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राजस्थान इतिहास

पुरातात्विक स्थल | सभ्यताएं

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 Sr. Teacher Grade - II 2018 Group A

किस पुरा-स्थल पर चित्रित शैलाश्रय प्राप्त हुए है?

राजस्थान ⁠‌​​​‌‌​‌‌​​‌⁠में बैराठ (कोटपुतली-बहरोड़) नामक स्थान से चित्रित शैलाश्रयों (गुफाओं) में आदिमानव द्वारा बनाए गए रेखांकन प्राप्त हुए हैं, जो प्रदेश की प्रारम्भिक चित्रण परम्परा को दर्शाते हैं।…

Q.2 CET Exam-11.02.2023 (134E)

धूलकोट कहां स्थित है-

आहड़ ⁠‌​​​‌‌​‌‌‌​‌⁠सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ या बेड़च नदी के किनारे स्थित है। स्थानीय भाषा में इसे ‘धूलकोट’ (मिट्टी का टीला) कहा जाता है। यह एक महत्वपूर्ण ताम्रयुगीन ग्रामीण सभ्यता थी। दसवीं-ग्यारहवीं शताब्दी में इसे ‘आघाटपुर’ या ‘आघाट दुर्ग’ के नाम से जाना जाता था। प्राचीनकाल में इसे ‘ताम्रवती नगरी’ भी कहा जाता था।…

Q.3 Lab Assistant (Home Science)- 30 June, 2022,Lect. (ayurveda) Shalya- 12 Nov. 2021,Forest Guard 11 Dec, 2022 Shift-II,Junior Instructor(Workshop)-10 Sep. 2022,Jail Prahari 13 Sep. 2017 (2),Junior Instructor (Welder) 26 March, 2019,RPSC Grade II- 31 Oct. 2018

निम्न में से किस स्थल को ताम्रवती नगरी के नाम से भी जाना जाता था-

उदयपुर ⁠‌​​​‌‌‌‌‌​​‌⁠जिले में बेड़च (आयड) नदी के किनारे स्थित आहड़ सभ्यता को प्राचीन काल में ताम्रवती नगरी के नाम से जाना जाता था क्योंकि यहाँ बड़ी मात्रा में ताँबे के उपकरण मिले हैं। 10वीं-11वीं शताब्दी में इसे आघाटपुर या आघाट दुर्ग के नाम से जाना जाता था, जबकि वर्तमान में इसे धूलकोट के नाम से जाना जाता है।…

Q.4 PSI - 14.09.2021,Agriculture Officer: 29.01.2013,House Keeper - 9.7.2022,AFN - 16.12.2018,Lab Assistent (Geography) - 30.06.2022,E.O. - 2007

राजस्थान में सभ्यता के किस स्थल पर सबसे प्रथम बार हल से जुते हुए खेत के साक्ष्य प्राप्त हुए -

राजस्थान ⁠‌​​‌​​​​​​‌‌⁠के कालीबंगा (हनुमानगढ़) सभ्यता स्थल से विश्व में सबसे प्राचीन हल से जुते हुए खेत के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। ये साक्ष्य प्राक्-हड़प्पा स्तर के हैं। यहाँ के खेतों में हल से बनी रेखाएं एक-दूसरे को समकोण पर काटती हुई मिली हैं, जिसे ग्रिड पद्धति या जाल पद्धति कहा जाता है।…

Q.5 कथन आधारित RAS 2021

आहड़ सभ्यता के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए -
1. आहड़वासी तांबा गलाना जानते थे।
2. ये लोग चावल से परिचित नहीं थे।
3. धातु का काम आहड़वासियों की अर्थव्यवस्था का एक साधन था।
4. यहाँ से काले-लाल रंग के मृद्भाण्ड मिले हैं, जिन पर सामान्यतः सफेद रंग से ज्यामितीय आकृतियां उकेरी गई हैं।
कूट : सही विकल्प का चयन कीजिए-

आहड़ ⁠‌​​​‌‌‌‌‌​​‌‌‌‌‌‌⁠सभ्यता, जो उदयपुर में आयड़ या बेड़च नदी के किनारे विकसित हुई, ताम्रयुगीन संस्कृति का एक प्रमुख केंद्र थी। इसे प्राचीनकाल में ताम्रवती नगरी कहा गया है क्योंकि यहाँ ताँबे के उपकरणों का अत्यधिक प्रयोग होता था। ताँबा गलाना और उससे उपकरण बनाना आहड़वासियों का प्रमुख व्यवसाय और उनकी अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख साधन था।…

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Q.6 कथन आधारित वनरक्षक-13.12.2022(S-I), वनरक्षक - 13.12.2022 (S-I)

