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राजस्थान इतिहास

राजनीतिक चेतना

10 प्रश्न, सही उत्तर और solution के साथ

Q.1 व.अ. (गणित )-2011

अखिल भारतीय राज्य लोक परिषद् का प्रथम अधिवेशन हुआ-

अखिल ⁠‌​​​​​‌‌‌‌​‌⁠भारतीय देशी राज्य लोक परिषद् की स्थापना देशी रियासतों की जनता के मौलिक अधिकार प्राप्त करवाने और वहाँ उत्तरदायी शासन स्थापित करने के उद्देश्य से की गई थी। इसका प्रथम अधिवेशन 17-18 दिसंबर, 1927 को बम्बई (बॉम्बे) में आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन की अध्यक्षता दीवान रामचंद्र राव द्वारा की गई थी।…

Q.2 RPSC III GRADE -2006

राजस्थान में प्रकाशित सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र था —

राजस्थान ⁠‌​​​​​‌‌‌‌‌​⁠में प्रकाशित सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र सज्जन कीर्ति सुधाकर था। इसका प्रकाशन वर्ष 1879 में उदयपुर से प्रारंभ हुआ था। इस समाचार पत्र को महाराणा सज्जन सिंह ने प्रकाशित किया था और यह मेवाड़ राज्य का सरकारी गजट था। यह महर्षि दयानंद की प्रेरणा से निकाला गया एक साप्ताहिक पत्र था।…

Q.3 मूल्यांकन अधिकारी - 2020, मूल्यांकन अधिकारी -2020

‘तरूण राजस्थान’ समाचारपत्र किस संगठन से सम्बद्ध था-

तरूण राजस्थान ⁠‌​​​​‌​​​​​​⁠समाचारपत्र का सम्बन्ध राजस्थान सेवा संघ से था। इस संगठन की स्थापना 1919 में वर्धा में विजयसिंह पथिक, रामनारायण चौधरी और हरिभाई किंकर के योगदान से हुई थी। राजस्थान सेवा संघ ने राजनीतिक चेतना के प्रसार के लिए अजमेर से ‘नवीन राजस्थान’ नामक समाचारपत्र का प्रकाशन शुरू किया था, जो संघ का मुखपत्र था।…

Q.4 PRO-22.10.2019, PRO परीक्षा - 2019, PRO परीक्षा-2019

‘यश वैभव की चाह नहीं, परवाह नहीं जीवन न रहे, यदि इच्छा है तो यह है, जग में स्वेच्छाचार दमन न रहे।’ आदर्श वाक्य था —

‘यश ⁠‌​​​​‌​​​​​‌⁠वैभव की चाह नहीं, परवाह नहीं जीवन न रहे, यदि इच्छा है तो यह है, जग में स्वेच्छाचार दमन न रहे।’ यह प्रसिद्ध आदर्श वाक्य नवीन राजस्थान समाचार-पत्र का था। इस समाचार-पत्र का प्रकाशन 1922 ई. में अजमेर से राजस्थान सेवा संघ के मुखपत्र के रूप में प्रारंभ किया गया था। इसके संपादकों में किशोरसिंह वर्मा और रामनारायण चौधरी का नाम प्रमुख है।…

Q.5 कथन आधारित CET : 07.01.2023 (S-I), Common Eligibility Test(Graduation Level) - 2022 - Master Question Paper 131A

अधोलिखित कथनों को सावधानीपूर्वक पढ़कर सही कूट का चयन कीजिए-
1. 19वीं सदी के उत्तरार्द्ध में, मेवाड़ में देश हितैषिणी सभा की स्थापना की गई।
2. सभा का मुख्य उद्देश्य समाज सुधार था।

2 ⁠‌​‌​​‌​​‌‌‌‌​‌​​​‌⁠जुलाई, 1877 को मेवाड़ के तत्कालीन महाराणा सज्जन सिंह की अध्यक्षता में उदयपुर में ‘देश हितैषिणी सभा’ का गठन किया गया था। 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध (1877) में स्थापित यह सभा किसी भी रियासत में समाज सुधार का पहला संगठनात्मक प्रयास थी। इस सभा का मुख्य उद्देश्य समाज सुधार की दिशा में कार्य करना था।…

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Q.6 कथन आधारित Food Safety Officer - 27.06.2019,FSO-2023

निम्नलिखित व्यक्तियों पर विचार कीजिए -
1. गोपालदास
2. खूबराम
3. सत्यनारायण
4. मानमल जैन
इनमें से कौन बीकानेर राजद्रोह एवं षड्यंत्र मामले में सम्मिलित थे?

