें स्कूल व्याख्याता परीक्षा 2025 Set C

राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम में निम्नलिखित बलिदानियों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :

A. जोधपुर के बालमुकुन्द बिस्सा की शहादत
B. बीकानेर के बीरबल सिंह की शहादत
C. जैसलमेर के सागरमल गोपा की शहादत

कूट :

राजस्थान ⁠‌​​​‌‌​​​​​​‌‌‌​‌​⁠के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुए बलिदानों का सही कालक्रम उनके शहीद होने की तिथियों के आधार पर इस प्रकार है:

जोधपुर के बालमुकुन्द बिस्सा की शहादत 19 जून, 1942 को जेल में भूख हड़ताल और खराब स्वास्थ्य के कारण हुई थी; उन्हें अपनी दृढ़ता के कारण ‘राजस्थान का जतिन दास’ भी कहा जाता है।…

Q.10 बहु-विकल्प स्कूल व्याख्याता परीक्षा 2022 Set E, स्कूल व्याख्याता (Physical Edu.)-21.10.2022, School Lect. (Physical Edu.) Exam - 21.10.2022

आरा (नीमज) षडयंत्र काण्ड में निम्नलिखित में कौन-कौन से क्रांतिकारी सम्मिलित थे?
(i) मोती चन्द
(ii) अमीर चन्द
(iii) माणक चन्द
(iv) जयचन्द ।
कूट-

आरा ⁠‌‌​​​‌‌‌​‌‌‌‌​​​⁠(नीमज) षडयंत्र काण्ड माचत, 1913 में बिहार के आरा जिले में एक महंत की हत्या से संबंधित था। जयपुर के क्रांतिकारी अर्जुन लाल सेठी ने क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु 1907 में जयपुर में जैन शिक्षा सोसाइटी (जैन वर्धमान विद्यालय) की स्थापना की थी।…

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