सही कथनों को चुनिए - 1. विराटनगर जिसे पहले बैराठ के नाम से जाना जाता था, जोधपुर का एक हिस्सा था। 2. बैराठ, मौर्य साम्राज्य का हिस्सा था।

विराटनगर, ⁠‌​​​‌‌‌‌‌​‌​‌‌‌‌​⁠जिसे प्राचीन काल में बैराठ के नाम से जाना जाता था, ऐतिहासिक रूप से मत्स्य महाजनपद की राजधानी था। भौगोलिक दृष्टि से यह राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले (पूर्व में जयपुर) में स्थित है। यह क्षेत्र कभी भी जोधपुर का हिस्सा नहीं रहा है, जो राजस्थान के पश्चिमी भाग में स्थित है। अतः कथन 1 गलत है।…

Q.7 सुमेलित करें SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2022

निम्नलिखित में से कौन-सा एक युग्म सही सुमेलित नहीं है?

विकल्प ⁠‌​​​‌‌‌‌‌​​‌‌‌‌​​⁠C सही सुमेलित नहीं है। गणेश्वर सभ्यता राजस्थान के सीकर (वर्तमान नीम का थाना) जिले में कांतली नदी के किनारे स्थित एक महत्वपूर्ण ताम्रयुगीन पुरास्थल है। इसे भारत में ‘ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी’ और ‘पुरातत्त्व का पुष्कर’ कहा जाता है।…

Q.8 अभिकथन-कारण CET (10+2) : 24.10.2024 (S-II), CET (10+2) - 24 Oct 2024, Shift-IV, CET(10+2) Level Exam-24.10.2024 (Shift-II), Common Eligibility Test(Senior Secondary Level) - 2024 - Master Question Paper V23, QUESTION BOOKLET

नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन (I) : बालाथल राजस्थान का एक महत्त्वपूर्ण पुरातात्विक ताम्रपाषाणिक स्थल है।
कथन (II) : इसकी खोज वी.एन. मिश्र ने की थी। इसका हड़प्पा सभ्यता, से सम्पर्क उनके गृह निर्माण से प्रमाणित होता है।

उपयुक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :

बालाथल ⁠‌​​​‌‌‌‌‌​‌​‌​​‌‌⁠राजस्थान के उदयपुर जिले की वल्लभनगर तहसील में बेड़च नदी के निकट स्थित एक महत्वपूर्ण ताम्रपाषाणिक (Chalcolithic) पुरातात्विक स्थल है। इसकी खोज वर्ष 1962-63 में वी.एन. मिश्र द्वारा की गई थी। इसके उपरांत वर्ष 1993 में डॉ. वी.एन. मिश्र, डॉ. वी.एस. शिंदे और अन्य के नेतृत्व में यहाँ उत्खनन कार्य किया गया था।…

Q.9 बहु-विकल्प R.A.S. Pre. 02 Feb 2025, RAS PRE Exam - 02.02.2025, राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त (प्रा.) प्रतियोगी परीक्षा - 2024

निम्नलिखित में से ओझियाना के उत्खनन में कौन शामिल था/थे —
A. आर.सी. अग्रवाल
B. बी.आर.मीणा
C. आलोक त्रिपाठी

कूट:

ओझियाना ⁠‌​‌‌‌‌​‌‌‌​‌‌​‌‌​⁠पुरातात्विक स्थल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में बदनौर के पास स्थित है। यह स्थल आहड़ संस्कृति से संबंधित है, जिसका काल 2500 ईसा पूर्व से 1500 ईसा पूर्व तक माना जाता है। ओझियाना का उत्खनन कार्य वर्ष 2000 में बी. आर. मीणा (जिन्हें बी. एल. मीणा या बी. एल. मिश्रा भी संदर्भित किया गया है) और आलोक त्रिपाठी द्वारा करवाया गया था।…

Q.10 बहु-विकल्प

निम्न में से किन अवशेषों का संबंध बैराठ सभ्यता से नहीं है।

  1. स्वर्ण मंजूषा

  2. चांदी की पंचमार्क मुद्राएं

  3. तांबे की हरिण प्रतिमा

सही कूट का चयन कीजिए-

बैराठ ⁠‌‌‌‌​​‌​‌​​‌‌​‌‌⁠सभ्यता बाणगंगा नदी के किनारे स्थित एक महत्त्वपूर्ण स्थल है। इसका उत्खनन वर्ष 1936-37 में दयाराम साहनी द्वारा तथा 1962-63 में नीलरत्न बनर्जी एवं कैलाशनाथ दीक्षित द्वारा किया गया। यहाँ बीजक की पहाड़ी, भीमजी की डूंगरी तथा महादेवजी की डूंगरी में उत्खनन कार्य किया गया।…

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