बीकानेर ⁠‌​‌​​‌​‌​​​​​​‌​​​⁠राजद्रोह एवं षड्यंत्र मामला 1932 में महाराजा गंगा सिंह के शासनकाल के दौरान शुरू हुआ था। इस मामले की पृष्ठभूमि लंदन में आयोजित गोलमेज सम्मेलन से जुड़ी है, जहाँ महाराजा की दमनकारी नीतियों को उजागर करने के लिए ‘बीकानेर दिग्दर्शन’ नामक पेमपलेट बांटे गए थे।…

Q.7 सुमेलित करें RAS PRE -2013

नीचे राजस्थान की स्वतंत्रता आंदोलनकारी महिलाओं की सूची दी गई है: सूची-1 और सूची-II को सुमेलित कीजिये और कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिये:

सूची-1 सूची-II
(A) सावित्री देवी भाटी (i) उदयपुर
(B) भगवती देवी (ii) जोधपुर
(C) लक्ष्मी देवी आचार्य (iii) कोटा
(D) कुमारी कुसुम गुप्ता (iv) बीकानेर

राजस्थान ⁠‌​‌‌​‌​​‌​​​‌​‌‌​⁠में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महिलाओं ने राजनीतिक चेतना में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सावित्री देवी भाटी का संबंध जोधपुर से था, जहाँ 1942 में मारवाड़ लोक परिषद के आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और उन्होंने महिलाओं को जागृत करने के लिए कठोर परिश्रम किया।…

Q.8 अभिकथन-कारण Asst. Archivist, 03 Aug 2024, RPSC Assistant Archivist Exam-03.08.2024

अभिकथन (A) : आर्य समाज के संस्थापक एवं प्रवर्तक स्वामी दयानन्द सरस्वती ने राजस्थान की रियासतों का भ्रमण कर समाज सुधार की प्रेरणा दी।
कारण (R) : वाल्टर कृत राजपूत हितकारिणी सभा के सुधार क्षेत्र की संकीर्णता ने भी इस सफल नहीं होने दिया।

अभिकथन ⁠‌​‌​​‌‌​​‌‌​​‌​‌‌​⁠(A) सत्य है क्योंकि स्वामी दयानन्द सरस्वती ने राजस्थान की रियासतों का भ्रमण कर समाज सुधार की प्रेरणा दी थी। वे सर्वप्रथम 1865 ई. में करौली आए और बाद में उदयपुर, जोधपुर तथा अजमेर जैसी रियासतों की यात्रा की। उदयपुर में 1883 ई. में उनके सान्निध्य में परोपकारिणी सभा की स्थापना हुई और उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश का द्वितीय संस्करण लिखा।…

Q.9 क्रम व्यवस्थित करें I Grade (Sans.Edu.) - 15.11.2022, RPSC स्कूल व्याख्याता (संस्कृत विभाग)-2022, RPSC स्कूल व्याख्याता (संस्कृत विभाग) - 2022

मारवाड़ के अधोलिखित राजनैतिक संगठनों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए-
(i) मारवाड़ हितकारिणी सभा,
(ii) मारवाड़ यूथ लीग,
(iii) मारवाड़ प्रजामण्डल,
(iv) मारवाड़ लोक परिषद्।

सही कूट का चयन कीजिए —

मारवाड़ ⁠‌‌​​‌‌‌​‌‌‌​‌‌​‌⁠के राजनैतिक संगठनों का सही कालक्रम उनके स्थापना वर्ष के आधार पर निम्नलिखित है:

  1. मारवाड़ हितकारिणी सभा: वर्ष 1923 में इसे पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया।
  2. मारवाड़ यूथ लीग: जयनारायण व्यास ने वर्ष 1931 में इसकी स्थापना की।
    3.…

Q.10 बहु-विकल्प Sr. Teacher (Sec. Edu. Deptt.) Exam - 2025

हरिनारायण शर्मा ने अलवर राज्य में जनचेतना के संचार हेतु निम्नलिखित में से कौन से कार्य किये थे ?

A. ‘आदिवासी संघ’ की स्थापना
B. ‘वाल्मीकि संघ’ की स्थापना
C. मंदिर में हरिजनों का प्रवेश
D. ‘अस्पृश्यता निवारण संघ’ की स्थापना

सही उत्तर का चयन कीजिए :

पंडित ⁠‌​​‌‌​‌​​‌‌‌​‌​​‌‌​⁠हरिनारायण शर्मा अलवर राज्य में जन जागृति लाने वाले प्रमुख नेता थे। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए और कई संस्थाओं की स्थापना की। उनके द्वारा किए गए प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:

  • अस्पृश्यता निवारण संघ: समाज से छुआछूत मिटाने हेतु उन्होंने इस संघ की स्थापना की।…
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